5 प्रोबायोटिक खाने के पदार्थ जो आपकी पाचन शक्ति को बढ़ाते हैं

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क्या आपको अपने शरीर में, मुँह से लेकर पेट के हिस्से तक के मार्ग में ज़्यादातर तकलीफ महसूस होती है? क्या आप इस बात से परेशान हैं की हेल्थी डाइट को अपनाने के बावजूद भी आप थके-थके से रहते हैं ? अगर इन सब बातों का जवाब हाँ है तो समय आ गया है की आप अपनी आंतों को साफ रखें जो की कई प्रेसेर्वटिव्स,अवांछित फैट और फ्रिज में रखें खाने की चीज़ों के कारण प्रभावित हो सकता है। हमारे खाने में कई प्रकार के एंटीबायोटिकस इंजेक्ट होते हैं और इस कारणवश प्रोबायोटिक खाना धुंदला पड़ जाता है। अगर आप स्वस्थ पाचक तंत्र, अच्छी त्वचा, सूजन और आंतों के विकार, गैस्ट्रो और अंताडी सम्बंधित परेशानियों से बचाव और छुटकारा पाना चाहते हैं, तब नीचे दिए गए प्रोबायोटिक खाने के पदार्थों को अपने रोज़ के डाइट में ज़रूर शामिल कीजिये –

 

1 ) ठन्डे आलू-

सुपर स्टार्च खाने जैसी की ठन्डे आलू खाने से पेट सही रहता है। जब आलू पका कर ठन्डे किए जाते हैं तब वे प्रतिगामिता की प्रक्रिया से गुज़रते हैं जिसमें स्टार्च पाचक स्टार्च का प्रतिरोध करता है। इस तरह पुराने आलू फेरमेंटेड फाइबर का रूप ले लेते हैं जो आपके पेट के लिए अच्छा होता है। ये प्रतिरोधक स्टार्च पाचन क्रिया में सहायता करता है और इसमें कम कैलोरीज़ होती हैं। इस प्रोबायोटिक पदार्थ को कम मात्रा में खाने से भी पेट लम्बे समय तक भरा रहता है।

टिप- इन कच्चे आलुओं का स्मूथी बनाने में उपयोग करें, उबले हुए चावल के साथ खाएं या किसी भी डिश में ऊपर से डालकर खाएं।

 

2 ) अचार-

दही-चावल और अचार को हम में से शायद ही कोई मना कर पाता है! इसके बारे में लिखते लिखते ही मुँह में पानी आ जाता है, अचार जिस भी रूप में खाये जाएं, वे निश्चित रूप से ही हमारे पूरे सिस्टम की ग्रोथ को बढ़ावा देतें हैं और इन्फेक्शन्स से सुरक्षित रखते हैं।

हालांकि अचार में विटामिन K की भरपूर मात्रा होती है, अन्य प्रोबायोटिक पदार्थों के मुकाबले इनके कम फायदे होते हैं। लेकिन तब भी, अचार हमारे शरीर में कैल्शियम और मिनरल्स को सोख लेते हैं, मेटाबोलिस्म को बढ़ावा देते हैं, हमारे आंतों की लाइनिंग को सुरक्षित रखते हैं और पाचन शक्ति को बेहतर बनाते हैं।

 

3 ) हंग कर्ड-

अगर आप अपने पाचन तंत्र को लेकर चिंतित हैं और इसको प्राकृतिक उपायों के ज़रिए स्वस्थ रखना चाहते हैं तब गाढ़ा दही या हंग कर्ड बाज़ार से ज़रूर खरीद लाएं अथवा घर पर इसे आसानी से जमाकर बनाएं। यह एक मास्टर संघटक हैं जिसके सेवन से आपका डाईजेस्टिव सिस्टम बिलकुल सही रहता है। मूल रूप से, दही में मौजूद लैक्टोबैसिलस अंग हमारे शरीर में अच्छे बैक्टीरिया को बढ़ावा देता है जो की शरीर पर आक्रमण करने वाले अन्य ख़राब बैक्टीरिया से हमारी हिफाज़त करता है।

टिप- हंग कर्ड या गाढ़े दही को सीधे ही खाएं या रोटी या चावल के साथ इसे खाएं।

 

4 ) पनीर-

हालांकि अगर आप वेट मैनेजमेंट करना चाहते है तो पनीर इसके लिए बिलकुल ठीक नहीं है, लेकिन पेट साफ़ रखने के लिए पनीर बहुत फायदेमंद रहता है। इसमें अच्छे बैक्टीरिया मौजूद होते हैं जिनमें बड़ी मात्रा में कैल्शियम होता है और ये आपके शरीर की हड्डियों को प्राकृतिक रूप से मज़बूत रखता है।

टिप- पनीर को अपने रोज़ के खाने के पदार्थों में शामिल करें या इसे टोस्ट करी हुई ब्रेड के संग खाएं।

 

5 ) एप्पल साइडर विनेगर –

एप्पल साइडर विनेगर का सेवन, पेट से सम्बंधित या गैस से सबंधित समस्यायों के लिए एक अन्य प्राकृतिक उपाय है। केवल 1 बड़ा चम्मच विनेगर एक पानी के गिलास में मिलाकर खाना खाने से पहले पिएं और देखें इसका असर! ऐसा करने से पाचन क्रिया में मदद मिलती है क्योंकि इससे शरीर में खाने के कण आसानी से टूट जातें हैं। एप्पल साइडर विनेगर प्राकृतिक रूप से हमारे जिगर को साफ रखता है। इसका सेवन पानी के साथ, निम्बू-पानी के साथ या चाय के साथ किया जा सकता है।

चित्र स्त्रोत – पिक्साबे, विकिपीडिया कॉमन्स, फ्लिकर  

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