फाइब्राइड- कारण और लक्षण

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बहुत से लोगो को ये नहीं पता होता कि वे गर्भाशय फाइब्राइड से ग्रसित हैं | फाइब्राइड एक छोटा ट्यूमर होता हैं -जैसे गर्भाशय या उसके आस पास के क्षेत्र में अतिरिक्त माँसपेशियाँ की वृद्धि होना | ये एक या अनेक, ये अंगूर या खरबूजे के आकार के हो सकते हैं | ज्यादातर में यूटरस कैंसर का खतरा नहीं होता | जब तक नीचे लिखें लक्षणों में से आपको किसी का अंदेशा नहीं होता तब तक इसे फाइब्राइड नहीं कहा जा सकता |

फाइब्राइड के लक्षण

  • बड़ा हुआ पेट
  • गंभीर दर्द के साथ भारी मात्रा में ब्लीडिंग
  • लम्बे समय तक माहवारी का आना
  • संभोग के समय गंभीर दर्द
  • बार-बार गर्भपात होना
  • कब्ज
  • बार-बार पेशाब आना और कई बार पेशाब आना रुक जाना
  • डिलीवरी में मुश्किल

 

फाइब्राइड के कारण

वैसे तो इस बीमारी का कोई मुख्य कारण नहीं हैं लेकिन एक्सपर्ट्स के अनुसार फाइब्राइड होने के निम्न कारण हो सकते हैं –

 

प्रेगनेंसी-

जब आप प्रेग्नेंट होते हैं तो शरीर में एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन की मात्रा बढ़ जाती हैं जिससे फाइब्राइड में बहुत तेजी से वृद्धि हो जाती है | और अगर आप गर्भ निरोधक गोलियों का प्रयोग करते हैं तब भी एस्ट्रोजन का स्तर बढ़ने की संभावना होती है और फाइब्राइड में वृद्धि होती है |

 

अनुवांशिक कारक-

अगर आपके परिवारजनों में से किसी को भी जैसे बहिन, माँ या दादी को फाइब्राइड की शिकायत थी तो आप भी इसका शिकार हो सकते हैं |

 

खान-पान की आदतें-

अत्याधिक मात्रा में कैफीन (चाय, कॉफ़ी), शराब या लाल मीट का सेवन करने से भी फाइब्राइड होने की सभांवना होती है | हमारी सलाह हैं कि खूब सारे फल और सब्जियों को अपने आहार में शामिल करें और फाइब्राइड  से बचें |

 

हार्मोन्स-

पीरियड्स के दौरान, एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन हार्मोन्स की वजह से यूटरस के चारों ओर की दिवार थोड़ी मोटी हो जाती हैं जिससे फाइब्राइड में वृद्धि हो जाती हैं | लेकिन मेनोपॉज़ के दौरान ये दीवार सिकुड़ जाती है |

 

मोटापा-

मोटापा भी फाइब्राइड होने का एक मुख्य कारण हो सकता है | पेट पर अत्याधिक चर्बी होने से एस्ट्रोजन का स्तर बढ़ जाता है जो फाइब्राइड को जन्म देता है |

 

चित्र स्त्रोत –pixabay, wikipedia commons, max pixel

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