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करवा चौथ 2020: महत्व,व्रत कथा और फास्टिंग टिप्स

Marketing Team | November 3, 2020

उत्सव का मौसम आखिरकार आ गया है! 

करवा चौथ देश भर में विवाहित महिलाओं द्वारा मनाए जाने वाले सबसे प्रसिद्ध और शुभ त्योहारों में से एक है। यह दिन जोश और उत्साह से भरा होता है और अपने पति के लिए प्यार का प्रतीक माना जाता है।

ज्यादातर उत्तर भारत में महिलाओं द्वारा मनाया जाने वाला करवा चौथ एक प्रमुख हिंदू त्योहार है। करवा चौथ का उत्सव हिंदू कैलेंडर के अनुसार, कार्तिका माह में पूर्णिमा के दिन या पूर्णिमा के चार दिन बाद मनाया जाता है।

करवा चौथ का महत्व-

इस दिन, विवाहित महिलाएं उपवास का पालन, बिना अन्न और पानी पिए ही करती है। ऐसा माना जाता है कि यह व्रत उनके पति की सुरक्षा और लंबी उम्र की रक्षा करता है। यह त्योहार दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, पंजाब, जम्मू और कश्मीर, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और हिमाचल प्रदेश में लोकप्रिय है। आंध्र प्रदेश में, त्योहार को अटाला तादे के रूप में मनाया जाता है।

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महत्वपूर्ण समय और महूरत 

दिन की योजना बनाते शुभ समय का अत्यधिक महत्व है और यथासंभव विशेष वर्ष के समय का पालन करने का प्रयास करें।

इस वर्ष करवा चौथ 4 नवंबर 2020 को मनाया जाएगा। आप शुभ दिन के लिए निम्नलिखित समय का उल्लेख कर सकते हैं-

करवा चौथ पूजा मुहूर्त – 06:04 pm से 07:19 pm तक

करवा चौथ उपवास का समय – 06:40 am से 08:52 pm तक

करवा चौथ के दिन चन्द्रोदय – 08:52 pm

चतुर्थी तिथि शुरू होती है – 03:24 am से 04 नवंबर, 2020 तक

चतुर्थी तृतीया समाप्त – 05:14 am 05 नवंबर, 2020 को

रसम रिवाज-

आमतौर पर करवा चौथ की तैयारियां कुछ दिन पहले ही की जाती हैं। महिलाएं पूजा के लिए श्रंगार, गहने और विभिन्न आवश्यक वस्तुएं खरीदती हैं। इसके बाद वे सूर्योदय से लेकर चंद्रोदय तक पानी और भोजन बिना रहते हैं। महिलाएं सुंदर मेंहदी और पारंपरिक कपड़ों से खुद को सजाकर त्योहार मनाती हैं।

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दिन के अंत में, करवा चौथ कथा को सुना जाता है । हिंदू पौराणिक कथाओं के अनुसार, इस पूजा में उपवास की कथा के माध्यम से देवी अखंड सौभाग्यवती की पूजा की जाती है। एक सामान्य पूजा की थाली में आमतौर पर करवा चौथ की कहानी की किताब, मथि, सिंदूर, लाल धागा (जिसे कलावा भी कहा जाता है), करवा (पानी से भरा एक पात्र), धूप, पान के पत्ते, घी, कपूर, आटे की बनी दीया, छलनी जैसे सामग्री होते है। कुछ मिठाइयाँ और अंत में पवित्र थाली को ढंकने के लिए एक लाल कपड़ा।

यह कथा पूजा शाम को महिलाये मिल-बैठके मनाते है और कथावाचक आमतौर पर एक पुजारी या आसपास की सबसे बुजुर्ग महिला होती है। गायन और लोककथाओं के बीच महिलाएं आमतौर पर अपनी सजी हुई पूजा थालियों के साथ एक मंडली में बैठती हैं और चांद के दिखने का इंतजार करती हैं।

एक बार जब चंद्रमा दिखाई देता है, तो महिलाएं चंद्रमा को पानी और फल देती हैं और अपने पति की लंबी उम्र के लिए प्रार्थना करती हैं। करवा का उपयोग करती है और उसके बाद एक छलनी के माध्यम से चंद्रमा को अर्पित करके, अपने पति को देखते हुए और उनके लंबे जीवन के लिए प्रार्थना करते हुए चंद्रमा को फिर से देखती है । इन सबके बाद पति अपनी पत्नी को पानी, फल, या मिठाई के साथ भेंट करके व्रत तुड़वाता है। अंत में, करवा चौथ उत्सव एक बड़ी दावत के साथ खत्म किया जाता है| 

फास्टिंग टिप्स 

करवा चौथ व्रत का पालन करने के लिए एक सख्त उपवास का रिवाज़ है, लेकिन यहां कुछ युक्तियां हैं जो आप दिन के दौरान आपको स्वस्थ रखने और ऊर्जा बनाये रखने के लिए कर सकते हैं!

इस दिन, निर्जला व्रत मनाया जाता है और “सरगी थाली” तैयार की जाती है। सरगी को अक्सर प्यार के प्रतीक के रूप में देखा जाता है, क्योंकि सास अपनी बहू को इस दिन तैयार करने में मदद के लिए एक भव्य थाली तैयार करती है।

चूंकि सरगी एक मात्र ऐसा भोजन है, जो दिन के के शुरू होने से पहले खाया जा सकता है, ऐसे खाद्य पदार्थों को शामिल करना महत्वपूर्ण है जो आपके शरीर को पोषण और ऊर्जा से भरपूर रख सकते हैं।

फल और ड्राई फ्रूट्स

इन्हें खाने से डिहाइड्रेशन की किसी भी संभावना को कम करने में मदद मिल सकती है। अन्य फलों के साथ प्रमुख रूप से खट्टे फल और अनार खाए जा सकते हैं। आप किशमिश, बादाम, काजू, और अन्य सूखे मेवे भी खा सकते हैं क्योंकि ये आपको व्रत रखने के लिए ऊर्जा प्रदान कर सकते हैं।

नारियल

जब उपवास की बात आती है तो नारियल बहुउपयोगी है। नारियल पोषक तत्वों से भरा होता है जो आपके रक्त शर्करा को स्थिर कर सकता है और आपको हाइड्रेटेड रख सकता है। तो अपने आप को नारियल पानी और नारियल बरफी या नारियल लड्डू जैसी मिठाइयों को उपवास में लेना न भूले!

सेवइयां

सेवइयां किसी भी सरगी थाली का सार है! वे आपको पूरे दिन ऊर्जावान बने रहने में मदद करते हैं और उनकी मिठास भी दिन शुरू होने से ठीक पहले एक अपने मीठे स्वाद से आपके मन को खुश कर देगी!  करवा चौथ में सबसे मशहूर , केसर सेवइयां खीर को आज़माना न भूलें!

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अपने आप को करे हाइड्रेट!

करवा चौथ का सबसे मुश्किल हिस्सा होता है खुद को पानी से दूर रखना। इसलिए अपने पूर्व भोर भोजन की योजना बनाते समय सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि आप ज्यादा से ज्यादा पानी और लिक्विड पदार्थो का सेवन करे 

आप पूरे दिन हाइड्रेटेड रखने के लिए और इस विशेष दिन पर डिहाइड्रेशन का कारण न होने के लिए निम्बू पुदीना शरबत या फ्रूट जूस का सेवन भी सुनिश्चित कर सकते है। 

कैफीन से संबंधित पदार्थ जैसे चाय, कॉफ़ी को पीने की कोशिश न करें क्योंकि यह दिन में बाद में खाली पेट पर एसिडिटी या जलन का कारण बन सकता है।

 

अपने प्रिय के स्वास्थ्य और लम्बी उम्र की प्रार्थना करने के साथ साथ, याद रखें कि स्वस्थ उपवास भी करें! उपवास के एक लंबे दिन के बाद, अपने पसंदीदा भोजन का सेवन करने के लिए आप बेटरबटर रेसिपी सर्च करना न भूल! 

हम सबकी तरफ से आपको ख़ुशी और उत्साह से भरी करवाचौथ की शुप्कामनाये! 

 

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