आई वरि फॉर माय हार्ट, नहीं चलने दूंगी, चलता था जैसे

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आज से 1 साल पहले ही मैंने अपनी ज़िन्दगी की एहमियत को समझा और उस दिन से ही मैंने अपने दिल की आवाज़ सुनी | मुझे ये मेरी ज़िन्दगी बदल देने वाला एहसास तब हुआ जब मेरी 34 साल की दोस्त दिशा की हार्ट सर्जेरी हुई | इतनी छोटी उम्र में थोड़े ही हार्ट प्रॉब्लम होती है -ये सोच बिल्कुल गलत है |

ये कैसे हो गया दिशा ?

मुझे खुद नहीं पता | साहिल को हर वक़्त बोलती थी ज्यादा बाहर का मत खाओ, ऑयली फ़ूड को तो बंद कर दो, जेंट्स को बहुत ज्यादा होती है हार्ट प्रॉब्लम, समझो मेरी बात |

और मुझे ही ये सब हो गया ?

उस समय तो जैसे एक धक्का सा लग गया |  मेरी हमउम्र सहेली को ये हो सकता है तो किसी को भी हो सकता है और उस दिन हुआ मेरा संघर्ष शुरू |

नीचे दिए गए सुझाव केवल इंटरनेट को खंगाल के नहीं मिले बल्कि मेरी एक साल की तपस्या है | ना जाने कितनी सलाह, कितनी किताबे, डॉक्टर के सुझाव और अपनी समझ; सभी इंग्रेडिएंट्स को मिलाकर बना ये दिल को सुरक्षित रखता “अमृत” | कहते हैं औरत का दिल कमजोर होता है… हां होता है क्योंकि वो किसी अपने का दुःख नहीं देख सकती बस इस बात को यही तक रहने दें | अपने दिल का ध्यान ना रखकर इसे सच में कमजोर ना बनाएं | आज मैं हर औरत को कहना चाहती हूँ कि इन छोटे-छोटे प्रयासो को अपनाएं और “डोंट वरि, चलने दो चलता है जैसा ” जैसे नजरिये को अपनी ज़िन्दगी से बाहर निकाल फेंके |

 

फाइबर को दिल से लगाए

फाइबर से भरपूर डाइट ही दिल के लिए सबसे उत्तम दवा और ये मैं नहीं हार्वर्ड कहती है | कोलेस्ट्रॉल कम करना और हृदय-सम्बन्धी बीमारियों को दूर करना है इसका महत्वपूर्ण काम | आपके किचन में मौजूद राजमा और छोले इस प्रयास में देंगे आपका साथ | लेकिन हमारा इन्हे बनाने का तरीका है एक दम गलत | क्योंकि तेल, घी, नमक-मसालों का जो हम तड़का इनमे लगाते हैं उससे उसके पोषक तत्व मर जाते हैं | तो बस उबाले इन्हे, और टमाटर, प्याज, खीरा और धनिया को बारीक काट इनका सलाद बनाएं, स्वाद और सेहत के लिए इसमें डालें पुदीने के पत्ते और निम्बू का रस |

 

ज्यादा नमक और मसाले हैं साइलेंट किलर्स

भारतीय खाना वो भी बिना तेज मसालों और नमक के ? ऐसा सुना तो नहीं ! पर आपको अपने हृदय का ख्याल रखते हुए इसका ध्यान रखना होगा | जब पहली बार मैंने अपने खाने में कम नमक और मसाले बिलकुल नाम मात्रा इस्तेमाल किये, तो कभी मेरा जी अचार खाने के लिए ललचायें तो कभी चटनी | पर फिर मैंने अपने दिमाग को मजबूत रखने की कोशिश की क्योंकि तभी दिल मजबूत हो सकता है | एक इंसान को दिन में 5 ग्राम से ज्यादा नमक लेने की सलाह नहीं दी जाती | फिर मैंने सैंडविच में नमक की जगह ऑरेगैनो और फ्रूट चाट में पिसा जीरा, निम्बू का रस और हल्का काला नमक जैसे विकल्प ढूंढे |

 

ग्रिल, ग्रिल और ज्यादा करें ग्रिल

भुना हुआ खाना भारतीय जुबान पर इतना नहीं जमा लेकिन तेल को ना कहने का इससे अच्छा तरीका मुझे नहीं दिखा | अरे आप में से कितने तो बढ़िया शेफ हैं तो क्यों ना रखें अपना और अपनों के दिल का ख्याल| चिकन को मेरिनेट करें ओलिव ऑयल, नींबू के रस, काली मिर्च, लहसुन और थोड़े से नमक के साथ और फिर करें इसे ओवन पर ग्रिल | शाकाहारी विकल्प की भी कमी नहीं है जब ग्रिल्लिंग की बात आती है – पनीर, सब्जियां जैसे मशरूम, अनानास  कॉर्न्स और बहुत सी बारबेक्यू रेसिपीज हैं इसका हल |

और सच मानिये कुछ समय बाद मैंने अपने आप को फिट और एक्टिव पाया | शुरुवात में इसे अपनी दिनचर्या में शामिल करने में मुश्किलें आयी लेकिन धीरे-धीरे इन छोटे-छोटे बदलावों से मेरे वजन में भी कमी आयी और इम्युनिटी भी बढ़ी | हेअल्थी लाइफस्टाइल को दे एक्सीलेटर और कहें आई वरि फॉर माय हार्ट, नहीं चलने दूंगी, चलता था जैसे |

 

चित्र स्त्रोत –Eating well, TO roots,5 elementIndian grill.com

 

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