स्किन कैंसर के कारण और लक्षण  

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महिलाएं अपनी लुक्स पर बहुत ध्यान देतीं है और परफेक्ट लुक पाने के लिए वे अपनी त्वचा का भरपूर ख्याल रखती  हैं। लेकिन अंदर और बाहर दोनों से ही त्वचा का ख्याल रखना अत्यंत आवश्यक है। ऐसा करने से आप कई स्किन से सम्बंधित बिमारियों से जूझ सकती हैं जिन पर ध्यान न दिया जाए तो ये जानलेवा भी बन सकती हैं।

इंसान के शरीर को प्रभावित करने वाले कैंसर में से स्किन कैंसर एक बहुत सामान्य प्रकार का कैंसर है। जब असामान्य मात्रा में बढ़कर स्किन सेल्स कई समूह बना लेते हैं जो की ट्यूमर का रूप ले लेते हैं और अगर ये ट्यूमर मलिंगनन्ट हो जाते हैं तब ये कैंसर में परिवर्तित हो जाते हैं। ये सेल्स पूरे शरीर में फैलकर हड्डियों,आस-पास के उत्तकों और खून को प्रभावित कर देते हैं। समय रहते कैंसर का पता लगने से इन सेल्स को काबू में लाने में मदद मिलती है।

 

स्किन कैंसर के कारण

  • UV किरणों का अत्यदिक अनावरण स्किन कैंसर का मुख्य कारण है।
  • स्किन टैनिंग प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल।
  • ऑटो-इम्म्यून सिस्टम पर दमन से स्किन सेल्स असामान्य मात्रा में बढ़ जाते हैं। कुछ दवाइयों के सेवन से ऑटो-इम्म्यून विकार हो जाते है जिनसे शरीर की बिमारियों और बाहरी इन्फेक्शन्स से लढ़ने की क्षमता कम हो जाती है।
  • ज़्यादा देर तक कुछ कैंसर पैदा करने वाले केमिकल्स जैसे तेल में मौजूद हाइड्रोकार्बन्स के अनावरण से भी स्किन कैंसर होने की सम्भावना रहती है।

 

जिन लोगों पर स्किन कैंसर का आसानी से प्रभाव पड़ सकता है :

  • जो लोग गोरे होते हैं
  • जिनकी आँखें हरी या नीली होती हैं
  • जिनके बालों का रंग हल्का या लाल होता है
  • जो लोग जेनेटिक विकारों का शिकार होते हैं
  • जो लोग अत्यधिक तेज़ धूप की कालिमा का शिकार होते हैं और आम तौर पर जिनकी स्किन पर लाल धब्बे पड़ जाते हैं
  • जिन लोगों के परिवार में स्किन कैंसर का इतिहास है या इसका कोई निजी इतिहास है
  • जिन लोगों के शरीर पर कई तिल होते हैं
  • जिन लोगों का इम्म्यून सिस्टम कमज़ोर होता है
  • जो लोग धूप में ज़्यादा समय बिताते हैं

स्किन कैंसर के लक्षणों के बारे में जानें, इससे इसके जल्द उपचार में मदद मिलेगी।

 

तीन मुख्य प्रकार के स्किन कैंसर हैं –

1.बेसल सेल कार्सिनोमा

यह सबसे सामान्य प्रकार का स्किन कैंसर हैं जो मुख्य रूप से विश्व के सभी देशों में देखने को मिलता है। यह एक गुलाबी फोड़े या त्वचा के रंग के घाव की तरह दिखता है। इसके बीच में कोई गड्ढा भी हो सकता है। यह मुख्य रूप से गले और सर के क्षेत्र पर होता है। बाकी प्रकार के स्किन कैंसर की तरह यह शरीर के बाकी हिस्सों में कम ही फैलता है। ये कैंसर सेल्स बहुत धीमीं गति से बढ़ते हैं।

 

2.स्क्वामस सेल कार्सिनोमा

इस प्रकार का कैंसर मुँह, गले, कान और हाथों के क्षेत्र में उन लोगों को होता है जो की अधिक मात्रा में धूप के प्रभाव में आते हैं। यह त्वचा के एपिडर्मिस क्षेत्र में होता है और उन लोगों में पाया जाता है जो लोग धूप में ज़्यादा समय बिताते हैं। यह बेसल सेल कार्सिनोमा से ज़्यादा खतरनाक होता है और शरीर के बाकी हिस्सों में शीघ्र ही फैल जाता है। यह एक लाल बिंदी की तरह दिखाई देता हैं और छिलकेदार परत का होता है।

 

3.मेलेनोमा

यह बाकी दोनों प्रकार के स्किन कैंसर में से सबसे खतरनाक प्रकार का स्किन कैंसर है, यह बहुत कम प्रमाण में पाया जाता हैं लेकिन विश्व-भर में इसी की वजह से सबसे ज़्यादा मात्रा में स्किन कैंसर से जुड़ीं मौतें हुई हैं। यह अधिकतर त्वचा के उन हिस्सों में जिन्हें ज़्यादा धूप नहीं लगती जैसे की टांगों, हाथों, तलवों, योनि, गुदों और उंगलयों में, पुरुषों और महिलाओं दोनों को हो सकता हैं। यह एक गहरे भूरे धब्बे की तरह दिखता है। वयसक्ता में किसी भी नए उभरते तिल जिस में दर्द हो या जिससे खून निकले, उसकी जांच अवश्य करानी चाहिए।

 

मेलेनोमा स्किन कैंसर के बारे में पता लगाने का एक सरल तरीका ABCD है

  • असममित आकार (Asymmetric in shape)
  • अनियमित सीमा हो, (with an irregular  Border)
  • रंग नीला, लाल, गेरुआ या भूरा हो  (with a mixture of Colors like blue, red, tan or brown)
  • जिसकी मोटाई 6 mm हो (along with a Diameter of 6mm.)

 

स्किन कैंसर के उपचार

अगर आपको अपनी त्वचा में कोई भी असाधारण परिवर्तन दिखाई दे, तब किसी डॉक्टर की राय ज़रूर लें। कई बार, गलती से, स्किन कैंसर के घावों को न मिटने वाले निशान समझ लिया जाता है और इसलिए स्किन कैंसर के लक्षणों के बारे में जानकारी रखना आवश्यक है ताकि इससे बचा जा सके और इससे जुड़ी समस्यायों का समय रहते ही उपचार किया जा सके। ज़्यादा देर तक धूप में न रहना, सनस्क्रीन लोशन और लिप बाम का इस्तेमाल, केमिकल प्रोडक्ट्स का कम से कम इस्तेमाल करना, सनग्लासेस पहनना आदि धूप के प्रभाव से बचने के कुछ आसान तरीके हैं जिससे स्किन कैंसर से बचा जा सकता है।

 

चित्र स्त्रोत : pixabay, wikimedia, wikipedia commons, flickr, pexels

 

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