Home / Uncategorized / आयुर्वेद की सबसे शक्तिशाली जड़ी है अश्वगंधा! जानिए “9 अनसुने अश्वगंधा के फायदे”!
ज़रा सोचिए कि क्या कोई ऐसी औषधि या जड़ी-बूटी हो सकती है जिसे खाकर एक इंसान के भीतर घोड़े जैसी शक्ति का संचार हो जाए? अगर आप ये सुनकर अचरज में पड़ गए हैं, तो आयुर्वेद के पास इसका उत्तर है अश्वगंधा। आयुर्वेद में अश्वगंधा के फायदे (Benefits of Ahwagandha in Hindi) अनंत बताए गए हैं, और इसे एक महत्वपूर्ण औषधि का दर्जा प्राप्त है। क्या हैं अश्वगंधा के स्वास्थ्य लाभ और इससे मिलने वाली ताक़त का राज, इस आर्टिकल में हम इन्हीं बिंदुओं पर करेंगे बात। साथ ही बताएँगे आपको अश्वगंधा के इस्तेमाल का तरीक़ा। आइए जानते हैं विस्तार से।
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अश्वगंधा आयुर्वेद में रोग नाशक व ताक़त वर्धक जड़ी मानी जाती है। चूँकि अश्वगंधा में से घोड़े के मूत्र और पसीने जैसी दुर्गन्ध आती है, इसलिए इसे अश्वगंधा कहा जाता है, और साथ ही इसे घोड़े के समान ताकत प्रदान करने वाला माना जाता है। भारत में अश्वगंधा मुख्य रूप से राजस्थान और मध्यप्रदेश के सूखे इलाकों में पाई जाती है। हालाँकि इसके लिए आपको जंगल-जंगल भटकने की आवश्यकता नही है, क्योंकि विभिन्न आयुर्वेदिक कंपनियों द्वारा तैयार किये गए अश्वगंधा के कैप्सूल और अन्य उत्पाद बाजार में आसानी से उपलब्ध हो जाते हैं।
अश्वगंधा के गुण इसे आयुर्वेद की एक प्रमुख जड़ी-बूटी बनाते हैं, और इसके सेवन के अनंत स्वास्थ्य लाभ होते हैं। अश्वगंधा की तासीर गर्म होती है, और इसका सेवन शरीर में असीम ऊर्जा का संचार करता है। अश्वगंधा का उपयोग (ashwagandha uses in hindi) मुख्य रूप से शारीरिक कमजोरी दूर करने, ताकत पैदा करने तथा यौन क्षमता बढ़ाने के लिए किया जाता है। अश्वगंधा के सेवन से मस्तिष्क की कार्यक्षमता भी बढ़ती है, तथा यह अवसाद और तनाव से लड़ने में कारगर होता है। अश्वगंधा पुरुषों में टेस्टोस्टेरोन का स्तर बढ़ाकर प्रजनन क्षमता बढ़ाने में भी कारगर होता है। आइये जानते हैं अश्वगंधा के कुछ प्रमुख लाभ-:
अश्वगंधा का सेवन हमारे शरीर को मजबूत बनाकर इसकी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में कारगर होता है। अश्वगंधा के नियमित सेवन से शरीर में नई लाल रक्त कोशिकाओं और सफेद रक्त कोशिकाओं का निर्माण होता है, जो किसी भी प्रकार के संक्रमण से लड़ने में सहायक होता है। अश्वगंधा के सेवन से शरीर में रक्त की पर्याप्त मात्रा भी बनी रहती है। इस तरह एनिमिया पीड़ित महिलाओं के लिए अश्वगंधा लाभ देने वाला होता है।
आयुर्वेद में अश्वगंधा का प्रयोग विभिन्न बीमारियों के इलाज़ में औषधि के रूप में किया जाता है, और मधुमेह की आयुर्वेदिक दवाइयों में अश्वगंधा का इस्तेमाल लंबे समय से किया जाता रहा है। अश्वगंधा का नियमित सेवन रक्त में शर्करा के स्तर को नियंत्रित रखने में कारगर सिद्ध होता है, और इस तरह यह डायबिटीज के इलाज़ में प्रभावी होता है।
अश्वगंधा को कामोद्दीपक माना जाता है और इसका इस्तेमाल सदियों से पुरुषों द्वारा कामेच्छा और यौन क्षमता बढ़ाने, शारीरिक कमजोरी दूर करने और वीर्य की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए किया जा रहा है। अश्वगंधा के प्रयोग से मनुष्य की प्रजनन क्षमता भी बढ़ती है। अश्वगंधा का प्रयोग तनाव को भी कम करता है, जिससे यौन क्षमता पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
हमारा स्वास्थ्य काफी हद तक हमारे मेटाबोलिज़्म पर निर्भर करता है, और अश्वगंधा हमारे शरीर का मेटाबॉलिज्म बेहतर बनाये रखने में सहायक होता है। दरअसल अश्वगंधा में विभिन्न प्रकार के एंटी-ओकिसडेंट्स तत्व मौजूद होते हैं, जो शरीर का उचित मेटाबॉलिज्म बनाये रखते हैं।
अश्वगंधा का महत्व हमारी मांसपेशियों को मजबूती प्रदान करने में भी होता है। शारीरिक कमजोरी को दूर कर अश्वगंधा हमारी मांसपेशियों को अधिक मज़बूत और संगठित बनाता है। अश्वगंधा के नियमित सेवन से शरीर की अतिरिक्त चर्बी भी घटने लगती है, जिससे शरीर सुगठित और बलशाली बनता है।
अश्वगंधा हमारी त्वचा का ख्याल रखने के नज़रिए से भी एक बेहतरीन औषधि है। यदि Keratosis के कारण आपकी त्वचा रूखी और बेजान होने लगी है, तो प्रतिदिन दो बार पानी के साथ 2-3 ग्राम अश्वगंधा का सेवन करें। इससे त्वचा में कोलेजन नामक तत्व का उत्पादन बढ़ेगा तथा प्राकृतिक तेलों के स्तर में भी बढ़ोतरी होगी। इसके अलावा अश्वगंधा में मौजूद विभिन्न प्रकार के एंटी ऑक्सीडेंट्स, झुर्रियों, झाईयों व काले धब्बों को समाप्त करके लंबे समय तक जवान दिखने में मददगार होते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार अश्वगंधा का सेवन त्वचा के कैंसर से लड़ने में भी सहायक होता है।
अश्वगंधा का सेवन बालों को अधिक मज़बूत और चमकदार बनाकर आपकी खूबसूरती निखारने का काम भी करता है। अश्वगंधा लेने से शरीर में कोर्टिसोल का स्तर नियंत्रण में रहता है जिससे बाल गिरने कम हो जाते हैं। अगर मेलेनिन की कमी के कारण बालों की रंगत खोती जा रही है, तो अश्वगंधा उसका भी अच्छा उपचार है। नारियल के तेल में अश्वगंधा मिलाकर लगाने से बाल जड़ से मजबूत होंगे तथा झड़ेंगे नही। अगर बालों के झड़ने का कारण तनाव और अनिंद्रा है तो अश्वगंधा उससे भी राहत दिलाएगा। अपने सिर की हड्डियों की मजबूती के लिए अश्वगंधा को गिलोय में मिलाकर सिर में लगाना चाहिए।
हृदय सम्बंधी अधिकतर रोगों का कारण तनाव होता है। अश्वगंधा तनाव कम करने की औषधि के रूप में जाना जाता है, इसलिए इसका लाभ हृदय रोगों में भी मिलता है। अश्वगंधा में मौजूद विभिन्न एंटीऑक्सीडेंट्स व अन्य पोषक तत्व मिलकर हृदय की मांसपेशियों को मजबूत करने का काम करते हैं, तथा शरीर में से अतिरिक्त कोलेस्ट्रॉल को काटते हैं। इससे हृदय रोगों का खतरा कम हो जाता है।
अश्वगंधा का नियमित सेवन आपको तनाव से दूर कर घोड़े की तरह मनमौजी बनाने में भी सहायता करता है। दरअसल अश्वगंधा में पाए जाने वाले निश्चित तरह के रसायन शरीर में प्रसन्नता का संचार करते हैं, तथा अवसाद से बचाव में मददगार होते हैं।
उपरोक्त लाभों के अतिरिक्त अश्वगंधा का सेवन बैक्टेरियल संक्रमण से बचाव करने, जोड़ों का दर्द दूर करने व घाव भरने में भी कारगर होता है। भले ही अश्वगंधा के ढेर सारे लाभ हैं पर इस बात का ध्यान रखें कि इसका उपयोग विशेषज्ञ के मार्गदर्शन में सीमित मात्रा में ही करें। अधिक अश्वगंधा के सेवन से निंद्रा सम्बंधी समस्याएं, अन्य दवाइयों के काम में बाधा, व अधिक गर्मी लगना जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।
चूंकि अश्वगंधा एक सामान्य खाद्य पदार्थ न होकर एक जड़ी-बूटी है, इसलिए इसका उपयोग एक औषधि की तरह सीमित मात्रा में करना उचित रहता है। अश्वगंधा की जड़ स्वास्थ्य के लिए सबसे अधिक महत्वपूर्ण होती है, और इसका सेवन पाउडर के रूप में किया जा सकता है। पानी में अश्वगंधा पाउडर उबालकर बनाई गई चाय एक बेहतरीन अश्वगंधा चूर्ण खाने का तरीक़ा है जो स्वास्थ्य के लिए बहुत लाभदायक माना जाता है। अश्वगंधा चूर्ण के फ़ायदे (Ashwagandha Powder Benefits in Hindi) प्राप्त करने के लिए रोज़ रात को सोने से पहले दूध के साथ अश्वगंधा चूर्ण का सेवन भी किया जा सकता है। इसके अलावा अश्वगंधा के कैप्सूल बाज़ार में आसानी से मिल जाते हैं। बेहतर नतीजों के लिए दिन में 1-2 अश्वगंधा कैप्सूल का सेवन नियमित रूप से करना चाहिए।
इस बात का भी ध्यान रखें कि अश्वगंधा गर्म तासीर की एक बेहद प्रभावशाली जड़ी है, अतः औषधि के रूप में इसके सेवन के लिए किसी विशेषज्ञ अथवा चिकित्सक से मार्गदर्शन अवश्य लें।
अश्वगंधा आयुर्वेद का वरदान है और इस आर्टिकल में हमने आपसे अश्वगंधा के फायदे (Benefits of Ashwagandha in Hindi) साझा किए। कैसा लगा आपको हमारा आर्टिकल, हमें बताइये, साथ ही इसे शेयर कीजिये अपने दोस्तों और परिवारजनों के साथ। ऐसी ही बेहतरीन जानकारी, और नई-नई रेसिपीज़ के लिए बने रहिये BetterButter के साथ।
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