कैसे जानें कि आपके बच्चे के दांतों में है संक्रमण

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दातों का दर्द असहनीय पीड़ा देता है और खास तौर पर अगर बच्चों के दातों में संक्रमण हो जाए तो उससे निपटना और भी अधिक कठिन हो जाता है। बोलचाल कि भाषा में जिसे दातों में कीड़ा लगना कहा जाता है वह दरअसल मुह के अंदर ठीक तरह से सफाई न हो पाने और कीटाणुओं के पनपने से होने वाली कैविटी होती है जिसका समय पर इलाज़ न करने से यह दातों को अंदर तक खराब कर देती है और फिर गहरा दर्द होने लगता है।

बच्चों के मामले में यदि उनके मुंह और दातों कि सफाई का उचित खयाल रखा जाए तो इससे बचा जा सकता है और अगर किसी कारण से दातों में संक्रमण हो भी जाए तो इसके लक्षणों को तुरंत पहचानकर चिकित्सक की उचित सलाह लेनी चाहिए।

आइये जानते हैं क्या हैं ऐसे चिन्ह जो बताते हैं कि आपका बच्चा कैविटी का शिकार हो रहा है-

1)ठंडा गरम लगने की समस्या

अगर आपका बच्चा कुछ भी खाते पीते हुए दातों में ठंडा या गरम लगने की शिकायत करता है तो यह आपके लिए खतरे की घंटी जैसा है। इसका सीधा सा मलतब है कि आपके बच्चे के दांतों या मसूढ़ों में किसी तरह का संक्रमण हो रहा है जिससे दांतों में संवेदनशीलता बढ़ जाने से खाना चबाते हुए या काटते वक्त झनझनाहट या दर्द होने का एहसास होता है।

 

2)मुँह से बदबू आना

अगर आपके बच्चे के मुंह से बदबू आ रही है तो भी इस बात की बहुत संभावना है कि उसके मुंह में संक्रमण हो रहा है। ऐसा होने पर उसके मुंह को अच्छी तरह साफ कराएं। संक्रमण की वजह से अक्सर बच्चे के मुंह का स्वाद भी कड़वाहट भरा हो सकता है। यह भी संक्रमण की निशानी है। अच्छी तरह मुंह की सफाई के बाद भी यदि मुंह से बदबू की समस्या ख़त्म ना हो तो बच्चे को तुरंत चिकित्सक के पास ले कर जाएं।

 

3)फूले हुए मसूढ़े

संक्रमण की वजह से ही मसूड़ों में सूजन भी हो जाती है और त्वचा फूल के पिलपिली सी हो जाती है।  अगर आपका बच्चा दातों में किसी भी तरह की तकलीफ की शिकायत करे तो सबसे पहले उसके मसूड़ों को देखें। अगर सभी मसूड़े एक ही प्रकार की हल्की गुलाबी रंग की त्वचा के दिखें तो यह सामान्य है। लेकिन अगर कुछ हिस्सों में सूजन लगे और त्वचा गहरे गुलाबी या लाल रंग की हो तो यह संक्रमण का लक्षण हो सकता है।

 

4)दांतों में गड्ढे होना –

संक्रमित दांत में कुछ समय के बाद एक छोटा सा काला गड्ढा बन जाता है और दाँत का रंग भी दूसरे दातों की तुलना में ज्यादा काला या भूरा हो जाता है। अपने बच्चे के मुह में ऐसे किसी भी लक्षण के लिए समय समय पर देखते रहें।

 

5)अचानक तेज़ दर्द होना –

अगर बच्चे के दांतों में कभी कभी अचानक तेज़ दर्द होने लगे तो यह कैविटी होने का संकेत है। जब संक्रमण अंदर तक फैल जाता है तब दांत अत्यधिक संवेदनशील हो जाते हैं और कुछ भी खाने पीने पर तेज़ दर्द होने लगता है। इस स्थिति में तुरंत चिकित्सक कि सलाह लेनी आवश्यक है।  

 

अगर आप चाहते हैं कि आपके बच्चों के दांतो में तकलीफ ना हो, तो आपको अपने बच्चे के दांतों की नियमित जांच करनी चाहिये। पर उससे भी महत्वपूर्ण यह है कि आप बच्चे में दांतों को साफ करने संबंधी अच्छी आदतें डालिए। बचपन से ही ये आदतें डालने से बच्चे हर दिन नियमित रूप से अपने दांतो का ख्याल करने लगते हैं। अगर आप उनके दांतो का समुचित ख्याल रखें तो बच्चों को दांतो के संक्रमण से बचाया सकता है ।

चित्र स्त्रोत: www.pixabay.com, http://www.eielson.af.mil, www.smartparenting.com, www.healthxchange.sg

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