डाला गरमर आचार | Dala garmar aachar in Hindi

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द्वारा Dharmistha Kholiya
निर्मित तिथि 31st Jul 2017
  • डाला गरमर आचार, How to make डाला गरमर आचार
डाला गरमर आचारDharmistha Kholiya
  • डाला गरमर आचार | Dala garmar aachar in Hindi (5 लाइक्स )

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    निर्मित तिथि 31st Jul 2017

About Dala garmar aachar in hindi

यह गुजरातियों का मनपसंद आचार है , हॉर्स रैडिश नाम के पौधे के मूल को गरमर कहते है , और उसकी डालियों को डाला कहते है। बहुत ही कम सामग्री से बनाया जानेवाले इस आचार को पूरे साल तक रखा जा सकता है। डाला और गरमर अप्रैल और मई में मिलते है।

डाला गरमर आचार एक लोकप्रिय गुजराती व्यंजन है जो पुरे भारत में बहुत ही लोकप्रिय है। इसे आप किसी भी विशेष अवसर पर परोस सकते हैं। किसी भी त्यौहार या पार्टी में डाला गरमर आचार एक प्रभावशाली व्यंजन सिद्ध हो सकता है। डाला गरमर आचार का नाम सुनते ही भूख और भी ज्यादा बढ़ जाती है और कोई भी खुद को इसे खाने से रोक नहीं पाता है। डाला गरमर आचार को खाने पर इसकी हर एक बाईट में आपको एक अनोखा अनुभव मिलेगा। आप घर पर भी रेस्टोरेंट स्टाइल डाला गरमर आचार बना सकते हैं। इसे बनाना बहुत ही आसान है, बेटर बटर के डाला गरमर आचार इन हिंदी में आपको डाला गरमर आचार बनाने की आसान विधि मिल जाएगी जिसकी सहायता से आप इसे कभी भी बना सकते हैं। यह एक बहुत ही झटपट से बनने वाली रेसिपी है, इसकी तैयारी में 20 मिनट मिनट लगता है और पकाने में few मिनट लगता है। तो अगली बार जब भी आपके घर पे मेहमान आये तो देखना न भूलें इस रेसिपी को।

  • तैयारी का समय20मिनट
  • पकाने का समय0मिनट
  • पर्याप्त10लोग
डाला गरमर आचार रेसिपी

डाला गरमर आचार बनाने की सामग्री ( Dala garmar aachar Banane Ki Samagri Hindi Me )

  • 500 ग्राम गरमर
  • 500 ग्राम डाला
  • 500 ग्राम राजपूरी कच्ची कैरी
  • 100 ग्राम सरसों की दाल
  • 1 टेबलस्पून हल्दी पाउडर
  • नमक स्वादानुसार

डाला गरमर आचार बनाने की विधि ( Dala garmar aachar Banane Ki Vidhi Hindi Me )

  1. सबसे पहले डाला , गरमर और कैरी की अच्छे से धोकर सूखे कपडे से पोछ लीजिए।
  2. अब डाला से पत्ते और छिलके निकालकर 1 इंच के टुकड़ो में बारीक़ टुकड़ो में काट लीजिए।
  3. कैरी को भी 1 इंच लंबा व पतला काटकर डाला के साथ मिला लीजिए।
  4. अब गरमर के छिलके निकालकर 1 इंच लंबा काट कर कैरी और डाला के साथ मिलाते जाइए ( नहीतो गरमर काली पड सकती है)
  5. अब नमक, सरसों की दाल और हल्दी मिलाकर अच्छे से मिला लीजिए।
  6. 2 से 3 दिन आचार को दिन में दो बार उपर नीचे करते रहे। अब आचार को कांच की बोतल में भर दीजिए।
  7. डाला, गरमर और कैरी में से जो पानी छूटेगा उसी मे आचार बनकर तैयार हो जायेगा।
  8. 3 या 4 दिन के बाद आचार को खाने में इस्तेमाल कर सकते हो।
मेरी टिप: आचार को बहार भी रख सकते हो , लेकिन फ्रिज में रखने से रंग और स्वाद साल तक अच्छा रहेगा।

Reviews for Dala garmar aachar in hindi (1)

Astha Gulati3 months ago
Awesome...
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