Home / Uncategorized / जॉइंट फैमिली या न्युक्लेअर फॅमिली ? कौन सी बेहतर ?
सास–बहु के इतने सारे सीरियल्स के चलते हम सभी के ज़हन में कभी न कभी ये सवाल जरूर आता है कि जॉइंट फैमिली बेहतर है या न्युक्लेअर? जॉइंट फैमिली वाले को लगता है कि नुक्लेअर वाले की ज़िन्दगी ज्यादा आसान है और न्युक्लेअर वाले को जॉइंट की | क्योंकि अपनी थाली में कई पकवान क्यों ना हो दुसरो की थाली ही आकषर्क लगती है | चलिए पहले जानते है दोनों के फायदे फिर आसान होगा चुनना |
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नुक्लेअर फैमिली में पलने वाले बच्चे अपने माँ–बाप के बहुत करीब होते है और उन्हें उनसे किसी भी तरह की बातचीत करने में कोई झिझक नहीं होती | पर हां बहुत बार, बड़ो का साथ ना होने कि वजह से वो अपने में ही रहते हैं और बाहरी दुनिया से कटे से रहते हैं |
जबकि,
जॉइंट फैमिली में इतने सारे लोगो के साथ रहते रहते वो लोगो से बात करना सीख जाते हैं और किसी काम को करने से नहीं घबराते |
न्युक्लेअर फैमिली में माँ–बाप को ही हर चीज़ की जिम्मेद्दारी उठानी पड़ती है अब वो चाहे घर का काम हो, खर्चा हो या फिर अपने बच्चों की देख–रेख |
जबकि,
जॉइंट फैमिली में एक को आवाज दो तो 4 दौड़ के आते हैं | घर के हर सदस्य की अपनी जिम्मेदारियां हैं और इससे हर काम जल्दी और आसानी से हो जाता हैं |
न्युक्लेअर फैमिली में बच्चों की बात को भी एहमियत दी जाती है| छोटे से छोटा काम हो जैसे नयी कार का रंग सोचना या फिर बड़े से बड़ा फैसला लेना जैसे उनका करियर – बच्चों की राय सुनी जाती है | और ये सब उनकी पर्सनालिटी को निखरता है|
जबकि,
जॉइंट फैमिली में इतने सारे बड़े लोगो के होते हुए बच्चों से कम ही पूछा जाता है लेकिन सब्र, शेयरिंग, सहनशक्ति, और साथ मिलकर काम करना जैसी अच्छी आदतें बड़ो की ही देन है |
कम लोग होने से न्युक्लेअर फैमिली में मन–मुटाव या झगड़े कम होते हैं | और जब आप अपने सास–ससुर या अन्य परिवारजनों से दूर रहते हैं तो प्यार बना रहता हैं |
जबकि,
जॉइंट फैमिली में दखल–अंदाज़ी रहती है जिसकी वजह से कई बार झगड़े होते हैं | लेकिन मुश्किल समय में अपनों का साथ ही बहुत होता है |
न्युक्लेअर फैमिली में पार्टनर्स को खुली छूट होती है कि वो जैसे चाहे अपनी ज़िन्दगी जीए | अपने खुद के नियम और रीति–रिवाज एक दूसरे की सहमती से बना सकते हैं |
जबकि,
जॉइंट फैमिली में कई बार बड़े–बूढ़े छोटों को पुराने, सालों से चले आ रहे रीति–रिवाज का पालन करने के लिए कहते हैं | लेकिन फिर भी आपके सर पर उनका हाथ होना ही बहुत बड़ी बात हैं |
जब आप न्युक्लेअर फैमिली में रहते हैं तो उसकी बाग़–डोर सिर्फ आप दोनों के हाथ में ही होती हैं | यहाँ पलने वाले बच्चे अपना काम खुद करना जानते हैं |
जबकि,
जॉइंट फैमिली में रहने वाला बच्चा कभी–कभी जिद्दी हो जाता हैं क्योंकि अगर माँ ने वो खिलौना नहीं दिलाया तो दादू हैं ना | फिर भी बड़े–बूढ़ो का अनुभव तो तभी आएगा जब आप बूढ़े होंगे |
बातें बहुत हैं लेकिन हर सेट–अप के अपने ही फायदें और नुक्सान हैं | और कुछ गलत या सही नहीं होता | आपको जमे तो सही नहीं तो गलत |अगर आपको चुनने के लिए कहा जाए तो आप क्या चुनेंगे ?
चित्र स्त्रोत –यू–टूयब, विकी हाउ, फैन ऑफ़ दा वर्ल्ड, पिइंटरेस्ट
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