Home / सेलेब्रिटीज़ / कैसे समय के साथ बॉलीवुड में बदलाव आया
बदलते वक़्त के साथ बॉलीवुड भी बदलता गया। हिंदी सिनेमा की शुरुआत 1913 में हुई थी, अब इसके 100 साल पुरे हो गए हैं और इन 100 सालों में बॉलीवुड ने कई बार अपना रूप बदला है। पहले हिंदी फ़िल्में सिर्फ भारत में ही चलती थी पर आज ये पूरी दुनिया में देखीं जा रही हैं। वक़्त के साथ बॉलीवुड की हर चीज़ बदलती गयी और और हम उस बदलाव को अपनाते गए। बोल- चाल की भाषा से लेकर फैशन तक हर चीज़ बदल चुकी है और इन बदलाव का प्रभाव समाज पर भी पड़ता रहा है।
आइये जानते हैं की 1913 से 2018 तक के इस 105 साल के बॉलीवुड के सफर में किस किस तरह के बदलाव आए
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पहली की फिल्मों में शुद्ध हिंदी भाषा का प्रयोग किया जाता था पर आज कल की फ़िल्में पूरी दुनिया में देखीं जाती हैं इसलिए अब शुद्ध हिंदी का प्रयोग कम किया जाने लगा है। आजकल की फिम्लों में ज्यादातर हिंगलिश का प्रयोग किया जाता है।
बॉलीवुड में हीरो हीरोइनों के पहनावे में बहुत अंतर आया है। हमारे देश में सभी बॉलीवुड को फॉलो करते हैं, जिस तरह के कपडे हमारे अभिनेता पहनते हैं हम भी उसी तरह के कपडे पहनना चाहते हैं और बाजार में भी वही मिलते हैं। पहले के ज़माने में बॉलीवुड में ज्यादातर भारतीय कपडे चलते थे पर वक़्त के साथ यह बदल गया। आज बॉलीवुड में वेस्टर्न कपडे ज्यादा दिखने लगे हैं। पहनावे के साथ- साथ मेकअप के तरीके में भी बदलाव आया है।
पहले की क्रोयोग्राफी और आज की कोरियोग्राफी में बहुत अंतर है, पहले के नाच गाने में ज्यादातर भारतीय संस्कृति को दर्शाया जाता था। पहले ब्रेक डांस या कोई और वेस्टर्न डांस हमें कभी ही देखने को मिलता था और उस समय के डांस को किसी पार्क या साधारण से घर से बगीचे में दर्शाया जाता था। पर आजकल हमें ज्यादातर वेस्टर्न डांस देखने को मिलता है और इन्हे बहुत ही अच्छी जगह पर शूट किया जाता है।
पहले की फिल्मों में शूटिंग भारत के अंदर ही होती थी और उसके लिए किसी ख़ास जगह का चुनाव नहीं किया जाता था, उस समय शूटिंग के लिए कैमरे भी कुछ ख़ास नहीं होते थें इसलिए वीडियो उतने अच्छे नहीं आते थें। आजकल शूटिंग के लिए अभिनेता विदेश तक चले जाते हैं, वहां के अच्छे जगहों का चयन किया जाता है ताकि दर्शकों को खूबसूरत वादियाँ दिखा सकें।
पहले के ज़माने की फिल्मों में लोग एक जगह से दूसरे जगह तक संदेसा पहुंचाने के लिए चिट्ठियों का या कबूतर का प्रयोग करते थे पर वक़्त के साथ इस चीज़ में भी बदलाव आ गया अब लोग मोबाइल फ़ोन या टेबलेट का प्रयोग करते हैं। बढ़ती टेक्नोलॉजी के साथ बॉलीवुड में भी इस तरह के कई बदलाव आये हैं।
पहले की फ़िल्में लम्बी हुआ करती थी, उसमे हर चीज़ को धीरे- धीरे दिखाया जाता था। उस समय की फ़िल्में कम से कम 3-4 घंटे की होती थीं। वक़्त के साथ फिल्मों की रफ़्तार में भी बदलाव आया है, आज के लोग 3-4 घंटे की फिल्म देखना पसंद नहीं करते हैं इसलिए अब फिल्मों को छोटा बनाया जा रहा है और चीज़ें तेजी से दिखाई जा रही हैं।
पुरानी बॉलीवुड फिल्मों ने आज्ञाकारी और सम्मान जैसी विशेषताओं को दर्शाया जाता था। पुरानी फिल्मों में बच्चे अपने माता-पिता के शब्दों के प्रति बहुत आज्ञाकारी थे और इसके द्वारा दिखाए गए राह पर अपना जीवन जीते थे। यह भी समय के साथ बदल गया है और इन दिनों फिल्में बच्चों को उनके विचारों को सामने रखने के लिए और उनके सपनों को फॉलो करने के मामले में अधिक स्पष्ट होना चित्रित करती हैं।
चित्र श्रोत – Woodsdeck, pinterest, pandolin, Bollywoodlife, Erminesoft, Indiatimes, Gstatic, Wikipedia, Timesnow, Pixabay.
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