अनियमित पीरियड्स क्या है?
पीरियड्स महिलाओं के मासिक धर्म का हिस्सा होते हैं। मासिक धर्म के दौरान, अगर कोई महिला गर्भवती नहीं होती, तो उसकी गर्भाशय (uterus) की लाइनिंग हर महीने शेड होती है। हर औरत अलग होती है और हर औरत के मासिक धर्म भी अलग होते हैं। कई महिलाओं के पीरियड्स हमेशा टाइम से आते हैं और कई महिलाओं के पीरियड्स अप्रत्याशित होते हैं।
महिलाओं के अनियमित पीरियड्स के लक्षण हैं:
- जब हर पीरियड्स के बीच का समय बदलते रहता है।
- जब पीरियड्स में ब्लड लॉस की मात्रा अलग हो।
- जब पीरियड्स की अवधि बदलती रहे।
अनियमित पीरियड्स के कारण-
1.तनाव और भावनात्मक दुख
तनाव और भावनात्मक दुख ओवुलेशन के पैटर्न को बदल देते हैं-या तो एग रिलीज़ होने में विलम्ब होता है या फिर एग रिलीज़ ही नहीं होता है। जब ओवुलेशन नहीं होती, तो पीरियड्स भी नहीं होते।
2.अत्यधिक व्यायाम
अगर आपने अपना जिम टाइम बढ़ा दिया है, खासकर तब जब आप इंदूरान्स (endurance) व्यायाम करते हैं, तो आपकी ओवुलेशन पर इसका असर हो सकता है। व्यायाम और पीरियड्स, दोनों चीज़ों के लिए एनर्जी की ज़रुरत होती है। अगर हम बहुत ज़्यादा व्यायाम करना शुरू कर देते हैं, तो हमारा शरीर मेंस्ट्रुएशन (menstruation) बंद कर देता है, ताकि हमारी एनर्जी बच सके।
3.वज़न में बहुत ज़्यादा बदलाव
वज़न का एकदम से बढ़ना या घटना, हमारी रिप्रोडक्टिव साइकिल पर बहुत दबाव डाल देता है। इस दबाव के कारण, पीरियड्स अनियमित हो जाते हैं या फिर बंद ही हो जाते हैं। महिलाएं जो भोजन विकार (eating disorders), जैसे की बुलिमिया (bulimia) और एनोरेक्सिया (anorexia) का शिकार होती हैं, उनको भी अनियमित पीरियड्स हो सकते हैं।
4.दवाईयां
कई दवायें भी हमारे पीरियड पैटर्न को एफेक्ट कर सकती हैं। ये दवा उन्हें हमेशा के लिए रोक भी सकती हैं। दवायें जैसे की गर्भनिरोधक गोलियां, इंट्रा-यूटेरिन डिवाइस (IUD-जो की एक गर्भनिरोधक डिवाइस है), कर्क रोक के ड्रग्स, ब्लड थिनर्स, एंटीबायोटिक्स और एंटी-सायकोटिक ड्रग्स का असर पीरियड्स पर पड़ सकता है।
5.धूम्रपान
एक्सपर्ट्स कहते हैं की धूम्रपान करने से पीरियड्स अनियमित हो सकते हैं।
6.पुरानी मेडिकल कंडीशंस
पुरानी मेडिकल कंडीशंस भी पीरियड्स का कारण हो सकती हैं। ऐसी कंडीशंस के उदाहरण हैं थाइरोइड डिजीज, क्रोनिक लिवर डिजीज, किडनी प्रोब्लेम्स और उनकंट्रोलड डायबटीज़। दो कंडीशन जो इस लिस्ट के सबसे ऊपर हैं, वो हैं पाली-सिस्टिक ओवेरियन सिंड्रोम (PCOS) और आनुवंशिक (genetic) ब्लीडिंग कंडीशन जिसे वॉन विल्लिअनब्रांड डिजीज कहते हैं।
7.यौन संक्रमित या अन्य संक्रमण
यौन संक्रमित और बैक्टीरियल इन्फेक्शन पीरियड्स के बीच में ब्लीडिंग का कारण हो सकते हैं। कंडीशंस जैसे की श्रोणि सूजन की बीमारी (pelvic inflammatory disease) भी इसके लिए ज़िम्मेदार हो सकती हैं।
8.बिनाइन ग्रोथ
बिनाइन ग्रोथ जैसे की फ़िब्रोइद्स (fibroids) और पोलिप्स (polyps) भी हमारे पीरियड्स को अनियमित कर सकते हैं। ये कैंसरोउस तो नहीं है, लेकिन ये बहुत ही दर्दनाक होते हैं और ये ब्लीडिंग पैटर्न बदल सकते हैं।
9.कर्क रोग
कई कर्क, जैसे की सर्वाइकल कैंसर, एंडोमेट्रियल कैंसर और यूटेरिन कैंसर, भी पीरियड्स को अनियमित कर सकते हैं।
अगर एक या दो बार आपके पीरियड्स अनियमित होते हैं, तो कोई चिंता की बात नहीं है। लेकिन अगर ऐसे तीन बार से अधिक हो, तो हम आपको सलाह देते हैं की आप इस बारे में अपने प्रसूतिशास्री (gynaecologist) से बात करे।
चित्र सूत्र: Pixabay, Wikimedia Commons

