Home / Nutrition in Hindi (पोषण) / हौरमोन्स के संतुलन के लिए कैसा हो आपका आहार?
आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी के आर्थिक, शारीरिक और मानसिक दबाव की वजह से जो चीज़ सबसे ज्यादा प्रभावित हुई है वह है खानपान की आदतें। लंबे समय तक रहने वाला दबाव तनाव को जन्म देता है और तनाव शर्तिया स्वास्थ्य बिगाड़ता हैऔर इसके फलस्वरूप हॉर्मोन्स में अनियमितता आ जाती है। इस असंतुलन से पुरुषों में टेस्टोस्टेरॉन और महिलाओं में एस्ट्रोजन हॉर्मोन में अनियमितता आने लगती है। इसलिए यह बहुत जरूरी है कि हम ऐसी भागदौड़ भरी जिंदगी में अपने खानपान को लेकर सावधानी बरतें और ऐसा आहार खाएं जो कि हॉर्मोन्स के संतुलन में हमारी मदद करे। अब आप पूछेंगे ऐसी कौन सी चीज़ें हैं जो इस काम में मदद करती हैं। तो इसका जवाब है ऐसा खाना जिसमें प्रोटीन, ओमेगा थ्री, ओमेगा सिक्स, कैल्शियम, फाइबर और आयरन की जरूरी मात्रा मौजूद हो। इसके लिए क्या क्या खाएं आइये आपको बताते हैं-
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उचित मात्रा में पानी पीने से शरीर हाईड्रेटेड रहता है और इससे स्ट्रेस लेवल को कम रखने में मदद मिलती है। तनाव हॉर्मोन्स के असंतुलन का सबसे बड़ा कारण है और केवल पानी पी के इसे काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।
हॉर्मोन्स के संतुलन के लिए ऐसा आहार होना चाहिए जिसमें प्राकृतिक फैटी एसिड्स भरपूर मात्रा में हों। ऐसे आहार के लिए आपको खाना चाहिए खूब सारे मेवे, साबुत अनाज जिसे होलग्रेन कहा जाता है, ऑलिव ऑइल और ऐसी मछ्ली जिसमें ज़रूरी फ़ैटी एसिड बहुतायत से हों जैसे कि साल्मन, ट्राउट और टूना मछ्ली। इन सब में होता है ओमेगा थ्री यानि हृदय के साथ साथ तंत्रिकातंत्र को भी सशक्त रखने वाला आहार। साथ ही साथ इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि यह होर्मोंस का असंतुलन नहीं होने देता।
ऐसे फल जो फ्लेवोनोइड्स की अधिक मात्रा रखते हों उन्हें होर्मोंस को संतुलित रखने के लिए ज़रूर खाना चाहिए। इसमें खट्टे फल जैसे कि संतरे इत्यादि के साथ साथ नाशपाती, ब्लूबैरीज़, स्ट्रॉबैरीज़,लाल अंगूर, सेब और तरबूज जैसे फल शामिल हैं।
हरी पत्तेदार सब्जियाँ न केवल पोषण से भरपूर हैं बल्कि होर्मोंस के संतुलन के लिए भी एक कामयाब उपाय हैं। अपने रोज़मर्रा के खाने में पालक, मेथी ,सलाद के पत्ते जैसी हरी सब्जियाँ अवश्य खाएं।
अधिक मात्रा में फाइबर से युक्त भोजन शरीर के लिए हमेशा ही स्वास्थ्यप्रद माना गया है। यह शरीर में होर्मोंस के संतुलन के लिए भी लाभकारी है। साथ ही साथ इस तरह के आहार में इतनी वैराइटी की चीज़ें आती हैं कि हर बजट के भीतर आप इसे खरीद सकते हैं जैसे कि साबुत अनाज और दालें, खूब सारी सब्जियाँ और सभी तरह के फल। पानी में भिगा के अंकुरित किए गए अनाज जैसे कि मूंग, चना और मूँगफली भी ढेर सारे फाइबर का स्रोत होते हैं।
यह अच्छी वसा यानि कि मोनोसैचुरेटेड फैट का भंडार होने के कारण शरीर के लिए बेहतरीन आहार है। यह पोषक तत्वों, विशेष रूप से फॉलिक एसिड, कई सारे विटामिन्स जोकि हार्मोनल संतुलन को बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण हैं से भरा हुआ होता है। साथ ही इसमें स्टेरोल भी होता है जिसका हमारे होर्मोंस एस्ट्रोजेन और प्रोजेस्टेरोन पर विशेष प्रभाव पड़ता है जो दोनों अंडाशय और मासिक धर्म चक्रों को सही रखने का कार्य करते हैं।
यह पढ़ने के बाद आप को जरूर लग रहा होगा कि इसमें ऐसा कुछ भी नहीं जिसके लिए आपको विशेष मेहनत की जरूरत है। केवल इतना करना है कि आपके हफ्ते के आहार में यह सभी चीज़ें किसी न किसी रूप में नियमित तौर पर शामिल हो जाएँ। अगर आप ऐसा कर लेती हैं तो पूरे परिवार की सेहत गारेंटीड।
चित्र स्त्रोत: www.libreshot.com, www. Public Domain Pictures.net, www.pixabay.com
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