बच्चों को पैसे का महत्व समझाने के 10 आसान तरीके

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बच्चों को शुरू से ही पैसे के महत्व के बारे में अच्छी तरह समझाना बहुत ही आवश्यक है। आजकल हम अपने बच्चों की बड़ी से बड़ी ज़िद्द को तुरंत पूरा कर देते हैं और इससे कई बार उन्हें ये लग जाता है की पैसे आसानी से आ जाते हैं। ऐसे में हमें बच्चों को शुरू से ही उनके शौक पूरे करने के साथ- साथ उन्हें पैसे की एहमियत भी ज़रूर बतानी चाहिए। स्कूल-कॉलेज के वक़्त से ही अगर बच्चे में पैसे को लेकर समझदारी आ जाए तो ही वे बड़े होकर अपने पैसों को संभाल कर रखेंगे और सही जगह निवेश करेंगे।

आइये जानते है कुछ ऐसे टिप्स जिनसे बच्चे शुरू से ही पैसे के महत्व को जान जाएंगे-

1.सीमित पॉकेट मनी दें-

बच्चों को पॉकेट मनी हमेशा हिसाब से और तय तिथि को ही दें। इससे बच्चे पैसे के महत्व को समझेँगे और आखरी दिन तक कुछ पैसे बचा कर भी रखेंगे। पॉकेट मनी को सीमित कर देने से उनकी फ़िज़ूलख़र्ची भी बचेगी।

 

2.बैंक में अकाउंट खुलवाएं-

बच्चों का अकाउंट खुलवाना सेविंग के तरफ उनका पहला कदम होता है। किसी भी बैंक में अपने बच्चे का खाता खुलवाएं और उन्हें अपने पॉकेट मनी से कुछ पैसे बचाकर अकाउंट में सेव करना सिखाएं।

 

3.अपना उदाहरण देकर समझाएं-

बच्चे सबसे ज्यादा प्रभावित अपने माता- पिता से ही होते हैं इसलिए उन्हें दूसरों के बजाय अपना उदाहरण दें। उन्हें हमेशा अपने संघर्षों के बारे में बताते रहें ताकि वे पैसे की सही कीमत जान पाएं।

 

4.जिम्मेदारियों का एहसास दिलाएं –

बड़े होकर बच्चे को बहुत सारी जिम्मेदारियों का सामना करना पड़ता है इसलिए बचपन से ही उन्हें छोटी- छोटी जिम्मेदारियों से वाकिफ कराते रहें। जैसे बाहर जाने पर कभी- कभी छोटे खर्च वाले जगहों पर बच्चे को अपनी पॉकेट मनी खर्च करने दें। ऐसा करने से उन्हें जिम्मेदारियों का एहसास होगा।

 

5.पिग्गी बैंक ला कर दें-

बच्चों को सिखाएं की अपनी पॉकेट मनी और अन्य कहीं से भी मिले हुए पैसों को वे अपने पिग्गी बैंक में डाल कर रखें और उन्हें यह बताएं की ज़रूरत पड़ने पर यही पैसे उनके काम आएंगे।

 

6.बच्चों के जमा किये हुए पैसे से उनकी पसंद की चीज़ें ख़रीदे-

बच्चों के जन्म दिन या किसी अन्य ख़ास दिन पर उनके ही जमा किये हुए पैसे से उन्हें कुछ गिफ्ट लाकर दें। ऐसा करने से उन्हें ख़ुशी होगी और वे सेविंग करने के लिए और प्रोत्साहित होंगे।

7.बच्चों के सामने अपने हालत को रखें-

बहुत से माता- पिता अपने बच्चों को घर के वित्तीय मामलों से दूर रखते हैं पर ऐसा करना गलत है। बच्चे की ख़ुशी पूरा करने के साथ उन्हें अपने हालत के बारे में भी बताएं।

 

8.सही जगह खर्च करना सिखाएं-

बच्चों की इच्छाएं बहुत होती हैं, ऐसे में ज़रूरत है उन्हें यह सिखाना की कहां खर्च करें और कहां नहीं। ऐसा करने से बच्चे समझदारी से खर्च करना सीखेंगे।

9.प्राथमिकताएं (priority) तय करना सिखाएं-

बच्चों को यह सिखाना बहुत ज़रूरी है की उनकी चाहत की हर चीज़ खरीद कर देना संभव नहीं है। उन्हें ज़रूरत और ख्वाहिशों में अंतर बतलाना बहुत आवश्यक है।

10.उधार लेने से दूर रहना सिखाएं-

यदि बच्चे की पॉकेट मनी समय से पहले ही ख़त्म हो जाये तो उनके कर्ज दें पर उनसे ब्याज ज़रूर लें। ऐसा करने से बच्चे उधार लेने से दूर रहेंगे।

 

चित्र श्रोत: The irish times, credit loan, images bazaar, suntparinte.md, fatherly, Care counselling clinics Minneapolis

 

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