भारतीय भोजन से जुड़े कुछ रोचक तथ्य , जिसे शायद आप नहीं जानते

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भारत खाद्य पदार्थों की भूमि हैं , जहां 29 राज्य मिलकर अलग-अलग खाद्य पदार्थों की एक विस्तृत श्रंखला प्रदान करते हैं । जहां हर एक राज्य दूसरे राज्य से बिल्कुल भिन्न हैं ।भारतियों को भोजन सबसे ज्यादा प्रिय हैं । भारतीय भोजन विश्व स्तर पर प्रसिद्ध हेने के साथ ही कुछ हॉलिवुड कलाकारों नें भी  भारतीय भोजन के प्रति अपना प्यार व्यक्त किया हैं । पर हम लोग उतने जाग्रत नहीं हैं हमारे भोजन के इतिहास को लेकर जितना हम सोचते हैं । तो यहां हैं सूची भारतीय भोजन से जुड़े कुछ राज की,  जो आपनें कभी सोचे ना होंगें ।

*समोसा

 

चाय और समोसा का मेल भारतीयों की पहली पसंद हैं । हमें बस बहीना चाहिए समोसी खाने का , यहां तक की एक बॉलीवुड गीत भी हैं  समोसे के संबंध में । पर यहां हैरानी की बात यह हैं कि समोसे मूल रूप स् भारतीय नहीं बल्कि इसकी उत्पति मध्य पूर्वी देशों में हुई हैं ।

*मसालों की भूमि

भारत वास्तव में मसालों की भूमि हैं, जो कि दूसरे देशों की तुलना में  मसालों की कई किस्मों का उत्पादन करता हैं । विश्व में उत्पादित कुल मसालों का 70% उत्पादन भारत में होता हैं ।

*,मुख्य सामग्री

कौन जानता हैं कि टमाटर व आलू जैसी मुख्य सामग्री की उत्पति भारत में नहीं हुई हैं ? जी हां  ,यह सत्य हैं पुर्तगाल ने सबसे पहले इन उतकृष्ट सामग्री का परिचय करवाया ।

*चीनी

भारतीय पहले फल व शहद का उपयोग करते थे मिठास के लिए । शुद्ध व परिष्कृत चीनी का परिचय भी हमें करवाने वाले कोई ओर नहीं बल्कि पुर्तगाली हैं ।

*चिकन टिक्का मसाला

भारत में चिकन टिक्का मसाला किसी भी मांसाहारी के लिए क्या मायने रखता हैं , यह वे ही जानते हैं । प्रसिद्ध मांसाहारी व्यंजनों में से एक इस भारतीय व्यंजन के कई दावेदार हैं ,क्योंकि इसकी उत्पति को लेकर कई विवाद हैं । एक मत के अनुसार यह कहा गया हैं कि इसकी उत्पति ग्लासगो ,स्कॉटलैंड की हैं ।

*छ:मसाले

सामान्यतया भारतीय भोजन के प्रति एक गलत धारणा यह हैं कि यह तीखा होता हैं । खैर, भारतीय भोजन की धारणा के अनुसार इसमें छ:मसालो का समावेश हैं : मीठा ,तीखा ,खट्टा ,कड़वा , कसैला व नमकीन

*गोस्ट पेपर

यह सबसे तीखी मिर्च “भूत जोलोकिआ” या “गोस्ट पेपर” के नाम से भी जानी जाती हैं ।यह माना गया हैं कि यह मिर्च टबैस्को सॉस से 400 गुना ज्यादा तीखी हैं ।

*कैंडी

गन्ने के रस से निकलने वाली चीनी का क्रिस्टलीकरण सबसे पहले भारत में हुआ l 5वीं शताब्दी तक यह व्यवसाय बड़े पैमाने पर होने लगा । यह कंदा के नाम से जाना जाने लगा ,और उसी से अंग्रेजी शब्द कैंडी की उत्पति हुई ।

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