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Turmeric Milk Feature

Benefits of Haldi Milk: जानिए हल्दी दूध के फायदे और ये कैसे बढ़ाएगा आपकी सुंदरता?

Himanshu Pareek | अप्रैल 6, 2021

हल्दी को इसके स्वास्थ्यवर्धक, सौंदर्यवर्धक और औषधीय गुणों के कारण परंपरागत भारतीय मसालों में विशिष्ट स्थान प्राप्त है। हल्दी खाने में ज़ायक़ा और पोषण बढ़ाने के साथ-साथ एक बेहतरीन एंटी-बायोटिक व एंटी-सेप्टिक के रूप में भी कार्य करती है और अगर हल्दी को दूध में मिला दिया जाए तो बन जाती है एक सम्पूर्ण आयुर्वेदिक औषधि। हल्दी दूध के फायदे (Benefits of Haldi Milk) इतने सारे हैं कि सामान्य चोटों के उपचार से लेकर गम्भीर बीमारियों तक से बचाव के लिए चिकित्सकों एवं विशेषज्ञों द्वारा हल्दी दूध के सेवन की सलाह दी जाती है।

 

हल्दी दूध के फ़ायदे

हल्दी को इतना ख़ास बनाते है इसमें पाए जाने वाले विटामिन, प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, खनिज तत्व और जीवाणुओं को ख़त्म करने की इसकी अद्भुत क्षमता। कच्ची हल्दी के फायदे (Raw Turmeric Health Benefits) ही अपने आप में अनंत हैं और जब इन फ़ायदों को दूध के पोषण के साथ जोड़ दिया जाता है तो यह हमारे स्वास्थ्य के लिए कवच का कार्य करती है। अगर आप भी सोच रहे हैं कि क्या है हल्दी वाले दूध के फायदे (Haldi Wale Dudh Ke Fayde) तो हमारे इस लेख में हम करेंगे आपकी जिज्ञासाओं का समाधान। हमारे इस लेख Turmeric Milk Benefits in Hindi में हम आपको बताने जा रहे हैं हल्दी दूध पीने के फायदे, साथ ही साझा करेंगे आपसे सर्वोत्तम हल्दी दूध बनाने की विधि। आइए जानते हैं विस्तार से।

हल्दी दूध के फायदे (Turmeric Milk Benefits in Hindi)-:

दूध में हल्दी डालकर पीने से दूध के पोषक तत्व और हल्दी के औषधीय गुण मिलकर हमारे शरीर को लाभान्वित करते हैं। अगर आप सोच रहे हैं कि हल्दी वाला दूध कब पीना चाहिए, तो आपको बता दें कि अन्य अंग्रेज़ी दवाइयों की तरह हल्दी दूध के सेवन का कोई नियत समय नही है। चोट लगने या सर्दी-खाँसी होने पर शीघ्र आराम पाने के लिए हल्दी दूध कभी भी पीया जा सकता है। हालाँकि विशेषज्ञों के अनुसार सोने से पहले हल्दी दूध लाभ सर्वाधिक प्राप्त होते हैं, इसलिए रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए सोने से पहले ही हल्दी दूध का सेवन करना सर्वश्रेष्ठ रहता है। आइए जान लेते हैं हल्दी दूध पीने के कुछ प्रमुख फायदे-:

1. रक्त संचार बेहतर बनाता है हल्दी वाला दूध

रक्त संचार बेहतर बनाता है

शरीर को स्वस्थ बने रहने के लिए सहज रक्त संचरण अत्यंत महत्वपूर्ण है। कई बार रक्त में विषैले पदार्थों की अधिकता हो जाने से ख़ून गाढ़ा होकर धीमा बहने लगता है, और यह स्थिति कई गम्भीर समस्याओं का कारण बन सकती है। आयुर्वेद के अनुसार हल्दी रक्त शोधन का कार्य करती है और रक्त में से विषैले पदार्थों को बाहर निकालकर इसे पतला बनाती है, जिससे रक्त आसानी से धमनियों में प्रवाहित हो पाता है और शरीर का रक्त संचरण बेहतर हो जाता है। कई बार चोट लगने या मोच आने पर भी हमारा रक्त संचरण बाधित हो जाता है और चोटग्रस्त स्थान पर पीड़ा होने लगती है। ऐसे में हल्दी वाले दूध के सेवन से शरीर में ब्लड सर्कुलेशन बढ़ जाता है और दर्द से राहत मिलती है।

 

2. अंदरूनी चोट व बाहरी घाव को जल्दी भर देता है हल्दी वाला दूध

अंदरूनी चोट व बाहरी घाव को जल्दी भर देता है

शरीर में कोई भी अंदरूनी या बाहरी चोट लगने पर हमारे बड़े-बुज़ुर्ग सबसे पहले हल्दी वाले दूध के सेवन की सलाह देते हैं। दरअसल हल्दी में एंटी-बैक्टीरीयल और एंटी-सेप्टिक गुण मौजूद होते हैं जो घाव पर बैक्टीरिया को पनपने नही देते और घाव जल्दी भर जाता है। घाव होने पर औषधीय रूप में हल्दी का लेप करना भी फायदेमंद रहता है। अगर चोट अंदरूनी है तो हल्दी के दूध का सेवन दर्द से राहत दिलाता है।

 

3. हल्दी के दूध के सेवन से त्वचा बनेगी चमकदार और ख़ूबसूरत

हल्दी के दूध के सेवन से त्वचा बनेगी चमकदार और ख़ूबसूरत

नियमित रूप से दूध का सेवन हमारे शरीर में पोषक तत्वों की आपूर्ति करता है जिससे हमारा चेहरा चमकता और खिला हुआ रहता है। अगर दूध में हल्दी को मिलाकर पीया जाए तो शरीर में पोषण की आपूर्ति होने के साथ-साथ रक्त के विषैले तत्व भी बाहर होने लगते हैं। रक्त में मौजूद ये विषैले तत्व ही त्वचा सम्बंधी अनेकों समस्याओं जैसे कील-मुँहासों, खुजली, व स्किन इन्फ़ेक्शन आदि के लिए ज़िम्मेदार होते हैं। दूध का पोषण मिलने और हल्दी द्वारा रक्त को स्वच्छ करने से त्वचा स्वतः ही रोग मुक्त होकर चमकने लगती है।

 

4. सर्दी-ज़ुकाम में औषधि का काम करता है हल्दी का दूध

सर्दी-ज़ुकाम में औषधि का काम करता है

हल्दी में पाए जाने वाले एंटी-बैक्टीरीयल गुण और दूध के सेवन से मिलने वाली गरमाहट, सर्दी-ज़ुकाम की स्थिति में हल्दी के गरम दूध को रामबाण औषधि बनाती है। हल्दी को गरम दूध के साथ पीने से सर्दी का प्रभाव तो कम होता ही है, साथ ही बीमारियाँ फैलाने वाले जीवाणु भी नष्ट हो जाते हैं। हल्दी के दूध का सेवन फेफड़ों में जमा कफ को बाहर निकालने में भी सहायक होता है और मौसमी बीमारियों से हमें बचाता है।

 

5. हड्डियाँ मज़बूत करता है हल्दी वाला दूध

हड्डियाँ मज़बूत करता है हल्दी वाला दूध

दूध में मौजूद कैल्शियम और हल्दी में मौजूद विभिन्न प्रकार के खनिज हमारी हड्डियों के लिए भी लाभदायक सिद्ध होते हैं। रोज़ सोते वक़्त हल्दी के दूध के सेवन करने से जोड़ों के दर्द में आराम मिलता है तथा ऑस्टियोपोरोसिस भी कम होने लगता है।

 

6. पाचन तंत्र संबंधी समस्याओं में हल्दी के दूध का उपयोग

पाचन तंत्र संबंधी समस्याओं में हल्दी के दूध का उपयोग

हल्दी का भोजन में उपयोग इसे स्वादिष्ट और सेहतमंद दोनों बनाता है और पाचन को बेहतर बनाने वाले हल्दी के ये गुण हल्दी के दूध में भी मौजूद होते हैं। हल्दी के दूध का सेवन आँतों को स्वस्थ रखता है तथा पाचन सम्बंधी समस्याओं को ख़त्म करता है। हल्दी के दूध के नियमित सेवन से पाचन तंत्र की विभिन्न समस्याएँ जैसे अपच, अलसर व डायरिया में लाभ होता है।

 

7. किडनी में हल्दी दूध के फायदे

किडनी में फायदे

एक स्वस्थ पाचन तंत्र के लिए किडनी का सुचारू रूप से कार्य करना अत्यंत आवश्यक है पर बदलते खानपान और अनियमित पोषण की वजह से आज अनेकों लोग किडनी सम्बंधी विकारों से जूझ रहे हैं। किडनी सम्बंधी रोगों में हल्दी के दूध का सेवन लाभ पहुँचा सकता है क्योंकि हल्दी में ऐंटिइंफ्लामेट्री एंजाइम्स और कर्क्यूमिन नामक यौगिक मौजूद होता है और ये तत्व किडनी की समस्याओं को बढ़ने नही देते।

उपरोक्त फ़ायदों के अलावा हल्दी के दूध का सेवन बेहतर नींद लेने, रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने, रक्त में शर्करा का स्तर नियंत्रित करने, साँस की तकलीफ़ में राहत दिलाने, वायरल संक्रमण से बचाने, माहवारी के दौरान होने वाली तकलीफ़ को कम करने, कैंसर के मरीज़ों की रिकवरी तथा वज़न कम करने में भी प्रभावी सिद्ध होता है।

हल्दी दूध बनाने की विधि (How to Make Turmeric Milk)

हल्दी दूध बनाने की विधि बेहद आसान है। साधारणतया गर्म दूध में हल्दी पाउडर और चीनी मिलाकर हल्दी दूध तैयार किया जा सकता है पर पाउडर की तुलना में कच्ची हल्दी अधिक लाभदायक मानी जाती है। कच्ची हल्दी के फायदे (Raw Turmeric Health Benefits) प्राप्त करने के लिए निम्न विधि से हल्दी का दूध तैयार करें।

हल्दी का दूध तैयार करने के लिए हमें चाहिए (Ingredients)-:

  • कच्ची हल्दी की गाँठ
  • दो कप दूध
  • चीनी
  • काली मिर्च

हल्दी का दूध तैयार करने की विधि-:

  • हल्दी का दूध तैयार करने के लिए कच्ची हल्दी के छोटे-छोटे टुकड़े कर इसे बारीक कूट लें।
  • अब एक बर्तन में दो कप दूध व थोड़ा सा पानी डालें और गैस पर गरम होने के लिए चढ़ा दें।
  • अब दूध में हल्दी के बारीक टुकड़े डाल दें और धीमी आँच पर दूध को कुछ समय तक उबलने दें। इस तरह उबालने से हल्दी के सभी गुण दूध में अवशोषित हो जाएँगे।
  • जब दूध अच्छे से उबल जाए तो उसे छान लें।
  • अब गरम दूध में स्वादानुसार चीनी और अतिरिक्त पोषण व फ़्लेवर के लिए चुटकी भर काली मिर्च पाउडर डाल दें।
  • हल्दी का स्वादिष्ट और पौष्टिक दूध तैयार है। गर्मा-गरम सर्व करें।

हल्दी के पौष्टिक व औषधीय गुण देखते हुए इसे भारतीय संस्कृति व आहार प्रणाली में महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है। हल्दी का उपयोग ईश्वर की पूजा-अर्चना, शादी-ब्याह व अन्य शुभ अवसरों पर भी किया जाता है। हमारे इस आर्टिकल Turmeric Milk Benefits in Hindi में हमने आपसे हल्दी दूध के फायदे और हल्दी दूध बनाने की विधि साझा की। कैसा लगा आपको हमारा ये आर्टिकल, हमें बताइए, साथ ही इसे शेयर कीजिए अपने दोस्तों और परिवारजनों के साथ, जिससे सभी हल्दी वाले दूध के फ़ायदों से लाभान्वित हो सकें। हल्दी के गुणों से अन्य रूपों  में लाभान्वित होने के लिए आप हल्दी के अचार की आसान विधि यहाँ से देख सकते हैं।

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Himanshu Pareek

हिमांशु एक लेखक हैं और उन्हें खान-पान, आयुर्वेद, अध्यात्म एवं राजनीति से सम्बंधित विषयों पर लिखने का अनुभव है। इसके अलावा हिमांशु को घूमना, कविताएँ लिखना-पढ़ना और क्रिकेट देखना व खेलना पसंद है।

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