लगभग हर दूसरा व्यक्ति बड़ी संख्या में तिल या मस्सों के होने से परेशान होता है। कुछ के लिए यह बुरी नज़रों से छुटकारा पाने का एक तरीका है तो दूसरों के लिए यह एक कॉस्मेटिक समस्या है ।
तिल रंगद्रव्य कोशिकाएं होती हैं जो त्वचा पर काले धब्बे के रूप में दिखाई देती हैं जबकि मस्से छोटे आकर के त्वचा की वृद्धि लटकती त्वचा के छोटे गुब्बारे जैसा दिखते है। तिल आम तौर पर चेहरे, गर्दन, बाहों और पैरों पर होते हैं। कुछ मामलों में, वे नाखूनों के नीचे और पैर की अंगुली के नीचे भी हो सकते हैं, लेकिन मस्से आम तौर पर उन क्षेत्रों में विकसित होते हैं जहां त्वचा एक दूसरे से रगड़ खाती है।
तिल और मस्सों का रंग और आकार हर व्यक्ति में कुछ अलग सा होता है। वे आमतौर पर लाल, काले, भूरा, और गुलाबी जैसे रंगों में उत्पन्न होते हैं।
यदि आप भी ऐसी परेशानियों से पीड़ित हैं तो चिंता न करें क्योंकि वे हानिकारक नहीं हैं, लेकिन उन्हें सर्जरी द्वारा हटवाना काफी मेहेंगा है और सभी लोग इतना खर्च नहीं कर सकते। नीचे कुछ घरेलू उपचार दिए गए हैं जिनके उपयोग कर आप तिल व मस्सों की उपस्थिति को कम कर सकते हैं और धीरे-धीरे वे आपकी त्वचा से दूर हो जाएंगे।
1.सेब का सिरका –
सेव का सिरका तिल और मस्सों को हटाने के लिए एक बहुत ही पारंपरिक व घरेलू उपाय है। सिरके में मौजूद एसिड्स, तिल व मस्सों को पपड़ी बना देता है जिससे की यह समय के साथ गिर जाते हैं।
उपयोग की विधि –
- सेव के सिरके में थोड़ी सी रुई डुबाएं और अतिरिक्त सिरके को निचोड़ लें ।
- इसे प्रभावित क्षेत्र में लगाएं और पट्टी की मदद से सुरक्षित करें।
- इस प्रक्रिया को 2 सप्ताह तक रोज़ाना दौहराये
2.पिसा हुआ लहसन-
लहसन तिल व मस्सों के लिए सबसे प्रभावी घरेलू उपचारों में से एक है क्योंकि इसमें एंजाइम होते हैं जो तिल बनाने वाली कोशिकाओं को तोड़ने में मदद करते हैं। इसके अलावा, लहसन काले पिग्मेंटेशन को भी हल्का करने में मदद करता है।
उपयोग की विधि –
- एक ताजा लहसन के टुकड़े को पीस लें और इसे तिल व मस्सों पर लगाएं ।
- इसे एक पट्टी की मदद से सुरक्षित करें और रात भर, या कम से कम चार घंटे तक छोड़ दें।
- कुछ दिनों के लिए इस प्रक्रिया को दौहरायें। तिल स्वाभाविक रूप से गिर जाएगा और मस्से हल्के होने लगेंगे। इस विधि को केवल कुछ ही दिनों में सकारात्मक परिणाम देने के लिए जाना जाता है।
3.शहद और अलसी के बीज का तेल-
अलसी के बीज का तेल तिल/मस्सों से छुटकारा दिलाने में बहुत उपयोगी है। यह तिल को नरम कर देता है और वे किनारों से ढीले हो जाते हैं जिससे की वे आसानी से निकल जाते हैं।
उपयोग की विधि –
- शहद और अलसी के बीज के तेल को एक साथ मिलाकर एक पेस्ट बना लें।
- इस पेस्ट को प्रभावित त्वचा पर लगाएं और इसे कम से कम एक घंटे तक छोड़ दें।
- इस उपाय को कुछ हफ्तों के लिए दिन में तीन बार दौहरायें।
4.अरेंडी का तेल और बेकिंग सोडा-
बेकिंग सोडा और अरेंडी के तेल का मिश्रण तिल और मस्सों को हटाने में बेहद मददगार है। यह तिल और मस्सों की असामान्य वृद्धि को रोक कर उसे समाप्त करने में मदद करता है। इस विधि से त्वचा पर निशान रह जाने की संभावना भी कम हो जाती है।
उपयोग की विधि –
- कास्टर ऑयल की कुछ बूंदों के साथ आधा चम्मच बेकिंग सोडा मिलाकर एक मिश्रण तैयार करें।
- धीरे-धीरे इस मिश्रण को अपने तिल व मस्सों पर रगड़ें।
- इसे प्रभावित क्षेत्र पर कुछ घंटों तक छोड़ दें।
- एक महीने के लिए दिन में दो बार इस प्रक्रिया को दौहरायें।
नोट – प्रक्रिया शुरू करने से उस जगह को पहले शराब से या फिर किसी कीटनाशक से साफ़ करके कीटाणु मुक्त कर लें । त्वचा पर लहसन लगने से आपको तेज़ जलन महसूस हो सकती है इसीलिए तिल/ मस्सों के आस-पास की त्वचा पर अच्छे से पेट्रोलियम जेली या तेल लगा लें ।
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