प्रेगनेंसी से बचने के 9 नवीनतम तरीके

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जब प्रेगनेंसी से बचने की बात आती है तो बहुत से कपल, कॉन्डोम या दवाइयों पर निर्भर रहते हैं | कितने लोगों को तो इसके अलावा मौजूद विकल्पों के बारे में जानकारी तक नहीं होती | और शर्मा -शर्मी में कुछ पूछ भी नहीं पाते लेकिन अपने शरीर के साथ खिलवाड़ करना भी ठीक नहीं | सबका शरीर अलग होता है | हो सकता जो आपके लिए ठीक हो वो दूसरे को हानि पंहुचा सकता है | तो जानिये प्रेगनेंसी से बचने के ऐसे तरीके जो सुरक्षित हैं, आसान हैं और आगे जाकर आपके शरीर को नुक्सान नहीं पहुचायेंगे –

 

1.कॉम्बिनेशन पिल (मिश्रित गोलियाँ)

कॉम्बिनेशन पिल में होते हैं एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टिन | पर ये प्रभावी तभी होती है जब रोज इसे ठीक उसी वक़्त पर लिया जाएं | इस विकल्प के कुछ दुष्प्रभाव भी हो सकते हैं जैसे जी मचलाना, उल्टी आना, हॉट फ्लैशेस और भी बहुत कुछ | और जब भी आपको लगे कि आप प्रेग्नेंट होना चाहती हैं तो बस इन्हे लेना बंद कर दें |

 

2.प्रोजेस्टिन-ओनली पिल

आकार में छोटी होने की वजह से इसे मिनी पिल भी कहा जाता है | इसमें एस्ट्रोजन नहीं होता लेकिन इसे भी रोजाना एक ही वक़्त पर लेना पड़ता है | स्तनपान कराने वाली,डायबिटीज या फिर हृदय सम्बन्धी रोग से ग्रसित महिलाओं के लिए ये एक सुरक्षित विकल्प है |

 

3.गर्भनिरोधक उपकरण (IUD)

IUD कॉपर और प्लास्टिक से बना वक्र जैसे आकार का उपकरण होता है जिसे गर्भाशय में लगाया जाता है | इस विकल्प की सबसे अच्छी बात ये है कि इसका प्रयोग करके आपको किसी भी गोली को खाने की जरूरत नहीं है | ये 5 से 10 साल तक चलता है और अगर आप इसे हटाना चाहते हैं तो वो भी बहुत आसान है |

 

4.डायाफ्राम

ये सिलिकॉन से बना, गुंबद के आकार का कप होता है जिसे योनि में लगाया जाता है | ये गर्भाश्य ग्रीवा (सर्विक्स) के चारों और एक आवरण बना लेता है जिससे शुक्राणु गर्भाश्य में प्रवेश नहीं कर पाते | स्परमिसिड के साथ ही डायाफ्राम का उपयोग करना चाहिए |

 

5.गर्भनिरोधक इंजेक्शन

गर्भनिरोधक इजेक्शन में होता हैं प्रोजेस्टोजेन | ये इंजेक्शन ग्रीवा बलगम (सर्वाइकल म्यूकस) को इतना गाड़ा कर देता जो शुक्राणु को गर्भाश्य में प्रवेश करने से रोकता है | एक इंजेक्शन 8 से 10 हफ्तों तक काम करता है | ये एक प्रतिवर्ती गर्भनिरोधक है और इसका असर पूरी तरह जाने में एक साल तक लग सकता है |

 

6.गर्भनिरोधक प्रत्यारोपण

ये 40mm की एक ट्यूब होती है जिसे बाजू के ऊपरी हिस्से पर प्रत्यारोपित किया जाता हैं | ये उपकरण प्रोजेस्टिन छोड़ता हैं जिससे ग्रीवा बलगम (सर्वाइकल म्यूकस) अत्याधिक गाड़ा हो जाता है और शुक्राणुओं को शरीर के अंदर आने से रोकता है | ये 3 साल तक चलता है और 100 प्रतिशत असरदार है |

 

7.गर्भनिरोधक पैच

गर्भनिरोधक पैच में होते हैं एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टोजेन जो बिल्कुल उसी तरह काम करता है जैसे गर्भनिरोधक इंजेक्शन | इस पैच को हर हफ्ते बदलना जरूरी है लेकिन सबसे आसान विकल्प माना जाता हैं |

 

8.वेजाइनल रिंग

ये एक छोटी,लचीली वेजाइनल रिंग होती है जो एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टोजेन मुक्त करती है जो एक सुरक्षित विकल्प माना जाता है | इसे महीने के 3 हफ्तों तक लगाया जाता है और बचे हुए हफ्ते में इसे निकाल दिया जाता है ताकि पीरियड्स आराम से हो सके | इसके प्रयोग के दौरान स्वछता का ध्यान रखना बेहद जरूरी हैं |

 

9.महिलाओं का कॉन्डोम

फीमेल कॉन्डोम बना होता है एक बहुत ही मुलायम प्लास्टिक से जिसे पॉल्यूरेथन कहते हैं | ये योन संचारित रोगों से बचाती है लेकिन इसके फटने का डर होता है | अगर इसे सही तरीके से इस्तेमाल किया जाएं तो ये 99 प्रतिशत असरदार है |

 

नोट– अपने डॉक्टर से संपर्क करने के बाद ही किसी भी गर्भनिरोधक का प्रयोग करें |

चित्र स्त्रोत -NHS choices, NPR,lifehealth.com,Netdoctor, irish mirror, birth control online, family planning NSW,scoopwhoop

 

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