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ल्यूकोरिया या श्वेत प्रदर और इसके घरेलू इलाज़

ल्यूकोरिया या श्वेत प्रदर महिलों को होने वाली आम तकलीफ है जिसमें उनकी योनि से सफ़ेद या पीले रंग का स्राव होता है। यह स्राव कभी बिना गंध का और कभी कभी बदबूदार भी हो सकता है। चिकित्सक इस स्राव को जांच कर यह बताते हैं कि किस तरह का ल्यूकोरिया या प्रदर है जैसे कि श्वेत प्रदर, रक्त प्रदर इत्यादि और रोग की गंभीरता के हिसाब से दवा देते हैं । प्राकृतिक रूप से महिलाओं की योनी से एक चिपचिपा स्राव निकलता है जोकि योनि को नम रखने में मदद करता है साथ ही हानिकारक बैक्टीरिया को भी शरीर से बाहर निकाल देता है लेकिन जैसे ही इसके रंग या गंध में कोई परिवर्तन आए तो आप को समझ लेना चाहिए कि यह ल्यूकोरिया की शुरुवात हो सकती है। आप को आज बताएँगे कुछ ऐसे घरेलू नुस्खे जिससे आप इस समस्या से आसानी से छुटकारा पा सकती हैं।

 

1.आंवले का चूर्ण-

आंवला इस रोग में बहुत लाभ करता है।  एक चम्मच आंवला चूर्ण में एक चम्मच शहद मिलाकर प्रतिदिन सेवन करने से कुछ ही दिनों में ल्यूकोरिया ठीक होने लगता है।

 

2.भिन्डी-

भिंडी ल्यूकोरिया में बहुत लाभकारी है। सौ ग्राम भिन्डी को एक लीटर पानी में उबालकर ठंडा करें और इस में सौ मिलीलीटर शहद मिलाकर प्रतिदिन दो बार सेवन करें। एक महीने तक यह प्रयोग करने से ल्यूकोरिया की समस्या से निजात मिल जाएगी।

 

3.पका हुआ केला

पका हुआ केला प्रदर रोग में रामबाण इलाज़ है। एक पका केला या तो घी के साथ खाएं या केला खाने के बाद एक गिलास दूध में आधा चम्मच घी घोलकर सेवन करें। इससे भी ल्यूकोरिया में जल्दी फायदा हो जाता है |  

 

4.धनिये के बीज-

ल्यूकोरिया के लिए धनिये के बीजों को भी बहुत असरदार माना जाता है। इसके लिए एक मुट्ठी साधारण धनिये के बीजों को रात में पानी में भिगा दें।  सुबह उठकर खाली पेट इस पानी का सेवन करें। नियमित सेवन से कुछ ही दिनों में इस समस्या में आराम मिलेगा।

 

5.चावल का धोवन  –

आयुर्वेद के अनुसार चावल के धोवन से किसी भी प्रकार के प्रदर में अप्रत्याशित लाभ मिलता है। इसके लिए आधा कटोरी चावल को आधे गिलास पानी में भिगा दें। कुछ घंटे बाद जब यह अच्छे से भीग जाये तो इसे छान कर बिना कुछ मिलाये ऐसे ही सेवन करें। नियमित सेवन से कुछ ही दिनों में असर होने लगेगा।

 

6.नारियल पानी –

रक्त प्रदर होने की हालत में रोज़ एक नारियल पानी का सेवन करें। यह शरीर के अंदर ठंडक बढाता है जिससे इस रोग की गंभीरता में कमी आती है। इसके साथ साथ गाजर का रस या बकरी का दूध भी रक्त प्रदर में लाभदायक माना जाता है।

 

7.मुलेठी चूर्ण –

आयुर्वेद में श्वेत प्रदर का एक और असरदार इलाज़ माना जाता है मुलेठी को। आधा चम्मच मुलेठी के चूर्ण में उतनी ही मात्रा में शहद मिला के चाट लें। रोग की बढ़ी हुई अवस्था में इसे दिन में दो बार और फिर सुधार आने पर एक बार खाएं।

 

8.फिटकरी और दही का लेप –

ल्यूकोरिया में योनि क्षेत्र के आस पास खुजली की शिकायत होना आम बात है। इसका कारण लगातार होने वाला स्राव होता है जिससे गीलेपन और इन्फेक्शन के कारण खुजली बनी रहती है। इसका एक प्रभावी इलाज़ है एक चुटकी फिटकरी के चूर्ण में एक चम्मच दही को अच्छे से  मिलाएँ और योनि के आस पास सावधानी से लगा दें। यह कुछ ही दिनों में बिना किसी नुकसान के खुजली को पूरी तरह से खत्म कर देगा और ल्यूकोरिया के अंदरूनी लक्षणों को घटाने में भी मदद करता है।

एक पुरानी कहावत है कि रोग को जड़ से समाप्त करना चाहिए ताकि वह पलट के न आ सके। इसलिए इन नुस्खों को अपनाकर इस रोग को करिए जड़ से ख़त्म और बनाइये अपने स्वास्थ्य को बेहतर।

 

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