हल्दी के औषधीय गुणों की वजह से इसे विश्व स्तरीय पहचान प्राप्त है। यह इम्यून सिस्टम को बूस्ट करने के साथ कई तरह के रोगों से शरीर को बचाता है। यही कारण है कि एक्सपर्ट्स हर रोज कुछ मात्रा में इसके सेवन की सलाह देते हैं। साथ ही हल्दी की बात आते ही दिमाग में एक तेज पीले रंग का पाउडर दिखने लग जाता है। लेकिन अब ऐसा नहीं होगा क्योंकि हल्दी सिर्फ पीले रंग की नहीं होती है। हालांकि इसे काली हल्दी कहते हैं लेकिन यह काले और नीले रंग के कॉम्बिनेशन में होती है।
हालांकि काली हल्दी आमतौर पर भारत के पूर्वोत्तर राज्य और मध्य प्रदेश में उगायी जाती है। साथ ही काली हल्दी को एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर माना जाता है। यही वजह है कि आज हम बेटरबटर के इस ब्लॉग में काली हल्दी के फायदे और उपयोग के बारे में बताने वाले है। साथ ही कई पाठकों का सवाल रहता है कि असली काली हल्दी की पहचान क्या है? काली हल्दी का उपयोग कैसे किया जाता है? जैसे कई सवालों के जबाव देने इस लेख में आए है। तो चलिए बिना देर किए जल्दी से जान लेते है काली हल्दी के फायदे और उपयोग के बारे में।
काली हल्दी के फायदे (Black Turmeric Benefits in Hindi)
इस लेख में हम काली हल्दी के फायदे के बारे में बताने वाले है, तो आइये जल्दी से जान लेते है। काली हल्दी के फायदे और उपयोग।
1. वजन करे कंट्रोल:
काली हल्दी शरीर में डायटरी फैट के टूटने में मदद करती है। यदि आप वजन कम करना चाहते हैं, तो काली हल्दी का सेवन प्रतिदिन सीमित मात्रा में करें। यह पाचन शक्ति को बेहतर बनाती है। साथ ही प्रभावी पित्त के निर्माण से पाचन में सहायता करती है और लिवर डिजीज से बचाए रखती है। साथ ही यह शरीर में इंसुलिन प्रतिरोध के विकास के जोखिम को भी कम करती है।
2. कैंसर के जोखिम को करे कम:
यह वैज्ञानिक रूप से सिद्ध हो चुका है कि काली हल्दी में मौजूद करक्युमिन कैंसर कोशिकाओं को बढ़ने से रोकने में मदद कर सकता है। साथ ही यह भी सिद्ध हो चुका है कि करक्युमिन शरीर के अंगों में पूर्व-कैंसर संबंधी परिवर्तनों को संशोधित करते हैं। साथ ही एंटी-कैंसर उपचार में काली हल्दी का सेवन करने से कोई साइड एफेक्ट नजर नहीं आते हैं।
3. बेहतरीन दर्द निवारक:
काली हल्दी के सेवन से शरीर में होने वाले कई तरह के दर्द कम होते हैं। दांत दर्द, रैशेज, पेट दर्द, ऑस्टियोअर्थराइटिस की समस्या को करती है कम। हालांकि, इसका सेवन सीमित मात्रा में ही करना चाहिए। हो सके तो किसी एक्सपर्ट से इसकी सही मात्रा लेने के बारे में जरूर पूछ लें।
4. त्वचा की खुजली दूर करने में मददगार:
खुजली के लिए घरेलू नुस्खों के तौर पर काली हल्दी का प्रयोग करना एक बेहतर विकल्प साबित होता है। हालांकि इसे मुंह पर लगाने के लिए चिकित्सक की सलाह लेना जरूरी है। लेकिन इसमें इंफ्लेमेटरी गुण पाए जाने के कारण इसे खुजली दूर करने में इस्तेमाल किया जा सकता है। यह प्राकृतिक एंटी ऑक्सीडेंट्स का भंडार मान जाता है। जो आपको इंफेक्शन से बचाने में भी सहायक होती है।
5. खांसी में फायदेमंद:
जिस तरह पीली हल्दी के सेवन से खांसी-जुकाम ठीक होता है उसी तरह काली हल्दी के सेवन से भी खांसी जड़ से खत्म हो जाती है। काली हल्दी फेफड़ों पर सकारात्मक असर दिखाती है। इसमें मौजूद एंटीऑक्सिडेंट्स खांसी ठीक करने में योगदान देते हैं। खांसी के साथ-साथ काली हल्दी का उपयोग बुखार ठीक करने के लिए भी किया जाता है। खांसी हो जाने पर काली हल्दी को गुनगुने पानी में मिलाकर पीने से बहुत जल्दी असर दिखाई देने लगते हैं।
6. पीरियड्स क्रैंप्स में फायदेमंद:
पीरियड्स क्रैंप्स बहुत ही दर्दनाक होते हैं। कई महिलाओं को पेट में ऐंठन के साथ-साथ भयंकर दर्द भी होता है। इससे राहत पाने के लिए काली हल्दी को अपनी डाइट में शामिल किया जा सकता है। साथ ही खाना बनाते समय उसमें थोड़ी सी काली हल्दी मिला लें। आप चाहें तो दूध के साथ भी काली हल्दी मिक्स करके पी सकते हैं। इससे दर्द से काफी राहत मिलेगी। साथ ही इसके सेवन से इम्यूनिटी भी बनी रहेगी।
7. गैस्ट्रिक परेशानी:
काली हल्दी में भरपूर मात्रा में एंटीऑक्सिडेंट्स और एंटी इन्फ्लेमेटरी गुण पाए जाते हैं। यह पेट संबंधी परेशानियों से राहत दिलाती है। अगर आपके पेट में गैस बनी हो तो काली हल्दी को पानी में मिलाकर पी जाएं। इससे आपको काफी राहत मिलेगी। इससे पाचन तंत्र भी अच्छा रहता है। इस मामले में पीली हल्दी भी काली हल्दी की तरह फायदा करती है। साथ ही पीली हल्दी को तो रोज़ाना दूध में मिलाकर पीने से पेट की लगभग सभी समस्याएं खत्म हो जाती है। काली हल्दी भी पेट के लिए उतनी ही फायदेमंद है जितनी की पीली हल्दी।
काली हल्दी का उपयोग (Black Turmeric Uses)
काली हल्दी के फायदे जानने के बाद अब जानिए इसका उपयोग कैसे किया जा सकता है?
- काली हल्दी की जड़ को पीसकर या उसका पेस्ट बनाकर पीने से आप पेट संबंधी समस्याओं खासतौर पर गैस्ट्रिक समस्याओं से आसानी से छुटकारा पा सकते हैं।
- पीरियड में हो रहे असहनीय़ दर्द से राहत पाने के लिए आप दूध में काली हल्दी का पाउडर मिलाकर उसे पी सकते हैं। इससे राहत मिलेगी।
- काली हल्दी की जड़ का सेवन अर्थराइटिस और अस्थमा जैसी दवाएं बनाने के लिए भी किया जाता है। इसके बारे में आप चिकित्सक से सलाह ले सकते हैं।
- दांत के दर्द से राहत पाने के लिए आप काली हल्दी के पाउडर को अपने दांतों पर लगा सकते हैं।
प्रिय पाठकों यदि आप काली हल्दी के फायदे से अनजान है, तो आज से ही इस हल्दी का उपयोग करना शुरू कर दें। क्योंकि इस काली हल्दी का उपयोग करने से शरीर की कई सारी बीमारियां दूर होने लगती है। साथ ही इसका नियमित इस्तेमाल करने से बॉडी डिटॉक्स भी हो जाती है। साथ ही ये आर्टिकल अगर आपको पसंद आया है, तो आज ही अपने दोस्तों और परिवार वालों के साथ जरूर साझा करें। ताकि वो भी काली हल्दी के फ़ायदे इन हिंदी के बारे में अच्छे से जानकारी हासिल कर सके। साथ ही अपनी बात हमें कमेंट बॉक्स में लिख सकते है। जिसका हमें बेसब्री से इंतज़ार रहता है।
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