Search

HOME / मानसिक तनाव और आपकी त्वचा

मानसिक तनाव और आपकी त्वचा

Kavita Uprety | अक्टूबर 17, 2018

मानसिक तनाव और आपकी त्वचा

आजकल के व्यस्त जीवन में मानसिक तनाव से हर व्यक्ति को जूझना पड़ता है। बच्चों से ले कर बूढ़ों तक हर किसी को अलग अलग कारणों से तनाव हो सकता है और इसीलिए कभी कभी लगता है टेंशन शब्द जैसे जीवन का पर्याय बन गया हो। अन्य कई दुष्प्रभावों के साथ साथ तनाव का असर त्वचा पर बहुत गहराई से पड़ता है और कई बार इसके कारण हो गए नुकसान को ठीक करना लगभग नानुमकिन सा हो जाता है।

आइये जानते हैं कैसे तनाव दुश्मन बन जाता है हमारी त्वचा का?

 

1.तनाव और चेहरे की भाव भंगिमायें

अलग अलग शोधों से पता चला है कि लगातार रहने वाला तनाव उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को उत्तेजित करता है और व्यक्ति को समय से पहले बूढ़ा बना सकता है। यह स्किन पर बुरा असर डालता है और विशेषज्ञों का कहना है कि जब आप तनाव में हों तो ऐसी भाव भंगिमाएं न बनायें जो त्वचा की ऐजिंग का कारण बन जाये। उदाहरण के लिए लगातार चढ़ी हुई त्योरियों से कुछ समय के बाद माथे पर गहरी लकीरें बन जाती हैं।  इसके साथ ही साथ तनाव से अनईवन स्किन टोन, झुर्रियां, दाग धब्बे और झाइयाँ जैसे दुष्प्रभाव उम्र से पहले ही दिखने लगते हैं।

 

2.मुंहासे-

वैज्ञानिकों ने यह सिद्ध किया है कि हमारी त्वचा और मस्तिष्क में गहरा संबंध है। जब किसी भी कारण से तनाव वाले हार्मोन निकलते हैं त्वचा में सीबम बढ़ जाता है और त्वचा अधिक तैलीय हो जाने के कारण मुंहासे निकलने लगते हैं।

 

3.चेहरे पर फोड़े-फुंसियां और अन्य समस्याएँ –

तनाव और त्वचा के बीच इतना गहरा संबध है कि यदि आप अंदर से तनावग्रस्त हैं तो इसका असर तुरंत आपकी त्वचा की रंगत पर नज़र आने लगता है। एक पश्चमी त्वचा विशेषज्ञ ‘फ्लोर ए म्यूरल’ ने अपने शोध से सिद्ध किया है कि तनाव के कारण ज़्यादातर लोगों को पर्याप्त नींद नहीं आ पाती है जिसके परिणामस्वरूप चेहरे में रूखापन आ जाता है और इसकी प्राकृतिक चमक कम होने लगती है। कई बार इस कारण से रैशेज की समस्या भी होने लगती है। तनाव कि स्थिति में कोर्टिसोल हार्मोन का स्तर ऊंचा होने से त्वचा में खुजली एवं एक्जिमा जैसी स्थिति भी पैदा हो सकती है।

 

4.आँखों के नीचे काले घेरे

आपने अक्सर देखा होगा तनाव होने पर लगातार सोचने और चिंता करने से आंखों के आसपास काले घेरे या धब्बे पड़ जाते हैं और आँखों के नीचे कि त्वचा फूल सी जाती है। साथ ही साथ स्ट्रेस का असर आँखों की रोशनी पर भी पड़ सकता है।  

 

5.सोरायसिस-

अगर किसी की त्वचा में सोरायसिस होने की टेंडेंसी है तो तनाव बहुत नुकसानदेह हो सकता है। सोरायसिस में त्वचा की कोशिकायें इकठ्ठा हो कर चकत्ते बना देती हैं जिसमें कई बार जलन होती है जो तनाव की वजह से बढ़ती हुई देखी गयी है। यही कारण है कि सोरायसिस से पीड़ित लोगों की परेशानी तनाव होने पर और ज्यादा बढ़ जाती है।

ये तो थीं कुछ बातें पर हम जानते हैं कि तनाव किसी भी तरह से शरीर के लिए अच्छा नहीं है इसलिए कोशिश करें कि चाहे जो भी परीस्थितियाँ हों आप खुद को हमेशा स्थिर और प्रसन्न रखें और तनाव अपने आप आपसे दूर भागता रहेगा।

 

चित्र स्त्रोत: maxpixel , pexels, Wikimedia Commons,  pixart