अनियमित पेशाब या बहुमूत्रता के घरेलू उपचार

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मूत्र असंयमिता पुरुषों और महिलाओं को समान रूप से प्रभावित करने वाली एक आम समस्या है जोकि लोगों को बहुत परेशान करती है और उन्हें सार्वजनिक रूप से शर्मनाक और अजीब परिस्थितियों में डाल सकती है। संक्षेप में, यह अनजाने में मूत्र निकलना है और इसमें तुरंत चिकित्सीय मदद की आवश्यकता होती है।

इस समस्या के कारण कमजोर मूत्राशय से लेकर तंत्रिका या क्षतिग्रस्त मांसपेशी, प्रोस्टेट ग्रंथि में खराबी और महिलाओं में रजोनिवृत्ति तक हो सकते हैं। इसके अलावा मानसिक तनाव, मूत्र वेग और अतिप्रवाह के कारण भी मूत्र असंयमिता हो सकती है। लेकिन कुछ बहुत ही प्रभावी घरेलू उपचार हैं जो काफी हद तक मूत्र को नियंत्रित करने की क्षमता में सुधार लाते हैं।

1.कीगल एक्सरसाइज

कीगल श्रोणि क्षेत्र को कसने का व्यायाम है और मूत्र रिसाव में अत्यधिक प्रभावी है। यह बहुत आसान है और इसमें केवल तीन क्रियाएँ सम्मिलित हैं। पेशाब करते समय, बीच में मूत्र प्रवाह को रोकें, इसे कुछ सेकंड तक रोके रखें और फिर से शुरू करें। जिन मांसपेशियों का उपयोग मूत्र प्रवाह को रोकने के लिए होता है, उन्हें कीगल अभ्यास के दौरान रोकने और जारी करने की आवश्यकता होती है। इस प्रक्रिया की पुनरावृत्ति श्रोणि क्षेत्र को मजबूत बनाती है और इस प्रकार रिसाव कम हो जाता है।

2.योग

योग श्रोणि की मांसपेशियों को कसने में अत्यधिक मदद करता है और इसके लाभ कीगल व्यायाम के समान होते हैं। यह तनाव से मुक्त होने में भी मददगार है जो कुछ मामलों में मूत्र रिसाव का भी कारण हो सकता है। कुछ प्रभावी योग आसन हैं जैसे कि अश्वनी मुद्रा, वज्रासन में बैठना और मूल बंध का अभ्यास जोकि शरीर के निचले भाग को मजबूत बनाते हैं।

3.वजन कम करना

अध्ययनों ने सिद्ध किया है कि वजन घटाना भी मूत्र रिसाव को नियंत्रित करने में सहायक हो सकता है। घटा हुआ वजन विशेष रूप से महिलाओं में मूत्र रिसाव को रोकने के लिए श्रोणि की मांसपेशियों को मदद करता है।

 

4.भारी वस्तुओं को उठाने से बचें

पानी की बाल्टी जैसी भारी वस्तुओं को उठाने से श्रोणि क्षेत्र पर असामान्य दबाव पड़ता है, जो अनियंत्रित मूत्र रिसाव को उत्तेजित कर सकता है और इसलिए सलाह दी जाती है कि भारी वस्तुओं को उठाने से बचें।

 

5.अपने मूत्राशय को प्रशिक्षित करें

यह भी देखा जाता है कि निर्धारित समय पैटर्न के तहत पेशाब करने से किसी भी समय पेशाब करने की इच्छा नहीं होती। यह भी निश्चित रूप से असंयमित मूत्र रिसाव में मदद करता है।

 

6.एक्यूप्रेशर

एक्यूप्रेशर को किसी भी बीमारी के लिए एक बहुत प्रभावी वैकल्पिक उपचार माना जाता है और यह मूत्र रिसाव में भी सहायक सिद्ध हुआ है। हमारी बीच की ऊँगली के ऊपरी और बीच के जोड़ के बीच अंगूठे की ओर दबाव बिंदु होता है। इस बिंदु को एसपी 8 कहा जाता है। उस बिंदु को अपनी ऊँगली से दबाएं या इस बिंदु पर पेपर टेप के साथ एक मेथी का बीज रखें और कसकर लपेटें। इस बिंदु पर बीज द्वारा बनाए गए निरंतर दबाव को रोग की समस्या को कम करने में मदद करने के लिए देखा जाता है।

 

7.विटामिन डी की दवाईयाँ –

विटामिन डी और मैग्नीशियम भी मूत्र असंयमिता को कम करते हैं क्योंकि ये दोनों ही मांसपेशियों को आराम देने और उनकी शक्ति में सुधार करने में सहायक होते हैं। योग और एक्यूप्रेशर का अधिकतम लाभ प्राप्त करने और चोट या दुष्प्रभाव से बचने के लिए किसी योग्य व्यक्ति से सीखने के बाद ही करना चाहिए।

Images used in this article are royalty free and sourced from https://unsplash.com.

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