Home / Women Health Tips in Hindi / पीरियड्स के कठिन दिनों में शरीर की साफ सफाई
अक्सर हमेशा खुशमिजाज़ रहने वाली महिलाएं भी महीने के उन दिनों में ढीली ढीली सी और मुरझाई सी लगती हैं। जी हां आप बिलकुल सही समझी हैं, हम यहाँ बात कर रहे हैं पीरियड्स की और साफ सफाई से जुड़ी उन विशेष बातों की जिनका इन दिनों खास ख्याल रखना चाहिए।
इस दौरान घबराने या खुद के गन्दा होने की हीन भावना महसूस करने की बिल्कुल ज़रूरत नहीं है क्यूंकि पीरियड्स शरीर की एक सामान्य प्रक्रिया है बिलकुल वैसे ही जैसे जम्हाई या छींक आना या फिर भूख, प्यास इत्यादि। ज़रूरत सिर्फ इस बात की है कि इस दौरान आप अपने शरीर की स्वच्छता का खास खयाल रखें और अनचाहे संक्रमणों से बचे रहें। सबसे पहले तो यह जानें कि,
पीरियड्स के दौरान जननांगों के आस पास लंबे समय तक नमी बनी रहती है। चाहे आप डिसपोज़ेबल पैड का इस्तेमाल करें या रीयूज़ेबल पैड का, इस नमी के माहौल में कई तरह के संक्रमण होने की संभावना रहती है। यह संक्रमण योनि में खुजली और जलन पैदा कर सकते हैं। इस के साथ साथ नमी की वजह से पैंटी लाइन में रैशेज़ हो जाना भी एक आम बात है। मेंसट्रूएशन कप का इस्तेमाल क्यूंकि शरीर के अंदर डाल के किया जाता है इसलिए उचित साफ सफाई के अभाव में यह अंदरूनी संक्रमण भी पैदा कर सकता है।
सबसे पहली और महत्वपूर्ण बात यह है कि समय समय पर अपने पैड को बदलते रहिये। कुछ महिलाएं खास तौर पर वो जिन्हें कम मासिक आता है इस दौरान काफी देर तक एक ही पैड को लगाए रहती हैं। आप को यह समझना ज़रूरी है कि आपका फ्लो कितना भी हो पहले दो से तीन दिन आपको एक नियमित अंतराल पर पैड बदल लेना चाहिए ताकि आप किसी भी संक्रमण का शिकार न हों। सामान्य फ्लो में पहले तीन दिन हर छह घंटे में पैड बदलें और चौथे से पांचवे दिन हर आठ या नौ घंटे पर पैड अवश्य बदलें। इससे न तो संक्रमण का डर रहेगा और न ही रैशेज पड़ेगें।
अब बात आती है कि क्या इस्तेमाल करें? कपड़े के पैड तो आजकल गुज़रे जमाने की बात हो गए हैं लेकिन सैनेटरी पैड भी कई तरह के आते हैं। हमेशा अच्छे ब्रांड के पैड का इस्तेमाल करें जो ब्लीडिंग को पूरी तरह से सोखने की क्षमता रखता हो और लम्बे समय तक नमी को कंट्रोल करे जिससे योनि के आस पास गीलापन नहीं होगा और रैशेज होने की संभावना कम हो जायेगी।
पैड को समय समय पर बदलने से योनि में खुजली और जलन की समस्या भी नहीं होगी क्यूंकि रैशेज की ही तरह यह भी साफ सफाई और सूखेपन से जुड़ी हुई समस्या है।
अगर आप मेंसट्रूएशन कप का इस्तेमाल करती हैं तो यह बहुत ज़रूरी है कि आप दो कप रखें। एक के भर जाने के बाद उसे पानी से अच्छे से धो कर दस से पन्द्रह मिनट के लिए स्ट्रलाइज़ करने के बाद ही दोबारा इस्तेमाल करें। क्यूंकि यह अंदरूनी इस्तेमाल के लिए है इसलिए इसको स्ट्रलाइज़ करना बहुत ज़रूरी है।
इन सब सावधानियों के बाद भी अगर आप को रैशेज हो जायें तो उसके लिए चिकित्सक की सलाह से एक अच्छी एंटीसेप्टिक क्रीम का प्रयोग करें। पैड बदलते समय इस क्रीम को लगाकर रैशेज से बचाव किया जा सकता है।
पीरियड्स में जब भी आप पैड को बदलें तो जननांगों की सफाई के बाद पाउडर ज़रूर लगाएँ। इससे जननांगों के आस पास सूखापन रहेगा और रैशेज होने का खतरा नहीं रहेगा। लेकिन ध्यान रखें अगर आपको खुशबू से एलर्जी है तो तेज़ गंध वाले पाउडर का इस्तेमाल न करें और चिकित्सक की सलाह से किसी अच्छे एंटीसेप्टिक पाउडर का प्रयोग करें।
क्यूंकि साफ सफाई के अभाव में ही कई महिलायें संक्रमण और रोगों का शिकार हो जाती हैं इसलिए इन सभी बातों का रखें खयाल ताकि आप के कठिन दिन बनें आसान और खुशनुमा।
चित्र श्रोत: www.pixabay.com, www.wikipedia.org, flicker,
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