मेरी एक बहुत ही खूबसूरत छोटी सी दुनिया है जिसमे एक बहुत सारा प्यार करने वाला पति आकाश और 2 प्यारी सी बेटियाँ रिद्धि और सिद्धि हैं |
पैसे, प्यार और समय, किसी की कमी नहीं हैं | एक दम परफेक्ट दुनिया है हमारी | इतनी अच्छी कि कभी-कभी ऐसा लगता हैं कि कही इसे किसी की नज़र ना लग जाएँ | लेकिन एक बात मुझे दिन पर दिन खाये जा रही हैं | समझ नहीं आ रहा कि मुझे परेशान होना चाहिए या फिर एक बुरा सपना समझ कर इसे भूल जाना चाहिए |
रोज की तरह सबके लिए दूध बना कर रात को जैसे ही मैं बैडरूम में आयी, आकाश के फ़ोन पर मैसेज आया |
हम दोनों के बीच कुछ नहीं छुपा, यहाँ तक कि आकाश और मेरे फ़ोन का पासवर्ड भी एक ही हैं | मैसेज पर आँख पड़ी तो किसी मनीषा का मैसेज था | मैसेज बिना खोले ऊपर की 2 लाइनों में लिखा था आकाश जो आज हुआ, इसके बारे में कल बात करते हैं | आगे और कुछ भी था लेकिन मैंने नहीं पढ़ा क्योंकि आकाश मुझे ऑफिस और अपनी ज़िन्दगी की हर बात खुद बताते हैं | अगर मैं उसे खोल कर पढ़ती और आकाश देख लेते तो शायद सोचते मुझे उन पर विश्वास नहीं |
लेकिन मुझे टेंशन सी हो गयी | पता नहीं कौन कौन से ख़याल मेरे दिमाग में आने लगे | कही आकाश का अफेयर तो नहीं ? बच्चों और मेरा क्या होगा ? कहते हैं चिंता और चिता में एक बिंदी का ही फर्क हैं और ये सब बातें मुझे बेचैन कर रही थी | तभी आकाश मेरे पास आकर बैठे |
कितना काम करती हो तुम | थक गयी होगी | और मुझे अपने हाथ से बने तकिये पर लिटा लिया | राशि, एक बात बतानी थी | उनके माथे की सुकड़ी हुई लकीरे परेशानी, पछतावा और टेंशन बयान कर रही थी | मैंने कहा बताओ |
समझ नहीं आ रहा कैसे कहुँ ?
वैसे ही जैसे हर बात कहते हो |
राशि मेरे ऑफिस में एक लड़की हैं मनीषा | (मेरे दिमाग के वो ख़याल सच्चाई का रूप लेने लग गए ) साथ काम करते करते पता नहीं क्यों वो मुझे अच्छी लगने लगी |
अच्छे से बात करती, कितनी बार घर से कुछ नया बना के लाती कहती शेयर करो | कई बार ब्रेक में कॉफ़ी पीने जाती |
अकेले नहीं और साथ काम करने वाले लोग भी होते थे | आज उसने मुझे अपने बच्चों और अपने पति की फोटो दिखाई | लगा बिलकुल हैप्पी फैमिली हैं बिलकुल हमारी तरह | और मुझे ऐसा कुछ भी नहीं सोचना चाहिए |
मैंने कहा उसने फैमिली की फोटो दिखाई तो तुमने सोचा तुम्हे ऐसे नहीं सोचना चाहिए |
आकाश बोले ऐसा नहीं हैं वो बस एक अट्रैक्शन था और कुछ नहीं | तुम और मेरे बच्चे मेरे लिए सब कुछ हैं | अगर मेरे दिल में कुछ भी ऐसा होता तो मैं तुम्हे क्यों बताता |
तो फिर वो मैसेज क्या था ? आकाश जो आज हुआ, इसके बारे में कल बात करते हैं |
आकाश जोर जोर से हॅसने लगे और कहा अरे वो तो हमरे क्लाइंट को डिज़ाइन नहीं पसंद आया और उसने बहुत गलत-सलत कह दिया तो उसने लिखा था की कही क्लाइंट हाथ से ना निकल जाएँ, इसीलिए इसके बारे में कल बात करते हैं |
बात खत्म हो गयी और वो रात भी खत्म हो गयी लेकिन ख़याल खत्म नहीं हो रहे |
अगर ऐसा हुआ तो क्या ये आगे भी बढ़ सकता हैं ? या फिर ये फीलिंग्स किसी और के लिए भी तो आ सकती हैं ? या फिर क्या मुझे आकाश की ईमानदारी पर खुश होना चाहिए कि उसने मुझे सब बताया ? आप ही बताये मैं क्या करुँ ? अपनी सलाह मुझ तक पहुँचाये !
चित्र स्त्रोत – WSW delivery,xda developers,videoblocks

