Home / Uncategorized / ऑनलाइन फ़ूड आर्डर करने से पहले एक बार इसे जरूर पढ़े
पत्नी -खाने में क्या बनाऊ ?
पति-आज छोड़ो इतनी गर्मी है, घर पर ही मंगवा लेते है | कहा से मँगवाऊ?
पत्नी -कही से भी ,कैसे मंगवाओगे ?
पति -अरे इतनी सारी ऑनलाइन एप्प्स है, किसी पर भी आर्डर कर दूंगा |
जरा ठहरे! अगर आप ऑनलाइन फ़ूड आर्डर करने जा रहे हैं तो जरा इस वीडियो को ध्यान से देखे और सोच समझ कर आर्डर करें | ये वीडियो ऑनलाइन एप बिज़नेस का एक बड़ा सच बताएगा |
ऐसा कई बार हम सब के घरों में होता है जब हम ऑनलाइन एप्प्स के जरिये बाहर से खाना मंगवाते हैं | टीशू पेपर के साथ सुन्दर-सुन्दर बॉक्स में इतनी सफाई से पैक किया हुआ खाना आपके सामने पेश होता है कि हम कभी इस बात पर गौर नहीं करते कि इसे बनाते कैसे हैं ?
पहले समझते हैं ये खाना आप तक पहुँचता कैसे है –
आप- फ़ूड को आर्डर करने वाले
एप्प – जिसके द्वारा आप अपना फ़ूड आर्डर करते हैं
रेस्टोरेंट -जो आपका खाना तैयार करते हैं
डिलीवरी बॉय-जो आप तक खाना पहुंचाते हैं
जैसे ही आप किसी एप्प के द्वारा खाने का आर्डर करते हैं | आपकी चुनी हुई एप्प उस रेस्टोरेंट को रेस्टोरेंट पार्टनर एप्प के द्वारा आपके आर्डर की जानकारी दे देती है और रेस्टुरेंट के आस-पास मौजूद डिलीवरी बॉय को ऑनलाइन ही खबर मिल जाती है और जो डिलीवरी बॉय सबसे पहले रिक्वेस्ट एक्सेप्ट करता है उसे आर्डर पहुंचाने की जिम्मेदारी मिल जाती है | ये बिलकुल वैसा ही है जब आप ओला या ऊबर कैब बुक करते हैं | खाना तैयार होते ही डिलीवरी बॉय वहां पहुंच जाता है और आपको घर बैठे आपका पसंदीदा खाना मिल जाता है |
वीडियो को देखने के बाद आप सब ये जानना चाहते होंगे कि ऐसे खराब तरीके और सामान से बने खाने से कैसे बचे ? इन बातों का ध्यान रखना बहुत जरूरी है ताकि आप संतुष्ट हो सके कि जो खाना आपकी टेबल पर है वो साफ़-सुथरा और हेअल्थी है –
जानी-मानी एप्प का प्रयोग करें –
ऑनलाइन बिज़नेस इतना बड़ा है कि आप सोच भी नहीं सकते | और रोजाना कोई ना कोई नयी एप्प आती ही रहती है | छोटे-छोटे व्यपारी भी पैसा कमाने के लिए ऐसी एप्प्स को स्टार्ट करते है | एप्प को चुनने में अपनी सूझ-बूझ और समझदारी को काम में लाये | हमेशा किसी जानी-मानी एप्प पर ही विश्वास करें और उसकी रेटिंग और ग्राहक की समीक्षाओं को देखना ना भूले |
ऐसी जगह से आर्डर मंगवाए जो आपने खुद देखी हो –
आप सोच भी नहीं सकते कि लोग पैसा कमाने की होड़ में किस हद तक जा सकते हैं | फायदा होना चाहिए अब खाना खाकर कोई बीमार होता है या जान जाती है तो उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता | बस एक छोटा कमरा, खाना बनाने का सामान और खाद्य पदार्थ – बन गया रेस्टोरेंट | तो हमेशा ऐसी जगह से खाना मंगवाए जो आप ने खुद देखी हो या वहां खाना खाया हो |
जो दिखता हैं वो होता नहीं , एप्प पर मन ललचाने वाली छोले भठूरे की फोटो या बटर में भीगा हुआ वो बटर चिकन कई बार एप्प में ही अच्छा दिखता है लेकिन जब घर आता है तो टाई टाई फिश | एक और बात रेस्टोरेंट में सभी खाद्य पदार्थ फ्रिज में रखे जाते है और किसी भी फ्रोजेन फ़ूड को नार्मल तापमान पर लाने के लिए कम से कम 1 घंटा लगता है लेकिन समय की कमी की वजह से रेस्टुरेंट वाले उन्ही खाद्य पदार्थों को तेज आंच पर पका देते हैं और 30 मिनटों में खाना डिलीवर |
तो ग्राहक सतर्क होकर खाना आर्डर करें और स्वस्थ्य रहे!
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