मेरे चेहरे को ही नहीं, मेरे सपनो को भी छील दिया तूने !

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राकेश- और भैया जी, घर में सब ठीक ?

महेश- श्रीकृष्ण की कृपा से सब बढ़िया ! आप सुनाओ ?

राकेश-यहाँ भी सब ठीक | दोनों बच्चों की पढाई कैसे चल रही हैं ?

महेश- कविता तो दिन-रात एक कर रही हैं उसे तो बस बड़ा अफसर बनना हैं | वो शैलेश ही है जो बस आवारागर्दी कर अपनी ज़िन्दगी को यूँ ही ज़ायर कर देगा |

राकेश – वो भी कर लेगा कुछ ना कुछ ! लड़के तो अक्सर ऐसे ही होते हैं | (राकेश अंकल मेरे पापा के दोस्त ये कह ज़ोर-ज़ोर से हॅसने लगे | )

चेहरे पर इतना गुमान था मेरे पापा के, वो भी मेरी वजह से |

मैं फिर कभी लक्ष्य को ना पाकर मायूस हो जाती लेकिन मेरे पापा को मुझ पर मुझसे ज्यादा भरोसा था | कहते आँख बंद करके भी कही निशाना साधेगी ना कभी चूक नहीं मिलेगी तुझे | क्योंकि तूने अपने माँ-बाप की परेशानियों को समझा है | और मैं हमेशा कहती बाबा जब मैं तुम्हे बस की लाइन में पसीने से लत-पत खड़ा देखती हूँ तो मुझे बहुत दुख होता है | और मुझे चैन तब मिलेगा जब तुम्हारी अपनी गाड़ी होगी वो भी ड्राइवर के साथ | पापा भी मुस्कुरा कर मेरे सर पर हाथ फेर फिर काम के लिए निकल जाते |

लेकिन ये मुस्कराहट, ये आत्म-विश्वास, ये भरोसा ज्यादा दिन का मेहमान नहीं रहा | आखिरी एग्जाम वाले दिन मेरी कॉलेज में पढ़ने वाले एक लड़के ने मुझे प्रोपोज़ किया | मैंने साफ़ इंकार कर दिया ये सोच कर कि मेरे सपनो की उसे क्या खबर ? उसके प्यार के इम्तिहान में फेल होने का मुझे उसने ऐसा इनाम दिया जो इतना भयानक था कि सोच कर भी आपकी रूह काँप जायेगी | मेरे ऊपर एसिड अटैक कर दिया |

मेरा चेहरा, नाक, कान , हाथ ही नहीं बल्कि मेरी आत्मा, मेरी सोच, मेरे सपनों तक को छील दिया उस एसिड ने |

मेरे जख्मो से जब पानी और खून निकलता था तो उसका चीरता हुआ दर्द मुझसे सहन ना हो पाता | मेरा रोम-रोम बस यही कहता माँ मुझे मार दो | मैं शायद ये दर्द नहीं सह पाउंगी |

माँ हर बार मुझे गले लगाती और कहती “किस्मत से जीतने का एक अपना ही मज़ा हैं, ये तुझे जीतने नहीं देगी लेकिन तू हार मानने वाली नहीं, तू मेरी कविता है “|

माँ के हर रास्ता दिखाते शब्दों ने मुझमे ऐसी शक्ति भर दी कि मैं मौत से लड़ने को भी तैयार हो गयी | और ये सोचने लगी मैं नरक से गुजर रही हूँ तो मुझे चलते जाना है, रुक गयी तो और बहुत कुछ सहना पड़ेगा ! मैं ठीक हुई, ग्रेजुएशन में मार्क्स अच्छे आने से मुझे एक अच्छी जॉब मिली | मुझे पता था कि इस भयानक चेहरे को कोई 1 सेकंड देख ले तो डर जाएगा तो ज़िन्दगी भर का साथ निभाने वाला शायद कभी ना मिल पायेगा | पर फिर भी दिल तो दिल है अपने राजकुमार का इंतज़ार था | आज एक पढ़े लिखे उच्च विचारो वाले लड़के से मेरी शादी हो गयी है जो सूरत को कम लेकिन सीरत को ज्यादा एहमियत देता है |

आज मैं एक बेस्ट वाइफ ,बेस्ट डॉटर और उस लड़के के लिए एक “सबक” हूँ कि देख कोई इंसान इंसान की किस्मत को नहीं बदल सकता |

चित्र स्त्रोत -Variety, dailypost,in,the Hindu,Utsavpedia

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