Home / Uncategorized / महिलाओं को पता होने चाहिए मेनोपॉज़ के ये 7 लक्षण!
एक महिला के लिए जितना ज़रूरी पीरियड्स होना है उतना ही ज़रूरी मीनोपॉज भी है। मेनोपॉज़ के वक़्त पीरियड्स अनियमित हो जाती है और बहुत सारे हार्मोनल बदलाव आते हैं। इन बदलावों के कारण महिलाओ का स्वास्थ्य बिगड़ता है और वे चिड़चिड़ी हो जाती हैं। यूं तो मेनोपॉज़ 45-55 की उम्र में होता पर कभी-कभी ये 30 की उम्र में भी हो जाता है।
मेनोपॉज़ के 7 साधारण लक्षण-
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नींद न आना मेनोपॉज़ का सबसे पहला लक्षण है, इसमें नींद पूरी नहीं हो पाती है और फिर पूरा दिन मन चिड़चिड़ा सा रहता है। ऐसा होने पर पानी का अधिक से अधिक सेवन करें और एल्कोहॉल या दवाइयों से दूर रहें।
मेनोपॉज़ के दौरान पीरियड्स अनियमित होने लगते हैं। इससे डरने के बजाय डॉक्टर के पास जाएं और बातें करें।
मेनोपॉज़ के दौरान मूड स्विंग होते हैं, आप कभी अचानक से निराश हो जाएंगे तो कभी एक बच्चे सा बर्ताव करने करने लगेंगे। इस समय अचानक से एस्ट्रोजन स्तर घट जाता है जिससे ये मानसिक बदलाव होते हैं और कार्य करने की क्षमत्ता घट जाती है।
मेनोपॉज़ के दौरान जब एस्ट्रोजेन लेवल घट जाता है तब पीरियड्स होना बंद हो जाता है और बच्चे पैदा करने की क्षमत्ता ख़त्म हो जाती है। शरीर में इतने सारे बदलाव आने से आप कमजोर हो जाते हैं और पेशाब में जलन, छींकने के दौरान नाक बहना और अनियमित रूप से पेशाब जैसी समस्याएं होती है।
मेनोपॉज़ के दौरान 80% महिलाओं को हॉट फ्लैशेस से गुज़रना पड़ता है। इसमें आपके शरीर के ऊपरी हिस्से से बहुत पसीना निकलता है जो की आपके हार्ट बीट को बढ़ा देता है। ये कुछ सेकंड से 10 मिनट तक के लिए हो सकता है और वक़्त के साथ-साथ घटता जाता है।
मेनोपॉज़ के दौरान त्वचा की इलास्टिसिटी घटने लगती है (ये ढलती उम्र की वजह से भी होता है)। एस्ट्रोजेन घटने की वजह से बालों का झड़ना शुरू हो जाता है। लेकिन इनसे बचने के लिए आप केमिकल्स वाले महंगे क्रीम का प्रयोग न करें, ये आपकी बालों को रूखा सकते हैं।
एस्ट्रोजेन लेवल के काम होने की वजह से आपकी यौन इच्छाएँ घटने लगेंगी और आप चिड़चिड़ा बर्ताव करने लगेंगी। ऐसा होने पर डॉक्टर से सलाह लेना न भूलें।
अपनी माँ और परिवार की दूसरी महिला सदस्यों से इसपर चर्चा करें और उनसे सलाह लें।
चित्र श्रोत- google
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