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Viral Fever Diet

Fever Diet: बदलते मौसम में आपको बुखार से बचाने वाला डाइट चार्ट

Himanshu Pareek | अगस्त 12, 2021

बुखार हमारे आसपास सबसे अधिक होने वाली स्वास्थ्य समस्याओं में से एक है। ठंड अथवा बरसात के मौसम में ये समस्या और भी बढ़ जाती है तथा बच्चे, बूढ़े व जवान सभी इसका शिकार बन सकते हैं। आमतौर पर बुखार का सीधा संबंध हमारी कमज़ोर रोग प्रतिरोधक क्षमता से होता है। बुखार होने पर दवाइयाँ लेने से हमें कुछ समय के लिए राहत तो मिलती है, परंतु इस दौरान खान-पान का विशेष ध्यान रखना भी आवश्यक है। बुखार होने पर इससे पूर्णतया निजात पाने के लिए हमारी डाइट प्लान (Fever Diet Plan) पोषण व औषधीय गुणों से युक्त होनी चाहिए। आजकल हमारे आस-पास बुखार व वायरल बहुत चल रहा है, इसलिए इस आर्टिकल में हम चर्चा करेंगे बुखार के कारण व लक्षणों पर, तथा बताएँगे आपको कि बुखार में क्या खाना चाहिए। आइए जानते हैं विस्तार से।

 

बुखार क्या है?- What is Fever?

फीवर यानी कि बुखार एक ऐसी स्थिति है, जब हमारे शरीर का तापमान सामान्य से अधिक हो जाता है। बुखार होने पर हमारा शरीर तेजी से कैलोरी बर्न करने लगता है, जिसके कारण हमारे शरीर में सामान्य से अधिक गर्मी उत्पन्न होती है, एवं ऊर्जा कम हो जाती है। इस कारण बुखार में हमें थकावट व बदन-दर्द का अनुभव भी होता है और हमारी प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर हो जाती है। ये स्थिति हमारे खान-पान में अनियमितता अथवा वातावरण में अचानक आए बदलावों से उत्पन्न हो सकती है।

 

बुखार होने के कारण- Fever Causes in Hindi

बुखार आमतौर पर संक्रमण का एक लक्षण माना जाता है। बुखार होने का अर्थ है कि हमारा शरीर किसी बाहरी संक्रमण जैसे बैक्टीरीयल संक्रमण, वायरस, फ़ंगल संक्रमण आदि से लड़ने का प्रयास कर रहा है। इस स्थिति में हमारा शरीर बड़ी संख्या में श्वेत रक्त कोशिकाओं का निर्माण करता है, जिसके फलस्वरूप शरीर का तापमान तेजी से बढ़ता है और शरीर में से ऊर्जा कम होने लगती है। बुखार होने के कई कारण हो सकते हैं, जिनमें अनियमित खान-पान, अस्वच्छ आहार का सेवन, अधिक ठंडे या गर्म वातावरण में रहना आदि प्रमुख है। चूँकि बुखार किसी परजीवी के सम्पर्क में आने पर हमारे शरीर की प्राकृतिक प्रक्रिया है, अतः इसके असंख्य कारण हो सकते हैं। मुख्य रूप से बुखार के निम्न कारण माने जाते हैं-:

  • कोई गम्भीर चोट या खरोंच लगना
  • कोई बाहरी संक्रमण
  • कोरोना, टिटनेस, डिपथीरिया आदि की वैक्सीन लगवाने के बाद
  • किसी दवा का साइड इफ़ेक्ट
  • लम्बे समय से चल रही बीमारी
  • दूषित भोजन का सेवन
  • मौसम में अचानक आए बदलाव ख़ासतौर पर बरसात का मौसम जब जीवाणु अधिक सक्रिय होते हैं।
  • गर्मी के मौसम में अत्यधिक थकान के कारण

 

बुखार के लक्षण- Fever Symptoms in Hindi

बुखार अपने आप में किसी संक्रमण का एक लक्षण है, ऐसे में इसके लक्षण मरीज में साफतौर पर देखे जा सकते हैं। मरीज को तीव्र थकान व बदन दर्द का अनुभव, शरीर का अधिक तापमान और मुँह में लगातार कड़वापन व खाने-पीने की इच्छा नहीं होना आदि बुखार के प्राथमिक लक्षण हैं। इनके अलावा बुखार के निम्न लक्षण देखे जाते हैं-:

  • तेज़ और गरम साँस आना
  • बदन दर्द
  • अधिक थकान का अनुभव
  • शरीर में ऊर्जा की कमी
  • खाँसी व ज़ुकाम
  • शरीर के जोड़ों में दर्द
  • गले की खराश
  • शरीर का तापमान बढ़ना
  • सिर में दर्द होना
  • कंपकपी व सर्दी लगना
  • त्वचा पर लाल चकत्ते
  • मरीज के मुँह में कड़वापन बने रहना
  • खाने-पीने की इच्छा नहीं होना

 

नॉर्मल बुखार कितना होता है?

बुखार होने पर मरीज के शरीर का तापमान सामान्य से अधिक हो जाता है। मानव के शरीर का औसत सामान्य तापमान 98.6° F (37°C) होता है। कई परिस्थितियों में शरीर का तापमान थोड़ा ऊपर-नीचे हो सकता है। आमतौर पर शरीर का तापमान 100.4°F (38°C) से अधिक होना बुखार का लक्षण माना जाता है। इस स्थिति में शरीर संक्रमण से लड़ने के लिए अधिक ऊर्जा का उपयोग करने लगता है और शरीर का तापमान बढ़ जाता है। इससे राहत पाने के लिए हेल्दी डाइट (Fever Diet) का सेवन करना चाहिए।

 

वायरल फीवर में क्या खाएँ?

एक संतुलित Fever Diet के अतिरिक्त बुखार में कुछ निश्चित प्रकार के खाद्य व पेय पदार्थों का सेवन लाभ पहुँचाता है। आइए जानते हैं इनके बारे में-:

1. फलों का सेवन

बुखार में फलों का सेवन करना विशेष रूप से लाभदायक माना जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार खट्टे फल जैसे संतरा, मौसम्बी, नींबू, अनानास, कीवी आदि का सेवन नियमित रूप से करना शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाकर बुखार से राहत पहुँचाता है, क्योंकि इनमें विटामिन सी व एंटी-ओक्सिडेंट्स का उचित सामंजस्य पाया जाता है।

2. हरी सब्ज़ियों का सूप

बुखार में हरी सब्ज़ियाँ खाना भी लाभकारी होता है। भाप में पकी अथवा उबली हुई हरी सब्ज़ियाँ पोषण से भरपूर होती है। अतः बुखार के दौरान पालक, टमाटर व अन्य सब्ज़ियों का सेवन शरीर में पोषण की आपूर्ति कर पर्याप्त ऊर्जा बनाए रखता है।

3. दलिया

लंच अथवा डिनर में हल्के भोजन के रूप में बुखार के दौरान दलिये का सेवन किया जा सकता है। दलिया प्रोटीन का एक अच्छा स्त्रोत माना जाता है एवं विभिन्न खनिज तत्वों से भी परिपूर्ण होता है। बेहतर परिणाम के लिए दलिए का सेवन दूध डालकर करें। स्वाद के लिए इसमें गुड़ भी डाला जा सकता है।

4. मूँग दाल की खिचड़ी

मूँग दाल की खिचड़ी बुखार में पोषण का अच्छा स्त्रोत होती है। यह बनाने में आसान होती है, स्वादिष्ट होती है एवं आसानी से पच जाती है।

5. भरपूर पानी पीएँ

बुखार में शरीर में पानी की कमी हो जाती है जिससे बैक्टीरिया को पनपने का अवसर मिल जाता है। इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि बुखार होने पर आप नियमित अंतराल में पानी पीते रहें। इससे शरीर में श्वेत रक्त कोशिकाओं की संख्या बढ़ेगी एवं शरीर में से विषाक्त पदार्थ बाहर निकल जाएँगे।

6. नारियल पानी का सेवन

बुखार के दौरान हमें नारियल पीने से भी काफ़ी लाभ होता है। नारियल पानी शरीर में पानी की आपूर्ति करने के साथ-साथ विभिन्न प्रकार के खनिज तत्वों, विटामिनों एवं औषधीय गुणों की शरीर में आपूर्ति करता है। नारियल पानी में इलेक्ट्रोलाइट व ग्लूकोज़ भी पर्याप्त मात्रा में मौजूद होते हैं जो कि बुखार के दौरान होने वाले उल्टी-दस्त के प्रभाव को कम करते हैं।

7. शहद का सेवन

बुखार में शहद का सेवन करना भी काफ़ी लाभदायक माना जाता है। शहद में हमारे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाले गुण पाए जाते हैं। इसके जीवाणुरोधी गुण सर्दी-खाँसी से राहत दिलाने में लाभकारी सिद्ध होते हैं।

8. चिकन सूप पीना लाभकारी

बुखार होने पर शरीर को पोषण की अतिरिक्त आवश्यकता होती है, जिसकी आपूर्ति के लिए चिकन सूप पीना एक अच्छा विकल्प है। चिकन में प्रोटीन तो प्रचुर मात्रा में होता ही है, साथ ही सब्ज़ियों के साथ इसका सेवन शरीर में एंटी-ओक्सिडेंट तत्वों की भी आपूर्ति करता है।

बुखार से लड़ने में किशमिश, चाय, कॉफ़ी, अंकुरित अनाज, ब्राउन ब्रेड, लहसुन, केला, सेव आदि का सेवन भी लाभदायक रहता है।

 

ये भी पढ़े: Heart Patient Diet in Hindi: क्या खाने से स्वस्थ बना रहेगा आपका हृदय स्वस्थ?

 

बुखार का डाइट प्लान – Viral Fever Diet in Hindi

अधिकतर डॉक्टर सलाह देते हैं कि जब तक समस्या अधिक गम्भीर न हो, अंग्रेज़ी दवाइयाँ लेने से बचना चाहिए। जिसका अर्थ है कि अधिकतर सामान्य स्वास्थ्य सम्बंधी समस्याओं का हाल हमारे खान-पान में ही मौजूद है। बुखार होने पर हमारा शरीर बैक्टीरिया, वायरस व अन्य संक्रमणों से लड़ने के लिए श्वेत रक्त कोशिकाओं के उत्पादन में अपनी अधिक ऊर्जा लगाता है। इस कारण शरीर में पोषण की कमी हो जाती है, थकान होती है एवं तापमान बढ़ जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार बुखार की स्थिति से जल्द स्वस्थ होने के लिए पोषण युक्त खान-पान का सेवन अनिवार्य होता है।

Viral Fever Diet in Hindi

बुखार के दौरान मरीज़ों के मुँह में कड़वापन रहता है और इसीलिए कई लोगों का ये सवाल होता है की बुखार में क्या खाना चाहिए? बुखार के दौरान उचित खान-पान नहीं लेने से शरीर में कमज़ोरी आ सकती है तथा रोग प्रतिरोधक क्षमता कमज़ोर हो सकती है। ऐसे में वायरल फ़ीवर समेत किसी भी प्रकार के बुखार में खनिज तत्व व विटामिनों युक्त खाद्य पदार्थों का सेवन करना चाहिए। आइए जानते हैं वायरल फ़ीवर के दौरान आपकी डाइट किस तरह की होनी चाहिए। कोरोना से उबर रहे मरीज भी COVID-19 Patient Diet Chart in Hindi आर्टिकल को पढ़ कर बुखार में शीघ्र राहत पर सकते हैं।

  • नाश्ते: बुखार के दौरान नाश्ते में फलों का रस व सब्ज़ियों का सूप पीना बेहतर रहता है। विटामिन सी युक्त फलों जैसे संतरा, अनानास, मौसम्बी, तरबूज़, कीवी आदि फलों का सेवन करना हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाकर बुखार में शीघ्र राहत पहुँचाता है। बुखार होने पर नाश्ते में गुनगुने दूध में शहद व केसर डालकर पीने से भी लाभ होता है।
  • लंच: बुखार होने पर लंच में चपाती के साथ मछली, दाल, अंडा, आलू, घी व विभिन्न सब्ज़ियों का सेवन किया जा सकता है। खाने के बाद आप एक गिलास नींबू पानी का सेवन भी कर सकते हैं।
  • डिनर: बुखार होने पर डिनर में विभिन्न प्रकार के सूप जैसे चिकन सूप, सब्ज़ियों के सूप आदि पीना बेहतर रहता है। इसके अतिरिक्त आप उबली हुई सब्ज़ियाँ व सब्ज़ियों का सलाद भी खा सकते हैं। मीठे में आप गुड़ व रसगुल्ला खा सकते हैं।

 

बुखार में क्या न खाएं? – What Not to Eat in Fever in Hindi?

बुखार में एक संतुलित डाइट का सेवन (Fever Diet) तो ज़रूरी होता ही है, साथ ही कुछ ऐसे खाद्य व पेय पदार्थ भी हैं जिनके सेवन से आपको बचना चाहिए, अन्यथा स्वस्थ होने में समय लग सकता है। आइए जानते हैं बुखार में क्या नहीं खाना चाहिए-:

  • बुखार में बाहर का अधिक मसाले वाला तला-भुना खाना व चाट-पकौड़ी खाने से बचना चाहिए क्योंकि इसे पचाने में समय लगता है और शरीर की अत्यधिक ऊर्जा ख़र्च होती है।
  • बुखार में विभिन्न प्रकार के बेकरी प्रोडक्ट्स जैसे कुकीज़, बिस्किट, आइसक्रीम, केक इत्यादि खाने से बचना चाहिए। बाहर के पिज़्ज़ा (Pizza), बर्गर (Burger) व अन्य फास्ट फूड भी बुखार में घातक माने जाते हैं।
  • बुखार के दौरान कोल्ड-ड्रिंक का सेवन न करें। इसके स्थान पर सादा पानी व नारियल पानी पीएँ।
  • बुखार के दौरान लाल माँस का सेवन न करें, क्योंकि इसे पचाने में शरीर को अत्यधिक समय लगता है।
  • बुखार के दौरान मदिरापान न करें। इससे शरीर की पाचन क्रिया प्रभावित होती है।
  • धूम्रपान भी बुखार के दौरान त्याग दें। इससे शरीर में विषाक्त पदार्थों की मात्रा बढ़ जाती है।
  • बुखार के दौरान चावल की जगह चपाती खाएँ। इसे पचाना आसान होता है।

 

बुखार के इलाज के घरेलू उपाय- Home Remedies for Fever in Hindi

Home Remedies for Fever in Hindi

बुखार के समय आपको अपने खान-पान का विशेष ध्यान तो रखना ही चाहिए, साथ ही कुछ ऐसे घरेलू उपाय भी हैं जो आपको बुखार में जल्दी राहत दिलवा सकते हैं-:

  1. 1. बुखार होने पर एक कटोरी पानी में 20-25 तुलसी के पत्तों को कसी हुई अदरक के साथ अच्छे से उबालें। पानी के आधा रहने के बाद इसे शहद के साथ मिलाकर पीएँ। इस मिश्रण को तीन दिन लगातार दिन में दो बार पीने से बुखार में जल्द राहत मिलेगी।
  2. 2. बुखार होने पर किशमिश का सेवन करें। इससे बुखार जल्दी उतर जाएगा।
  3. 3. पुदीने की पत्तियों को पीसकर उबालने और फिर शहद के साथ मिलाकर पीने से बुखार जल्दी उतर जाता है।
  4. 4. बुखार से जल्दी राहत पाने के लिए गुनगुने दूध में चुटकी भर हल्दी व काली मिर्च मिलाकर पीएँ। हल्दी के औषधीय गुणों से आपको लाभ होगा।
  5. 5. दो चम्मच सरसों के तेल में लहसुन की कलियों को अच्छे से सेककर इस तेल की हाथ पैरों में मालिश करें। बुखार के दौरान होने वाला बदन दर्द व शरीर का तापमान कम हो जाएगा।
  6. 6. पानी में लहसुन की कटी हुई कली को उबालकर पीने से भी बुखार में जल्दी राहत मिलती है।

 

बुखार होने पर शरीर को अत्यंत तकलीफ़ होती है, एवं हमारी उत्पादकता कम हो जाती है। ऐसे में हमें उचित Fever Diet और रोग प्रतिरोधक क्षमता मज़बूत करने वाले खाद्य पदार्थों का सेवन करना चाहिए। कैसा लगा आपको ये आर्टिकल, हमें बताइए और इसे शेयर कीजिए अपने दोस्तों व परिवारजनों के साथ। ऐसी ही अनमोल जानकारी और नई-नई रेसिपीज़ के लिए जुड़े रहिए BetterButter के साथ।

 

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Himanshu Pareek

हिमांशु एक लेखक हैं और उन्हें खान-पान, आयुर्वेद, अध्यात्म एवं राजनीति से सम्बंधित विषयों पर लिखने का अनुभव है। इसके अलावा हिमांशु को घूमना, कविताएँ लिखना-पढ़ना और क्रिकेट देखना व खेलना पसंद है।

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