योनि में सूजन (वजाइनल एट्रोफी) के कारण, लक्षण और उपचार

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वजाइनल एट्रोफी एक सिंड्रोम है जो योनि में सूजन के कारण होता है और योनी के सूखने और पतले हो जाने की वजह से होता है। लाखों पोस्टमेनोपॉज़ल महिलाओं को इस तरह के सिंड्रोम से गुजरना पड़ता है। 65% महिलाएं इसे पहचान नहीं पाती हैं क्योंकि इस स्थिति के बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं है। महिलाएं ज्यादातर योनी विकार का इलाज करने के लिए स्नेहक पर भरोसा करती हैं और क्षतिग्रस्त ऊतकों के बारे में अनिश्चित रहती हैं। मूत्र संबंधी लक्षणों के साथ एक दोषपूर्ण योनी को GSM -जेनिटोयूरिनरी सिंड्रोम ऑफ़ मेनोपॉज़ के नाम से भी जाना जाता है।

यदि आप योनी के लक्षणों का इलाज करने के लिए मॉइस्चराइज़र या स्नेहक का उपयोग कर रहीं हैं, तो यह केवल क्षतिग्रस्त ऊतकों पर कुछ दिनों तक ही असर कर सकते हैं। इसलिए इसका इलाज करने के लिए एट्रोफिक योनी के कारणों और लक्षणों को समझने की ज़रुरत होगी।

इस तरह के सिंड्रोम से पीड़ित होने के कारण –

एस्ट्रोजेन का स्तर शरीर में यौन विकास, त्वचा के स्वास्थ्य और शरीर के ऊतकों का एक महत्वपूर्ण घटक है। एस्ट्रोजन में कमी से योनी में एट्रोफी हो सकती है। अनियमित माहवारी या दवाईयां लेने की वजह से महिलाओं को इससे पीड़ित होने की संभावना बढ़ जाती है।

 

एस्ट्रोजेन के स्तर के कम होने के कारण –

  • स्तनपान
  • संभोग के दौरान पर्याप्त स्नेहक की कमी
  • कामेच्छा की कमी
  • गर्भ नियंत्रण गोलियों का सेवन
  • दोनों अंडाशयों को निकलवाने के बाद
  • मधुमेह
  • कीमोथेरपी चिकित्सा के बाद
  • होर्मोनेस के कैंसर उपचार के बाद

 

कुछ अन्य महत्वपूर्ण कारण –

  • यौन गतिविधि की कमी योनी ऊतकों को मज़बूत  करती है
  • जो महिलाएं अपनी योनी के द्वारा बच्चों को जन्म नहीं देतीं, उनमें एट्रोफिक वजाइनायटिस की अधिक संभावना होती है।
  • धूम्रपान शरीर में पूरे रक्त प्रवाह को नुकसान पहुंचाता है और एस्ट्रोजन के स्तर को कम करता है जिससे प्रारंभिक रजोनिवृत्ति या मीनोपॉज की शुरुआत हो जाती है।

 

वजाइनल एट्रोफी के लक्षण –

हालांकि शुरुआती चरणों में GSM के लक्षण बहुत स्पष्ट रूप से दिखाई नहीं देते हैं, यह ज्यादातर तब होता है जब एक महिला अपने रजोनिवृत्ति या मेनोपॉज़ के चरणों तक पहुंच जाती है। मेनोपॉज़ की स्टेजेस के दौरान सभी महिलाओं को इस सिंड्रोम से गुजरना पड़ सकता है।

  • लगातार पेशाब आना
  • संभोग के दौरान असुविधा
  • पेशाब के दौरान जलन
  • योनी में सूखापन
  • खुजली
  • पेशाब में अड़चन
  • संभोग के बाद रक्तस्राव
  • वजाइनल डिस्चार्ज
  • योनी की नहर कस जाती है

 

यह स्वाभाविक रूप से कैसे इलाज करें?

शर्मनाक क्षणों से बचने के लिए इस तरह के एक सिंड्रोम का स्वाभाविक रूप से इलाज करना चाहिए, डॉक्टर से परामर्श करने के बजाय इस स्थिति में अधिकतर महिलाएं यहीं पसंद करतीं हैं। इसके इलाज के कुछ उपयोगी टिप्स और तरीके यहाँ दिए गए हैं –

  • हार्मोनल संतुलन बनाए रखने के लिए नियमित रूप से व्यायाम करें
  • बहुत सारा पानी पीएं और हमेशा हाइड्रेटेड रहें
  • अपनी योनी की रक्षा और एस्ट्रोजेन के स्तर को बनाए रखने के लिए धूम्रपान छोड़ें
  • जोजोबा ऑइल, एलो वेरा ऑइल और विटामिन E से समृद्ध उत्पादों का प्रयोग करें ताकि आपकी योनी स्नेहन और जलने से मुक्त रहे
  • स्वस्थ रक्त प्रवाह के लिए यौन सबंध बनाएं

यदि उपर्युक्त तरीकों का पालन करने के बाद भी स्थिति बेहतर नहीं होती और यदि आपको अभी भी असामान्य रक्तस्त्राव के साथ दर्द का सामना करना पड़ता है तो बिना किसी हिचकिचाहट के कुछ दवाओं के साथ उचित आहार योजना के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श करने में ही बुद्धिमानी है।

 

चित्र श्रोत –  Pixabay, Max pixel

 

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