आपके लिए शाकाहार क्यों अच्छा है?

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भारत में एक  पुरानी कहावत है “जैसा खाये अन्न वैसा होये मन” जिसका मतलब है जो भी आप खाते हैं उसका आपके शरीर और मन से गहरा संबंध है। भारतीय पाक शास्त्र में खाने को तीन तरह से विभाजित किया गया है सात्विक, राजसिक और तामसिक। भारतीय परंपरा में ज़्यादातर लोग सात्विक आहार लेना पसंद करते थे क्यूंकि यह आपके भौतिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए उत्तम और पर्याप्त माना जाता था। भौतिक जरूरतों में जहां शरीर को चलाने और स्वस्थ रखने के लिए ज़रूरी पोषक तत्वों का होना आवश्यक है वहीं खाये गए आहार से मानसिक तृप्ति और शांति मिले यह भी ज़रूरी माना जाता था। आज चाहे परिस्थितियाँ बदल गईं हों लेकिन पुरानी परम्पराओं के पीछे ऐसे वैज्ञानिक प्रमाण हैं कि उनकी उपयोगिता आज भी कम नहीं हुई और इसीलिए आज भी समाज का एक बड़ा वर्ग शाकाहार को ही प्राथमिकता देता है। आइये आपको भी गिनाते हैं शाकाहारी होने के फायदे।

 

1.शाकाहार में उपलब्ध हैं सारे पोषक तत्व –

मांसाहार का समर्थन करने वाले लोग अक्सर यह कहते हैं कि वह प्रोटीन, आयरन और विटामिन का बेहतर स्रोत है। इसके साथ ही सच्चाई यह भी है कि अच्छी सेहत के लिए शाकाहारी भोजन में भी कई विकल्प मौजूद हैं जो एंटी ऑक्सीडेंट, अमीनो एसिड, विटामिन्स और ज़रूरी कैलोरीज़ की पूर्ति कर सकते हैं । जैसे कि दूध और दूध से बने पदार्थ विटामिन बी ट्वेल्व, और वसा के अच्छे स्रोत हैं जबकि आयरन के लिए हरी पत्तेदार सब्जियाँ, सूखे मेवे और फलियाँ तथा विटामिन सी के लिए हरी मिर्च और नींबू मौजूद है। जिंक जैसे महत्वपूर्ण तत्व के लिए साबुत अनाज जैसे राजमा, छोले और प्रोटीन के लिए सोयाबीन से बढ़कर कुछ भी नहीं। चावल गेंहू और अन्य साबुत अनाजों का आटा और रोज़मर्रा में बनने वाली दाल शरीर की लगभग सभी ज़रूरतों को पूरा करने में सक्षम है। इस मुद्दे पर इससे बड़ा उदाहरण और क्या होगा कि विश्व में जाने माने भारतीय पहलवान दारा सिंह एक शाकाहारी थे।

 

2.पेट के रोगों से छुटकारा-

पूर्ण शाकाहारी होने पर आपके पास खाने के लिये फाइबर से भरी हुई बहुत सारी हरी सब्जियां हैं जो आंतों की सफाई का काम करती हैं और आपको पेट के रोगों से दूर रखती हैं।

 

3.उच्च रक्तचाप और ह्रदय रोगों से बचाव –

शाकाहारियों में उच्च रक्तचाप की संभावना मांसाहारियों की तुलना में कम पायी जाती है क्यूंकि शाकाहारी लोग कॉम्लेक्स क्राबोहाइड्रेट ज्यादा मात्रा में ग्रहण करते हैं और इनमें शारीरिक मोटापा कम पाया जाता है। उच्च रक्तचाप न होने के कारण इन्हें हृदय से संबंधित रोग होने की संभावना भी कम ही रहती है क्यूंकि शाकाहारी भोजन में संतृप्त वसा और कोलेस्ट्रॉल की मात्रा कम होती है और यह हृदय रोगों की आशंका को घटा देता है।

 

4.ऊर्जा का उच्च स्तर

शा‍काहार भोजन मांसाहार के मुक़ाबले जल्दी पच जाता है जिससे मस्तिष्क ज़्यादातर समय अलर्ट रहता है। साथ ही शाकाहारी हमेशा हल्का फुल्का महसूस करते हैं और दिनभर में ज्यादा तरोताजा रहते हैं।

 

5.कैंसर से सुरक्षा

शाकाहारी भोजन क्यूंकि फाइबर से भरपूर होता है इस कारण कई प्रकार के कैंसर से भी बचाता है जैसे कि फेफड़ों का कैंसर, आंत का कैंसर इत्यादि। कई शोधों में भी ये बात प्रमाणित हो चुकी है कि शाकाहार से महिलाओं में स्तन कैंसर तक का खतरा कम हो जाता है। इसका कारण शाकाहारियों में एस्ट्रोजन की कम मात्रा होना माना जाता है। साथ ही अनाज, फलियों, फलों और सब्जियों में रेशे और एंटीऑक्सीडेंट ज्यादा होने से कैंसर से बचाव में मदद मिलती है।

 

6.मोटापे से बचाव –

शाकाहारी भोजन के कई फ़ायदों में से एक यह है भी है की आप अपना वज़न कंट्रोल में रख सकते हैं। शाकाहारी भोजन करने से पेट देर तक भरा रहता है और इस वजह से भूख कम लगती है।

 

7.नो टौक्सिन्स

शाकाहारी चीज़ों की अपनी प्राकृतिक संरचना में किसी भी प्रकार की विकृति या ज़हर नहीं पाया जाता है। वहीं पर पशु क्यूंकि जीव होते हैं इसलिए इनका शरीर अधिवृक्‍क रस के कारण भय तथा तनाव इत्यादि हार्मोन पैदा करता है और इनका मांस खाने पर यह आपके खून में मिल कर शरीर में कई विकृतियाँ पैदा करते हैं। इसके अलावा जानवरों की फ़ार्मिंग के दौरान इनमें ग्रोथ हौर्मोंस भी इंजेक्ट किये जाते हैं और फिर यह मांस खाने से आपको कई तरह की बिमारियां होने की आशंका बढ़ जाती है ।

अब निर्णय आपका है कि पूर्ण सुरक्षित शाकाहार आपके लिए बेहतर है या कई विकृतियों वाला मांसाहार?  

 

चित्र श्रोत: maxpixel , pexels,  www.59mdw.af,  www.pixabay.com,

 

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