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महिलाओं में अचानक से वजन बढ़ने के 10 मुख्य कारण

Kavita Uprety | जून 19, 2018

हम सब यह चाहते हैं कि हमारा शरीर स्वस्थ् रहे और वज़न संतुलित रहे क्यूंकि यह हमारे सम्पूर्ण शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए ज़रूरी है। महिलायें विशेष रूप से अपने वज़न के प्रति जागरूक हैं और इसको नियंत्रण में रखने के लिए संतुलित भोजन के साथ साथ नियमित व्यायाम और टहलने के लिए पार्क इत्यादि में जाती हैं। पर अगर इस सब के बावजूद वज़न बढ़ता हुआ दिख रहा है तो यह आप के लिए खतरे की घंटी है, और चिकित्सकीय सलाह लेना ज़रूरी हो जाता है। आइये हम आप को बताते हैं वो कारण, जो आप के वज़न को असामान्य तरीके से बढा सकते हैं।

 

1.थाइरोइड ग्रंथि का बढ़ना –

थाइरोइड एक तितली के आकार की ग्रंथि है जो गले में होती है। इसके अनियंत्रित स्राव से शरीर में कई तरह के बदलाव आते हैं उनमें से एक है वज़न में अचानक वृद्धि होना। हाइपोथाईरोईडिज़्म वो असामान्य अवस्था है जिसमें शरीर का मेटाबोलिज़्म हल्का पड जाता है और परिणामस्वरूप खाये गए भोजन की कैलोरीज़ चर्बी के रूप में जमा होना शुरू जाती हैं।

 

2.रजोनिवृति और अन्य हार्मोन्स का असंतुलन –

रजोनिवृति (menopause) महिलाओं के जीवन का एक मुश्किल भरा दौर हो सकता है जिसमें उनके मासिक धर्म का चक्र प्राकृतिक रूप से बंद होने लगता है। कई अध्यनों में पाया गया है कि  इस काल के दौरान औसतन महिलाओं में दो से चार किलो तक वज़न बढ़ जाने कि संभावना रहती है जो कई महिलाओं में ज्यादा भी हो सकता है। इसका मुख्य कारण है इस्ट्रोजन नामक हार्मोन का मेनोपौज़ के दौरान अनियंत्रित स्राव,जिससे शरीर में वसा का जमाव होने लगता है और शारीरक सक्रियता में कमी आने से भी वज़न में अचानक वृद्धि होने की संभावना बढ़ जाती है।

केवल यही नहीं कुछ और हार्मोन्स भी हमारे शरीर के स्वस्थ संचालन में अहम भूमिका निभाते हैं और इन में गड़बड़ी कई तरह की असामान्यता को जन्म दे सकती है जैसे कि चिड़चिड़ापन, सुस्ती और कई मामलों में वज़न का बढ़ना। जैसे कि लेपटिन जोकि हमारे मस्तिष्क को यह संदेश देता है कि हमने जरूरत के मुताबिक खाना खा लिया है। इस के अलावा इंसुलिन जोकि रक्त में ग्लूकोज़ की मात्रा को नियंत्रित करता है। यह सभी बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं तथा गलत खानपान, जीवन शैली और व्यायाम ना करना जैसे कई कारणों से अनियंत्रित होकर वज़न को बढ़ा सकते हैं।

 

3.तनाव की दवाइयाँ-

तनाव को कम करने वाली दवाइयों से वजन बढ़ना एक आम समस्या है। अक्सर यह देखा गया है कि तनाव होते ही शरीर में वज़न बढ्ने की प्रवृति बढ़ जाती है। लेकिन अगर इन दवाओं को लंबे समय तक लेना आपके लिए ज़रूरी है तो थोड़ा बहुत वज़न बढ़ना स्वाभाविक होगा। दवा बदलने से कई बार इस समस्या का समाधान हो सकता है।

 

4.कुशिंग सिंड्रोम –

कुशिंग सिंड्रोम का संबंध भी कुछ हद तक तनाव से ही जुड़ा हुआ है। कार्टिसोल हमारे शरीर में एक ऐसा हार्मोन है जो तनाव की स्थिति में शरीर की प्रतिक्रिया को नियंत्रित करता है। पिटयूटरी ग्रंथि द्वारा स्रावित होने वाले हारमोन (ऐ सी टी एच) द्वारा इसके उत्सर्जन का नियंत्रण होता है। ऐसी स्थिति में जब शरीर उत्सर्जित हुए कार्टिसोल की अधिक मात्रा को ठीक तरीके से विनयमित नहीं कर पाता तो कुशिंग सिंड्रोम की स्थिति पैदा हो जाती है। यह दो प्रकार का- एक्सोजीनियस (कुछ बाहरी दवाओं के सेवन के कारण पैदा हुआ) और एंडोजीनियस (शारीरक विकारों के कारण पैदा हुआ) होता है तथा असामान्य रूप से वज़न बढ्ने का एक मुख्य कारण है।

 

5.अंडाशय (ओवरी) का कैंसर-

महिलाओं के शरीर में स्थित अंडाशय जोकि प्रजनन ग्रंथियां हैं, उनमें बढ़ती उम्र में होने वाला कैंसर एक आम समस्या बनता जा रहा है।  इस का संबंध मोटापे से जोड़ा जाता रहा है यद्यपि इस बारे में अभी भी कोई निश्चित राय नहीं बन पायी है पर इसकी संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता। यदि आपका वज़न असामान्य रूप से बढ़ रहा है तो आपको अपने चिकित्सक से ऐसी किसी भी संभावना के बारे में तुरंत राय लेनी चाहिए।

 

6.पीसीओडी-

पोलिसिसटिक ओवेरियन डिज़ीज़ जिसे आम बोलचाल कि भाषा में पीसीओडी कहा जाता है जिसमें अंडाशय में छोटी छोटी गांठें हो जाने से मासिक धर्म में गड़बड़ियाँ होने लगती हैं और स्त्री की प्रजनन क्षमता पर भी खासा असर पड़ता है। पीसीओडी के लिए मुख्य रूप से बढ़े हुए वज़न को जिम्मेदार माना जाता है जोकि अनियमित जीवन शैली और खान पान का नतीजा है। एक बार पीसीओडी की समस्या होने पर मोटापा काबू में आना कठिन होता है जिससे इस रोग के और गंभीर होने का खतरा हो जाता है।

 

7.कब्ज़-

कई तरह के प्रयोगों में यह बात निकल के आई है कि गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल और पाचन समस्याएं निश्चित रूप से इस बात पर प्रभाव डालती  है कि हमारा शरीर खाये गए पदार्थों को ठीक से अवशोषित कर रहा है और पचा रहा है। अधिक वसायुक्त भोजन जिसमें फाइबर कि उपयुकता मात्रा नहीं होती, कम पानी पीना और व्यायाम का अभाव ऐसे कारण हैं जो मोटापे को जाने नहीं देते।

 

8.शरीर की कोशिकाओं में पानी का जमाव-

शरीर में पानी का जमाव होने के कई कारण हो सकते हैं। उनमें मुख्य हैं ज्यादा नमक और चीनी का सेवन, उच्च रक्तचाप, थायरौइड की समस्या और गुर्दों के रोग। इस जमाव के कारण भी आपका वज़न बढ़ सकता है।

 

9.स्टेरोइड का सेवन –

स्टेरोईड कई सारी बीमारियों जैसे कि, सांस और अस्थमा संबंधी रोग, आर्थराइटिस में ज़रूरी समझी जाने वाली दवाइयों में से है और इनके सेवन से व्यक्ति की भूख में अत्यधिक वृद्धि हो जाती है। ज्यादा भूख लगने से व्यक्ति अपनी जरूरत से ज्यादा खाता है और धीरे धीरे उसका वज़न बढ़ जाता है।

 

10.गर्भ निरोधक गोलियां –

इन गोलियों में एस्ट्रोजेन होता है जो कई बार खाने की इच्छा बढ़ा देता है और शरीर की कोशिकाओं में पानी इकट्ठा होने जैसे लक्षण भी दिखने लगते हैं। चिकित्सक की सलाह लेकर गोलियां बदलने से यह समस्या हल हो सकती है।

 

चित्र स्त्रोत http://www.iatropedia.gr www.Wikipedia.org  www.pxhere.com, www.wikimedia.org, www.Mymed.com, www.thehearysoul.com, www.pixabay.com

 

Kavita Uprety

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