Home / Uncategorized / बेडरूम में इन 5 वास्तु टिप्स से अपनी लव लाइफ को सुधारें
हर इंसान अपने जीवन में कभी न कभी संघर्ष से गुजरता है और ऐसी स्तिथि में उस इंसान को कुछ भी अच्छा नहीं लगता। ऐसे वक़्त में वह न ही अपने करियर और न ही रिश्तों पर ठीक से ध्यान दे पता है। इन सब से उसके दांपत्य जीवन में समस्याएं आने लगती हैं क्योंकि एक रिश्ते को चलाने के लिए समय और प्यार दोनों की आवश्यकता होती है, जो कि संघर्ष कर रहा इंसान नहीं दे पाता है। ऐसे में सब कुछ ठीक करने के लिए वह इंसान दिन रात भगवान से प्रार्थना करता रहता है।
लेकिन क्या आप विश्वास करेंगे अगर हम आपको बताएं कि आपकी समस्याओं के सभी समाधान आपके घर के भीतर ही मौजूद हैं?
जी हां, जवाब है वास्तु शास्त्र । इसका मतलब होता है “वास्तुकला का विज्ञान”। वास्तु शास्त्र वास्तव में हिंदू धर्म के ग्रंथ हैं जो डिजाइन, लेआउट, और दिशाओं के विभिन्न सिद्धांतों का वर्णन करते हैं। ये शास्त्र प्रकृति को वास्तुकला के साथ जोड़ती हैं।
इन 5 वास्तु ज्ञान का पालन करके अपने जीवन में खुशहाली लाएं और एक खुशहाल वैवाहिक जीवन की शुरुवात करें।
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वास्तु शास्त्र के अनुसार, आपके बैडरूम का दरवाजा आपके जीवन में आने वाले अवसरों का प्रतीक माना जाता है, और इसलिए इस दरवाजे को बिना किसी बाधा के कम से कम 90 डिग्री तक खुलना चाहिए। ऐसा करने से सकारात्मक अवसर आपके जीवन में प्रवेश करती है। यदि आपका दरवाजा इतना नहीं खुल पाता है तो यह इन संभावनाओं को आपके जीवन में आने से रोक सकता है।
आपके घर का दक्षिण-पश्चिम कोना सबसे प्रभावशाली जगह है जहां घर के मालिक को ही रहना चाहिए। किसी बुजुर्ग के न होने पर, इस कमरे में केवल विवाहित जोड़े को ही अपना बैडरूम बनाना चाहिए, लेकिन घर में बड़े जोड़े के होने पर, विवाहित जोड़ा घर के उत्तर-पश्चिम भाग वाला कमरा भी ले सकते हैं। ऐसा इसलिए है क्योंकि यह दिशा दोनों के बीच अच्छी समझदारी को बनाए रखने में मदद करता है। दो इंसान के बिच अच्छी समझदारी से शादीशुदा जीवन काफी सुखमयी हो जाता है।
अपने बिस्तर को लगाने की सबसे आदर्श जगह आपके बैडरूम का दक्षिण-पश्चिम साइड है। वास्तु के अनुसार बेड के पीछे खुली खिड़की नहीं होनी चाहिए बल्कि उस ओर केवल दीवार होना चाहिए । पीछेदीवार होने से सुरक्षा की भावना रहती है और इससे नींद भी शांति भरी आती है। बिस्तर को कभी दरवाजे के सामने नहीं लगाना चाहिए क्योंकि यह सोते समय बेचैनी लाता है।
अच्छी तरह से प्रकाशित कमरा आपके मनोदशा को प्रभावित करने में बहुत ही महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है और इससे आपके विवाहित जीवन में भी अच्छा प्रभाव पड़ता है। इसके लिए जरूरी है आँखों को ठंडक पहुंचने वाली रोशनीI कमरे में ज्यादा चमकदार रोशनी का उपयोग नहीं करना चाहिए। कमरों की दीवारों पर नीले रंग या बैंगनी रंग का उपयोग अच्छा माना जाता है। नीले रंग को भावनात्मक माना जाता है। नीले रंग शुक्र का रंग होता है जिसे प्यार, विवाह और सौंदर्य का प्रतिक माना जाता है। बेडरूम में काले और ग्रे रंग के प्रयोग से दूर रहें।
आईने को सजावटी उद्देश्य के लिए रखें या उपयोगिता के उद्देश्य से, बस इसे बिस्तर के विपरीत दिशा में कभी न रखें, खासकर सोते समय। यह ऊर्जा के विभाजन को दर्शाता है जो तनाव और यहां तक कि विश्वासघात की भावना को बढ़ा सकता है। लेकिन यदि आपके पास आईने को रखने के लिए कोई अन्य जगह न हो तो उपाय स्वरुप सोने से पहले आईने को पर्दे के ढक दें।
नोट – घर के दक्षिण-पूर्वी दिशा में जोड़ों को बैडरूम लगाने से पूरी तरह से बचना चाहिए क्योंकि वास्तु के अनुसार इससे उनके बीच व्यर्थ के झगडे होंगे, उसमे आक्रामक प्रवित्ति आ जाती है और यहां तक की बांझपन भी होता है । उत्तर-पूर्व एक उच्च ऊर्जा दिशा है, क्योंकि इस दिशा में ‘अग्नि’ तत्व की उपस्थिति होती है जिसकी वजह से यह पूजा- पाठ और धार्मिक गतिविधियों के लिए आदर्श स्थान बन जाती है। यह भागवान के रहने की जगह होती है इसलिए इस दिशा के कमरे में विवाहित जीवन आगे बढ़ाना एक अपराध माना जाता है।
चित्र श्रोत – Pexels, Pixabay, Wikimedia Commons.
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