Home / Women Health Tips in Hindi / एक अजनबी परिवार को बचाने के लिए इस माँ ने दी अपनी कुर्बानी
“साजीशेट्टा, मैं अपनी ज़िन्दगी के आखरी क्षणों में हूँ और मुझे नहीं लगता कि मैं कभी तुमसे मिल पाऊँगी | मुझे माफ़ कर देना और हमारे बच्चो का ख़याल रखना | उन्हें अपने साथ ले जाना ताकि वे हमारे पापा की तरह कभी अकेले ना रहे | बहुत सारा प्यार “
साजीशेट्टा इस खत के साथ,आँखों में पानी लिए आँगन में बैठा है जहां उसके दो बच्चे हरिथुल और सिद्धार्थ खेल रहे है -जो नहीं जानते कि उनकी माँ अब कभी वापिस नहीं आ सकती |
ये कहानी है एक ऐसी माँ की, जो प्यार, कुर्बानी और हिम्मत की सबसे बड़ी मिसाल बन गयी | एक परिवार को बचाने के लिए उसने अपने परिवार की खुशियों की बलि दे दी |
कोजहिकोडे के पेरंबरा तलूक हॉस्पिटल में एक नर्स लिनी, निपह वायरस से अपनी ज़िन्दगी की लड़ाई हार गयी | वो जानती थी की निपह वायरस एक फैलने वाली बीमारी है लेकिन उसने अपने काम को कर्त्तव्य समझा और 3 लोगो के परिवार को इस जानलेवा बिमारी से बाहर निकालने की कोशिश की | लिनी के साथ साथ इस तीन लोगो के परिवार में कोई ना बच पाया |
हॉस्पिटल के डॉक्टर उन्हें उस हीरो की उपाधि दे रहे है जो दूसरों का दर्द ना देख पायी और एक पति और अपने पीछे 2 मासूम बच्चे छोड़ गयी | यहाँ तक की उसने खुद डॉक्टर को कहा कि मैं निपह वायरस से संक्रमित हूँ और मुझे एक अलग जगह पर रखा जाएं |
1. निपह वायरस एक संक्रामक रोग है जो जानवरों से इंसानो में आता है | और ऐसा माना जा रहा है कि फलों के पास रहने वाले चमगादड़ ही इसका एकमात्र कारण है | ये चमगादड़ ,फलों को संक्रमित कर देते है और अगर वही फल कोई खा ले तो ये वायरस उसके शरीर में पहुंच जाता है |
2. 1999 में सबसे पहले इस वायरस ने मलेशिया और सिंगापुर के सुअरो के आस-पास रहने वाले किसानों को प्रभावित किया था जिसमे कम से कम 100 जाने गयी थी | इस वायरस को बढ़ने से रोकने के लिए लाखो सुअरो को मार दिया गया था जिससे मलेशिया व्यापार में भारी नुक्सान भी हुआ था |
3. बीमार सुअरो और चमगादड़ो से दूर रह कर और खजूर का रस ना पीने से निपह वायरस को रोका जा सकता है, क्योंकि खजूर के पेड़ को अक्सर चमगादड़ अपना घर बना लेते है |
4. बुखार, सर दर्द, बेसुदी होना, सांस लेने में मुश्किल, भूलना और दिमागी-संतुलन ना रह पाना, निपह वायरस के कुछ शुरुवाती लक्षण है और ये 24-48 घंटो में कोमा का रूप ले लेते है |
मुख्य मंत्री पिनरई विजयन ने ट्वीट के माध्यम से श्रदांजलि दी और कहा लिनी की निस्वार्थ सेवा हमेशा याद रखी जायेगी |
भारत को ऐसी माँ, ऐसी पत्नी, ऐसी सेवक और ऐसे इंसान पर गर्व है | “माँ तुझे हम सबका सलाम”
चित्र स्त्रोत -मनोरमा, bbc.com
COMMENTS (0)