जब गर्भाशय के अंदर की कोशिकाएं अपने वास्तविक आकर से बढ़ जाती हैं तो उस अवस्था में गर्भाशय का कैंसर हो जाता है। इसे हम बच्चेदानी का कैंसर भी कहते हैं। 50 वर्ष या उसके अधिक की महिलाओं में इसके होने की संभावना अधिक प्रबल होती है। महिलाओं में अन्य कैंसरों की तुलना में इसके होने की संभावना ज्यादा होती है। गर्भाशय कैंसर के कोई विशेष कारण नहीं होते हैं। बल्कि इसके कोई भी कारण हो सकते हैं जैसे की मीनोपॉज़ का लेट से होना या फिर मासिक धर्म के जल्दी शुरू हो जाना, धूम्रपान, कोई विशेष दवाइयां या फिर मोटापा।
एक अध्ययन के द्वारा हमें ये पता चला है की पश्चिम की महिलाओं में गर्भाशय कैंसर होने की दर अन्य की अपेक्षा अधिक होती है। पिछले 5 वर्षों में भारत में ऐसे रोगियों की जीवन रक्षा दर 92% रही है। इसे प्रायः साइलेंट किलर भी कहा जाता है क्योंकि प्रारंभिक श्रेणी में हम इसके लक्षण नहीं देख सकते हैं।
इसके कई कारण हो सकते हैं:
1) अनुवांशिक
ये अनुवांशिक भी होता है। अगर आपके परिवार में किसी को गर्भाशय कैंसर की शिकायतरही हो तो आपको ज्यादा सावधानी बरतने की आवश्यकता है। ये अनुवांशिक गुणों से आपको भी हो सकता है।
2) मासिक धर्म का जल्दी शुरू हो जाना
वैसे तो मासिक धर्म महिलाओं में 13 साल की उम्र में शुरू होता है लेकिन अगर आपको ये बहुत ही काम उम्र में शुरू हो गया हो तो ये भी गर्भाशय के कैंसर का एक कारण बन सकता है।
3) मोटापा
महिलाओं में अत्यधिक मोटापा भी कैंसर का एक कारण बन जाता है। मोटापा बढ़ने से चर्बी ट्यूमर का रूप ले लेती है जो की बढ़ता जाता है और आगे चल कर कैंसर में बदल जाता है। इसीलिए मोटापे से हमेशा बच के रहना चाहिए।
4) हार्मोनल परिवर्तन
महिलाओं के शरीर में एस्ट्रोजन और प्रोजेस्ट्रोन नमक दो सेक्स हार्मोन्स के असंतुलित श्राव के कारण भी गर्भाशय का कैंसर हो सकता है।
5) शुगर या हाई ब्लड प्रेशर
एक अध्ययन के द्वारा यह पता चला है की जिन महिलाओं में शुगर या हाई ब्लड प्रेशर की शिकायत काफी लम्बे समय से होती है उन्हें गर्भाशय का कैंसर के होने की संभावना ज्यादा होती है।
6) मीनोपॉज़ का देर से होना
वैसे तो मीनोपॉज़ की सही उम्र 50 साल के आस पास होती है मगर कभी कभी ये महिलाओं में 60 या 70 साल की उम्र में होता है। ऐसी अवस्था में उनमें कैंसर होने की संभावना बढ़ जाती है।
7) धूम्रपान
महिलाओं में अत्यधिक धूम्रपान भी गर्भाशय के कैंसर का कारण हो सकता है, इसीलिए हमें धूम्रपान से दूर रहना चाहिए।
गर्भाशय के कैंसर के कुछ सामान्य लक्षण:
1) श्रोणि में दर्द होना
अगर आपकी श्रोणि में दर्द रहता है तो शर्माने के बजाये तुरंत जाकर किसी डॉक्टर से सलाह लें, क्योंकि ये आपके ओवरी में बढ़ रहे ट्यूमर के दबाव के कारण हो सकता है।
2) मासिक धर्म का अधिक समय तक रहना
अगर आपको मासिक धर्म 5 दिन से ज्यादा रह रहा हो और रक्तश्राव सामान्य से ज्यादा हो रहा हो तो तुरंत डॉक्टर के पास जाये क्योंकि ये भी गर्भाशय के कैंसर का एक लक्षण हो सकता है।
3) हमेशा थकान महसूस होना
अगर आप बिना किसी काम के हमेशा थकान महसूस कर रहे है और आपको हमेशा नींद आती रहती है तो कृपया इसे हल्के में न लें क्योंकि ये गर्भाशय के कैंसर का प्रारंभिक लक्षण होता है।
4) मल त्याग करने में परेशानी महसूस होना
जब ट्यूमर बढ़ जाता है तो यह हमारी आँतों पर दबाव डालता है जिसके वजह से हमें मल त्याग करने में परेशानी महसूस होती है। इसीलिए ऐसा होने पर डॉक्टर से सलाह जरूर लें।
5) संभोग करते समय दर्द महसूस करना
कष्टदायक संभोग के लक्षण को डायसपरयूनिया कहा जाता है। इस अवस्था में संभोग के वक़्त ओवरी में ट्यूमर के होने के वजह से काफी दर्द होता है।
अगर आप अपने शरीर में ऐसे कोई भी लक्षण देखते हैं तो समय न लगाएं। आज ही किसी डॉक्टर के पास जाकर सलाह लें और चेक उप कराएं।
चित्र श्रोत: Pixabay, Pexel, Public Domain Files, Health.mil, Wikimedia Commons.
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