थ्रोट इन्फेक्शन के कारण और लक्षण

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थ्रोट इन्फेक्शन या गले में संक्रमण के कुछ लक्षण गले में खरोंच, जलन, सूखापन और दर्द हैं । कुछ मामलों में, प्रभावित व्यक्ति को निगलने में तकलीफ और लिम्फ नोड्स में सूजन का सामना करना पड़ सकता है।

सामान्य थ्रोट इन्फेक्शन दो प्रकार के हो सकते हैं – बैक्टीरियल और वायरल। वायरल इन्फेक्शन गले के  संक्रमण या फेरीनजायटिस के नाम से जाना जाता है और आमतौर पर ठंड या फ्लू के कारण होता है। बैक्टीरियल इन्फेक्शन गले के संक्रमण को एक स्ट्रेप गला कहा जाता है और यह स्ट्रैप्टोकोकस पायोजेनेस बैक्टीरिया के कारण होता है। दोनों में से, आम तौर पर वयस्कों में अधिकतर वायरल संक्रमण ज़्यादा देखा जाता है।

वायरल संक्रमण एंटीबायोटिक दवाओं से प्रतिरोधी है लेकिन यह कुछ दिनों में अपने आप ही दूर हो जाता है या बेहतर हो जाता है। जबकि स्ट्रेप गले को एंटीबायोटिक दवाओं के इलाज की आवश्यकता होती है जो की यह थ्रोट इन्फेक्शन को और जटिलताओं में विकसित होने से रोकती है। यह भी संक्रमक है।

 

कारण

फेरीनजायटिस के कई कारण हो सकते हैं। सबसे आम कारण पर यहाँ पर चर्चा की गई है:

  • अंतर्निहित वायरल बीमारी: फेरीनजायटिस इन्फ्लूएंजा या फ्लू, सामान्य सर्दी, खसरा, मम्प्स, चिकन पॉक्स, टॉन्सिलाइटिस, मोनोन्यूक्लियोसिस, मोनो या चुंबन रोग, या क्रूप –  (जो एक विशेषतह बचपन की भौंकने जैसी खांसी की स्थिति होती है) जैसी अंतर्निहित वायरल बिमारियों का संकेत हो सकता है।
  • सूखापन: घरों या इमारतों को कृत्रिम हीटिंग के द्वारा गरम करने से इनडोर हवा सूख सकती है। इससे गले में, विशेष रूप से सुबह के समय, परेशानी और खुजली महसूस हो सकती है। मुंह के माध्यम से श्वास लेने से भी गला सूख सकता है जिससे गले में जलन, खुजली और दर्द महसूस हो सकता है।
  • एलर्जी: कुछ एलर्जी, जैसे धूल, पोलन, पालतु पशुओं की रूसी, मोल्ड आदि गले में खराश का रूप ले सकते हैं।
  • तनावग्रस्त मांसपेशियां: गले की मांसपेशियों पर जोर से बोलने से या लंबी अवधि के लिए नॉनस्टॉप गायन से भी गले पर दबाव पड़ सकता है।

  • प्रदूषक और जलन के कारण: हवा में धूम्रपान और धुंए जैसे प्रदूषक गले को परेशान कर सकते हैं। तंबाकू, सिगरेट या तंबाकू के धुएं से गले में तनाव, सफाई सामग्री का धुआं और महक गले की मांसपेशियों पर दबाव डाल सकते हैं जिसके कारण गले में दर्द हो उठता है।
  • गैस्ट्रोसोफेजियल रीफ्लक्स बीमारी (GERD): इस प्रकार के पाचन तंत्र विकार में, पेट में एसिड और अन्य सामग्री गले को परेशान करते हुए खाद्य पाइप में दुबारा प्रवेश कर सकती है।
  • चोट या विदेशी कण: गले पर सीधा झटका पड़ना या किसी बहार की पदार्थ की वजह से अड़चन, जैसे की फ़ूड पाइप में फंसने वाले भोजन का एक टुकड़ा भी गले की मांसपेशियों में सूजन और दर्द का कारण बन सकता है।
  • कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली: ऐसी स्थितियों में जहां प्रतिरक्षा प्रणाली से समझौता किया गया है, जैसे HIV संक्रमण और कुछ तरह के कैंसर, गले में आवर्ती समस्याएं पैदा कर सकती हैं। ऐसा सेकेंडरी फंगल इन्फेक्शन्स जैसे साइटोमेगागोवायरस (CMV) या मौखिक थ्रश के कारण हो सकता है।
  • ट्यूमर: लैरीनक्स (वॉयस बॉक्स) या जीभ पर घातक या सौम्य लंप या ट्यूमर के कारण BHI गले में दर्द हो सकता है।

हालांकि फेरीनजायटिस किसी को भी हो सकता है, कुछ लोगों के इससे प्रभावित होने की ज़्यादा सम्भावना रहती है।

 

लक्षण

आमतौर पर दिखाई देने वाले फेरीनजायटिस के कुछ सामान्य लक्षणों के बारें में नीचे पढ़ें:

  • गले में दर्द और लगातार खुजली होना
  • बात करने या निगलने में कठिनाई
  • कर्कश आवाज़
  • सूजे हुए टॉन्सिल
  • भूख न लगना
  • खाने का स्वाद न आना
  • तरल पदार्थ लेने में कठिनाई होने के कारण डिहाइड्रेशन होना
  • टॉन्सिल पर सफेद पैच या पस का गठन होना
  • गर्दन और जबड़े की ग्रंथियों में सूजन

इन लक्षणों के साथ बुखार, छींकना, शरीर में दर्द, सिर-दर्द, खांसी, नाक बहना, मतली या उल्टी शामिल हो सकते हैं।

नोट: यद्यपि गले का वायरल इन्फेक्शन स्वयं ही चला जाता है, अगर ये लक्षण एक हफ्ते से अधिक समय तक चलते हैं या यदि इन लक्षणों में लार में रक्त आ जाना, जोड़ों का दर्द, कान का दर्द और रेश भी शामिल होता है, तो डॉक्टर के पास अवश्य जाना चाहिए।

चित्र श्रोत: staticflickr, pixabay

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