Home / Women Health Tips in Hindi / मूत्राशय नियंत्रण (urinary retention) के लक्षण और घरेलु उपचार
यूरिनरी रिटेंशन मतलब अपने ब्लैडर को खाली करने में असमर्थ होना | वैसे तो ये किसी के साथ भी हो सकता है लेकिन बूढ़े लोगों में ये समस्या ज्यादा देखी गयी है | मूत्र त्याग ना कर पाने की वजह से दर्द और अहसहजता इसके मुख्य लक्षण हैं |
ब्लैडर रिटेंशन 2 प्रकार के होते हैं –
1.तीव्र यूरिनरी रिटेंशन
यह स्तिथि अचानक से कम समय के लिए हो सकती है लेकिन जानलेवा हो सकती है क्योंकि इस स्तिथि में ब्लैडर पूरी तरह से भरा होने पर भी व्यक्ति मूत्र त्याग नहीं कर पाता |
2.दीर्घकालिक यूरिनरी रिटेंशन
यह स्तिथि लम्बे समय के लिए हो सकती है | इसमें व्यक्ति मूत्र तो त्याग कर पाता है लेकिन ब्लैडर पूरी तरह से खाली नहीं हो पता |
तीव्र यूरिनरी रिटेंशन में निम्न लक्षण होते हैं-
दीर्घकालिक यूरिनरी रिटेंशन में निम्न लक्षण होते हैं-
अगर यूरिनरी रिटेंशन का सही समय पर इलाज ना हो तो ये गंभीर दर्द, असहजता और कई परेशानियों को बुलावा दे सकता है | यहाँ तक कि कई बार तो ये जान भी ले सकता है | डॉक्टर की सलाह के साथ-साथ नीचे लिखे घरेलु नुस्खें इस परेशानी का सही समाधान हो सकते हैं |
1.प्रोस्टेट को बढ़ने से रोकने की दवाईयां
यूरिनरी रिटेंशन का मुख्य कारण होता हैं प्रोस्टेट का बढ़ना जो कि ज्यादातर पुरुषों को शिकार बनाता है | नीचे लिखी दवाइयों से प्रोस्टेट को बढ़ने से रोका जा सकता हैं –
अल्फा ब्लॉकर्स – अल्फ़ज़ोसिन, डोक्साज़ोसिन, सिलोदोसी और टेम्सुलोसिन
5-अल्फा रिडक्टेज इन्हिबिटर्स – फाइनस्टराइड और डियूटस्टराइड
ध्यान दें – डॉक्टर से पूछे बिना कोई दवाई न लें।
2.दर्द कम करने की दवाईयां
ब्लैडर रिटेंशन -ब्लैडर इन्फेक्शन या सूजन से भी हो सकता है | डॉक्टर द्वारा सुझाई दवाओं और इलाज के साथ पेन किलर्स लेने से पेट में मरोड़ और गंभीर दर्द से छुटकारा मिल सकता है | डॉक्टर आपको एस्टामिनोफिन या आइबूप्रोफेन लेने की सलाह दे सकते हैं |
3.पुदीने का तेल
पुदीने का तेल दर्द कम करने और ब्लैडर सम्बन्धी बीमारियों से निजात पाने का एक सही विकल्प माना जाता है| पेशाब को बाहर निकालने के लिए सबसे पहले पुदीने के तेल की कुछ बूंदे टॉयलेट सीट में डाले | अब तेल में से निकला वाष्प मूलाधार से संपर्क करेगा और पेशाब आने में सहायता मिलेगी |
4.सिंहपर्णी (डंडेलिओन)
सिंहपर्णी एक ऐसी जड़ीबूटी है जो अपने एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों के लिए जानी जाती है | सिंहपर्णी
प्राचीन काल से ही बदहजमी और किडनी सम्बन्धी बीमारियों से निजात पाने के लिए प्रयोग में लायी जाती है | सिंहपर्णी की चाय दिन में 2 बार पीने से ब्लैडर रिटेंशन को आराम मिल सकता है |
5.श्वेत परपट्टी
ये आसानी से मिलने वाली एक आयुर्वेदिक दवा होती है जिससे पेशाब नियमित रूप से आता है और ब्लैडर खाली करने में सहायता मिलती है | 1 ग्राम श्वेत परपट्टी ले कर इसे चाहे शहद में मिलाकर या गर्म पानी में मिलकर दिन में 3 बार फाकी मारने पर आपको आपकी समस्या का समाधान मिल जाएगा |
नोट-डॉक्टर की सलाह है सबसे जरूरी |
चित्र स्त्रोत- Ohsimply.com, medical news today,the practial herbalist
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