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इस धनतेरस सोना खरीदते समय इन बातों को ना भूले

Parul Sachdeva | नवम्बर 2, 2018

इस धनतेरस सोना खरीदते समय इन बातों को ना भूले

दीपावली आने में कुल एक हफ्ता भी नहीं रह गया है और जैसा कि माना जाता है कि इन दिनों माता लक्ष्मी घर में निवास करने आती है और 5 दिन चलने वाले खूबसूरत उत्सव की शुरुवात होती है धनतेरस के पावन दिन से | नयी चीज़े खरीदने का ये दिन धनतेरस, माँ लक्ष्मी को खुश करता है और घर में लाता है खुशियाँ | अगर आप सोना खरीदने के सक्षम हैं तो ऐसा करना बहुत ही पवित्र माना जाता है लेकिन सोना खरीदने से पहले ऐसी कौन सी बातें हैं जो रखनी होंगी आपको ध्यान ताकि आप शुद्धता को चुने, खोट नहीं|

बीते समय में सोने की शुद्धता को लेकर कई गंभीर सवाल उठे हैं इसीलिए लोग सोना खरीदते समय हॉलमार्क गोल्ड को ही चुनते हैं | तभी से BIS सर्टिफाइड हॉलमार्केड गोल्ड ज्वेलरी की एहमियत बहुत ज्यादा है |

 

क्या है ये BIS गोल्ड हॉलमार्किंग ?

भारत सरकार के द्वारा निर्धारित की गयी भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) ही एकमात्र ऐसी संस्था है जिसे गोल्ड हॉलमार्किंग स्कीम को चलाने की अनुमति दी गयी है |  BIS एक्ट के अंतर्गत आने वाली ये स्कीम ज्वेलर्स को लाइसेंस प्रदान करती है और सर्टिफाइड ज्वेलर अपनी ज्वेलरी किसी भी मान्यता प्राप्त BIS सेंटर से हॉलमार्क करा सकते हैं | आम भाषा में हॉलमार्क का मतलब है -शुद्धता का ठप्पा | ऐसे में अगर आप 22 कैरट लिखा सोना खरीद रहे हैं तो सही मायनो में वो 22 कैरट का ही होगा |

 

कैसे करे हॉलमार्क गोल्ड ज्वेलरी की पहचान ?

मानदंड के अनुसार 4 चिन्हों से करें हॉलमार्क ज्वेलरी की पहचान –

  • भारतीय मानक ब्यूरो का प्रतीक चिन्ह
  • गोल्ड की शुद्धता कैरट में (मतलब 22 कैरट गोल्ड पर लिखा होगा 22k916)
  • गोल्ड हॉलमार्किंग सेंटर का चिन्ह जहाँ से उसे उसके शुद्ध होने की पहचान मिली है
  • सर्टिफाइड ज्वेलर का पहचान चिन्ह

 

सोना खरीदते समय कौन सी ख़ास बातों का रखें ध्यान –

1.गोल्ड कैरट

सोने को कैरट में मापा जाता है | प्रत्येक व्यक्ति को पता होना चाहिए कि कैसे ये मापदंड सोने की शुद्धता और उसकी मजबूती को प्रभावित करता है | 24 कैरेट गोल्ड (99.99 प्रतिशत शुद्धता ) मतलब सबसे शुद्ध सोना लेकिन 24 कैरट गोल्ड की शुद्धता इतनी ज्यादा होने से ये बहुत ही कोमल होता है और  इससे आभूषण नहीं बनाये जा सकते | इसीलिए 22 कैरट गोल्ड (91.6 प्रतिशत शुद्धता) में कुछ और मेटल जैसे तांबा, जिंक और सिल्वर मिलाकर बनायी जाती है आपकी ज्वेलरी |

 

2.आभूषण बनाने की लागत (मेकिंग चार्जेज)

सोने के आभूषण जैसे चूड़ियाँ, हार, अंगूठियाँ खरीदते समय उसकी लागत पर ख़ासा ध्यान देना चाहिए | मेकिंग चार्जेज प्रति ग्राम के हिसाब से लगाए जाते हैं |

 

3.दुकानदार की प्रतिष्ठा (रेपुटेशन)

सोना हमेशा किसी प्रतिष्ठित दुकानदार से ही खरीदें क्योंकि किसी अनजान दुकानदार से सोना खरीदना उसकी शुद्धता पर कई सवाल पैदा कर सकता है |

 

बेटर बटर  की ओर से आपको धनतेरस और दीपावली की शुभकामनाएं!

चित्र स्त्रोत -Jewellery craze