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हाई ब्लड प्रेशर के लक्षण और उपचार

जब रक्तचाप किसी विशेष सीमा से आगे बढ़ता है, तो हाई ब्लड प्रेशर या उच्च रक्तचाप के लक्षण दिखने शुरू हो जाते हैं। हाई ब्लड प्रेशर में धमनियाँ संकुचित हो जाती हैं जिससे हृदय में रक्त के प्रवाह का प्रतिरोध बढ़ जाता है। हालांकि यह शुरुआत में खतरनाक नहीं होता, पर लम्बे समय से प्रेशर के बढे रहने पर आपकी दृष्टि, गुर्दे, मस्तिष्क और दिल को प्रभावित कर सकता है।

ऐसे कई लोग हैं जो हाई ब्लड प्रेशर से प्रभावित होते हैं पर उन्हें इसकी पहचान नहीं होती। एक स्वस्थ जीवन के लिए इसके लक्षणों को समझना बहुत ही आवश्यक है-

 

हाई ब्लड प्रेशर के प्रकार –

हाई ब्लड प्रेशर 2 प्रकार के होते हैं – एक प्राथमिक स्तर होता है जिसमे सालों तक आपके रक्तचाप में वृद्धि रहती है पर शरीर में इसके लक्षण नहीं दिखते। दूसरा माध्यमिक स्तर है, जिसमें गर्भावस्था, ट्यूमर, गुर्दे की समस्याओं या दवाइयां लेने की वजह से अचानक से रक्तचाप बढ़ता है।

 

हाई ब्लड प्रेशर के लक्षण –

हाई ब्लड प्रेशर के लक्षण प्रारंभिक रूप में दिखाई नहीं देते हैं, पर कुछ वर्षों के बाद आप नीचे दिए गए लक्षणों में से एक या अधिक का सामना कर सकते हैं। इनमें किसी एक लक्षण का सामना करने पर भी अपने डॉक्टर से सलाह लेना ना भूले।

 

ब्लड प्रेशर के बढ़ने के कारण-

 

घर पर इन सरल और प्रभावशाली तरीकों को अपनाकर अपने ब्लड प्रेशर को कंट्रोल में रखें-

यदि आप मोटापे से ग्रस्त हैं, तो पहले अपना वजन कम करें। रोजाना 30 मिनट के कसरत की योजना बनाएं या प्रति सप्ताह 150 मिनट कार्डियो का टारगेट रखें। यह वजन को कम करने के साथ- साथ ब्लड प्रेशर को कम करने में भी मदद करेगा।

 

चित्र श्रोत: pixnio, libreshot,pixabay