क्या आपकी योनि का रंग मायने रखता है?

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महिलाओं के बाल, आंख और निपल्स का रंग सदियों से एक बहस का हिस्सा रहा है। और अब इस बहस में उनकी योनि का रंग भी शामिल हो गया है। योनि के रंग से चिंतित होना कोई आश्चर्य की बात नहीं है बल्कि इससे यह साबित होता है की महिलाएं अपने स्वास्थ को लेकर ज्यादा सचेत हो गयी हैं।

 

1.हर व्यक्ति अलग है-

दूसरे लोग अपने शरीर के निजी भागों के बारे में जो कहते हैं उसे सुनकर चिंतित न हों क्यूंकि प्रत्येक व्यक्ति अलग है और इसलिए उनके अंगों के रंग भी अलग-अलग हैं। योनि के लिए भी यह बिलकुल सच है। इस बात की पुष्टि करने के लिए अपने मसूड़ों और जीभ पर नज़र डालें। यहां तक ​​कि समान रंग वाली लड़कियों के ये अंग अलग-अलग रंगों के होते हैं।

एक महिला की योनी का रंग चमकदार गुलाबी से गहरे गुलाबी रंग (बैंगनी) के बीच कुछ भी हो सकता है। योनि का रंग भी अलग-अलग दिनों में अलग-अलग हो सकता है, जो शरीर के तापमान और उत्तेजना के स्तर पर निर्भर करता है।

 

2.लेबिया या छोटे होंठों का रंग बदलता है-

लेबिया या छोटे होंठ त्वचा की नरम तह होते हैं जो क्लाइटोरिस के ऊपर शुरू होते हैं और योनि के पास समाप्त होते हैं। इस अंग का आकार और रंग प्रत्येक महिला में अलग- अलग होता है। इसका आकार बहुत पतले होने से लेकर बहुत बड़े होने तक और बाहर की और लटका होने से लेकर अंदर की ओर टाइट होने तक कुछ भी हो सकता है। पुरुषों के अंडकोश के रंग की तरह, लेबिया का रंग भी हल्के गुलाबी से लाल ईंट के रंग के बीच कुछ भी हो सकता है।

लेबिया में रंग भिन्नता का मतलब कुछ भी नहीं है। सुनहरे बालों वाली महिलाओं में भूरे रंग की लेबिया हो सकती है और गहरे रंग की महिलाओं में गुलाबी रंग की लेबिया हो सकती है। वास्तव में इससे कोई फर्क नहीं पड़ता।

 

3.योनि के रंग में बदलाव आने की वजह-

आपकी योनि के बदलते रंग की वजह निम्नलिखित में से कोई भी हो सकती है।

  • आयु – उम्र होने पर योनि गहरा हो जाता है
  • स्वच्छता उत्पाद – टैल्कम पाउडर जैसे उत्पाद योनि क्षेत्र को धीरे-धीरे गहरा करते हैं
  • विटामिन और खनिज की कमी
  • हार्मोनल असंतुलन
  • वजन का बढ़ना
  • वंशानुगत या जीन
  • सौंदर्य उत्पाद
  • नियमित शेविंग करना
  • प्रोडक्ट के ब्रांड में परिवर्तन
  • टाइट कपड़े
  • शारीरिक विकार जैसे पॉली-सिस्टिक ओवेरियन सिंड्रोम (पीसीओएस), मेलेनिन का अत्यधिक उत्पादन, संक्रमण, हाइपोथायरायडिज्म, आदि।

 

4.इसकी शुरुआत सैलून से हुई-

कई स्वास्थ्य और चिकित्सा विशेषज्ञों को लगता है कि सफेद योनि की चाह को ब्यूटी पार्लर द्वारा शुरू किया गया होगा, ताकि महिलाएं अपनी योनि के रंग को गोरा करने के लिए अधिक से अधिक पैसे खर्च करने पर ना सोचें और ब्यूटी पार्लर वालों की अच्छी कमाई हो।

 

5.अन्य लक्षण जो किसी बीमारी का संकेत देते हैं-

आपकी योनि का रंग केवल तभी चिंता का विषय होना चाहिए जब रंग बदलने के साथ-साथ उसमे खुजली, बदबू, सूजन या मवाद से भरे छाले हों। इस स्थिति में आपको तुरंत ही किसी डॉक्टर से सलाह लेने की जरूरत है।

 

चित्र श्रोत: Pixabay, Wikimedia Commons

 

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