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डायबिटीज़ के वो शुरुवाती लक्षण जो आपको जानना है ज़रूरी

पिछले दो दशक से मधुमेह या डायबिटीज़ एक ऐसा रोग बन के उभरा है कि न केवल अधेड़ बल्कि युवा वर्ग भी अपने स्वास्थ्य के प्रति अधिक सचेत हो गया है। पहले इस रोग को उम्र के साथ जोड़ के देखा जाता था पर आजकल कुछ मामलों में बच्चों में भी डायबिटीज़ रोग देखने को मिल रहा है जिसका प्रमुख कारण आनुवंशिकता के अलावा अव्यवस्थित जीवन शैली और खराब खान पान को माना जाता है।

हमारे शरीर में हार्मोंस के असंतुलन का परिणाम है डायबिटीज । मानव शरीर में ऊर्जा का स्रोत है शर्करा या शुगर और इसको ऊर्जा में बदलने  का काम करता है इंसुलिन। जैसे ही इंसुलिन की मात्रा शरीर में कम हो जाती है तो डायबिटीज के लक्षण दिखने शुरू हो जाते हैं। ज़्यादातर मामलों में रोगी को इस रोग के होते ही इसका पता नहीं चलता है लेकिन अगर आप इसके लक्षणों को जान लें तो आप समय पर ही इसे पहचान सकते हैं और इसका उचित उपचार शुरू कर सकते हैं। आइये जानते हैं चिकित्सा विज्ञान के अनुसार क्या हैं डायबिटीज या मधुमेह के शुरुवाती लक्षण।

 

1.बार- बार और तेज़ भूख लगना –

अधिक भूख लगना, मधुमेह का एक प्रमुख लक्षण है। इसका कारण यह है कि जब खून में ग्लूकोज का स्तर कम होता है तो मस्तिष्क को यह संकेत मिलता है कि शरीर को भोजन की ज़रूरत है ताकि कोशिकाओं को अपना काम करने के लिये ज़रूरी ग्लूकोज मिल सके। जबकि इंसुलिन की कमी की वजह से शरीर की कोशिकाएं ग्लूकोज को सोख नहीं पाती और शरीर में ऊर्जा की कमी होने लगती है जिस कारण मधुमेह से पीड़ित व्यक्ति को सामान्य लोगों की अपेक्षा अधिक भूख लगती है और वह थका-थका सा महसूस करते हैं.

 

2.अधिक पेशाब करने की इच्छा –

मधुमेह में रक्त में शुगर का लेवल बढ़ने पर शरीर पेशाब के जरिये शुगर को निकालने का प्रयास करता है और इस कार्य के लिए किडनी बार बार रक्त को छानती है और यही अधिक पेशाब आने का कारण बनता है, खासतौर पर रात में।

 

3.हाथ पैरों में झनझनाहट होना

डाइबिटीज़ होने की स्थिति में आपके रक्त में अतिरिक्त चीनी से नसों की बनावट को नुकसान पहुँच सकता है जिससे तंत्रिका तन्त्र की कार्य प्रणाली में रुकावट पड़ती है और इसी वजह से आप हाथों और पैरों में झनझनाहट और सुई चुभने जैसा महसूस कर सकते हैं।

 

4.लगातार रहने वाली थकान

डाइबिटीज़ होने पर आप ज्यादातर थका हुआ महसूस करते हैं, क्योंकि जिस भोजन से आप को ऊर्जा मिलती है वह शरीर की कोशिकाओं द्वारा अवशोषित नहीं हो रहा होता है । इस के अलावा बार बार पेशाब जाने के कारण शरीर में होने वाली पानी की कमी भी आपकी थकान को बढ़ाती है। 

 

5.घाव होने पर उसका आसानी से न भरना-

किसी घाव के भरने में सामान्य से अधिक लगने वाला समय भी डायबिटीज का संकेत हो सकता है। इस रोग के कारण इम्यून सिस्टम में आने वाली कमी से कोई भी घाव जल्दी ठीक नहीं होते हैं और घाव के पकने की संभावना बढ़ जाती है।

 

6.बार बार होने वाला फंगल इन्फेक्शन –

शरीर में बढ़ी हुयी शर्करा की स्थिति किसी भी प्रकार के यीस्ट इन्फेक्शन के फलने फूलने के लिए काफी है। इसलिए यदि आपको अंगुलियों के बीच में, जननांगों के इर्द गिर्द या वक्ष स्थल के नीचे की जगह पर फंगल इन्फेक्शन बना हुआ है तो डायबिटीज का टेस्ट जरूर करा लें।

 

7.दृष्टि में कमी –

 शरीर के फ्लुइड्स के अनियमित प्रवाह के कारण आंखों में लेंस में सूजन आ सकती है जिसके कारण विकृत दृष्टि और रोशनी की चमक देखना जैसे संकेत मिलने लगते हैं। इसके अलावा, जब रक्त में ग्लूकोज ज्यादा हो जाता है तो इसके कारण लेंस की क्षमता में कमी आ जाती है साथ ही साथ यह कॉर्निया और आंख के आकार में परिवर्तन कर सकता है।

कुछ अन्य प्रारम्भिक लक्षणों में बार बार मुंह सूखना, मामूली बीमारी का भी आसानी से ठीक न होना, अचानक आने वाली वज़न की कमी, मसूढ़ों में सूजन और इन्फेक्शन, और उल्टी आने जैसे लक्षण भी दिखाई देते हैं। यह जरूरी नहीं कि हर बार यह सब लक्षण मधुमेह के ही हों पर इनमें से कोई भी परेशानी अगर लंबे समय तक आपके शरीर में है तो तो मधुमेह की जांच अवश्य कराएं।

 

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