बच्चों को झूठ बोलने से कैसे रोकें

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क्या आपने कभी अपने बच्चे को झूठ बोलते हुए पकड़ा है? बात यह है की झूठ बोलने की शुरुआत इतने छोटे से बात से होती है की कई बार हम उसे पकड़ ही नहीं पाते। एक बार जब आपको पता चला कि आपका बच्चा आपसे सच नहीं कह रहा है तभी आपको सतर्क हो जाने की ज़रूरत है।

बच्चे ऐसे छोटे छोटे झूठ केवल घर पर ही नहीं बल्कि स्कूल, टूशन हर जगह बोलने लगते हैं और आगे जाकर वे बड़े झूठ बोलना शुरू कर देते हैं। और हर माता-पिता की जिम्मेदारी होती  है की वो अपने बच्चे को झूठ के जाल में फंसने से बचाएं। आइये जानते है 8 ऐसे तरीके जिनसे आप अपने बच्चे को झूठ बोलने से बचाएंगे।

1. वास्तविकता और सच्चाई के बारे में बताएं

बच्चों को वास्तविकता और काल्पनिकता में अंतर समझाएं, उन्हें बताएं की सच बोलने से कॉन्फिडेंस लेवल बढ़ता है और किसी से डरने की जरूरत नहीं होती है। साथ ही साथ उन्हें यह भी बताएं की झूठ बोलने से मन में हमेशा उस झूठ के खुलने का डर रहेगा।

 

2. जब आपको लगे कि बच्चा सच से भटकना शुरू कर रहा है, तो उन्हें उसी वक़्त चेतावनी दें

शुरुआत के दिनों में ही उन्हें रोकना ज्यादा आसान होता है इसलिए जब पहली बार आपको ये एहसास हो की बच्चा झूठ बोलने की कोशिश कर रहा है उसी वक़्त उसे बताएं की आपने उसके झूठ को पकड़ लिया है। साथ ही साथ उन्हें चेतावनी दें की अगर आपने दोबारा ऐसा करने की कोशिश की तो आपको सजा दी जाएगी।

3. ईमानदारी को उनका रोल मॉडल बनाएं

कोशिश करें की आपके बच्चे का रोल मॉडल हमेशा ईमानदार रहे, खुद कभी गलती से भी बच्चे के सामने झूठ न बोलें क्योंकि वो ज्यादातर वही करते हैं जो देखते हैं।बच्चे हर वक़्त बड़ों की नक़ल करते हैं इसलिए उन्हें अपनी ईमानदारी की कुछ कहानियां सुनाएं। बच्चों को हमेशा सच्चाई वाली कहानियों को सुनाएं ताकि उससे उन्हें कुछ सीख मिले।

 

4. बच्चे को समझाए की भरोसा कमाया जाता है

जब बच्चे का झूठ बोलना शुरू होता है, तो हम उनपर भरोसा करना भी बंद कर देते हैं। उन्हें समझाए की विश्वास और भरोसा 2 ऐसी चीज़ें है जिसे कमाया जाता है। अगर कभी आप उनके झूठ को पकड़ लेते हैं तो उन्हें यह जताएं की अब आपको उनपर भरोसा नहीं है, ऐसा करने से वो दोबारा आपका भरोसा पाने की कोशिश करना शुरू कर देंगे ।

 

5. परिस्थितियां स्पष्ट न होने पर समय लें

कभी कभी आप खुद को एक परिस्थिति में पाते हैं जहाँ आपके पास कोई सबूत नहीं होता , फिर भी आपको यह समझ में आता है कि बच्चा सच नहीं कह रहा है। बच्चे खुद को दंड से बचाने के लिए अपना झूठ स्वीकार ही नहीं करते और उस एक झूठ को छिपाने के लिए 10 और झूठ बोलते हैं। ऐसी परिस्थितियों में हड़बड़ाएं नहीं, ब्रेक लें और सकारात्मक निष्कर्ष निकालें।

 

6. गलतीं करने पर पश्चाताप करना सिखाएं

किसी भी गलती पर पश्चाताप करना सबसे सही परिणाम होता है। कई बार बच्चे गलती करने के बाद भी इस ज़िद्द पे अड़े रहते हैं की वो गलती उन्होंने नहीं की। ऐसे में बच्चे को सिखाएं की छोटी या बड़ी, किसी भी प्रकार की गलती करने पर उन्हें मान कर पश्चाताप करना चाहिए। क्योंकि जब तक उन्हें अपनी गलती का एहसास ना होगा वो झूठ बोलना बंद नहीं करेंगे।

 

7. झूठ बोलने के परिणामों पर चर्चा करें

झूठ बोलने के परिणामों के बारे में अपने बच्चे से बात करें। उन्हें समझाएं कि अगर आपने एक बार झूठ बोला तो उसके बाद आप पर भरोसा करना मुश्किल हो जाएगा और सभी आपको बेईमान समझने लगेंगे।

 

8. प्रोफेशनल से सलाह लें

ऐसा भी हो सकता है की झूठ बोलना बच्चों के लिए गंभीर समस्या बन जाये। यदि आपको ऐसा लगता है की आपका बच्चा बात-बात पे झूठ बोल रहा है तो किसी प्रोफेशनल से सलाह लें।

चित्र श्रोत: Flickr, Pixabay, imagesbazaar

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