छेड़छाड़ से बचने के लिए क्या करें और क्या नहीं

Spread the love

महिलाओं के साथ छेड़खानी यौन उत्पीड़न का एक छोटा सा रूप है | वो बुरी तरह से घूरती नज़रे, भद्दी टिप्पणियां और अवांछित स्पर्श – बहुत सी महिलाएं इन सबका अनुभव करती हैं जैसे ही वे अपने घर से निकलती हैं | हम सबको पता है कि ज़िन्दगी के किसी भी मोड़ पर कुछ गलत हो सकता है इसीलिए परिस्तिथयों को कितनी समझदारी और कितनी बहादुरी से संभाला जाएं इसके बारे में विचार करना जरूरी है | तो जानिये ईव-टीसिंग से बचने के लिए क्या करें और क्या नहीं –

 

1.अपना बचाव खुद करें

जुडो-कराटे या किसी और तरह की मार्शियल आर्ट सीखना सबके लिए शायद संभव ना हो | लेकिन कहते हैं ना रोकथाम इलाज से बेहतर है तो अपने पास बचाव के लिए कुछ ना कुछ जरूर रखें जैसे पेप्पर स्प्रे, चाक़ू, ब्लेड या नेल कटर तक किस काम आ जाए पता नहीं | एक मतदान के अनुसार 48 % महिलाओं ने इस बात को सहमति दी है लेकिन इन सब चीज़ो को समझदारी और सूझ-बूझ के साथ ही इस्तेमाल करना चाहिए |

 

2.टेक्नोलॉजी वरदान है

छेड़छाड़ से बचने का सबसे अच्छा तरीका इंटरनेट का सही उपयोग | खतरे की घंटी बजे इससे पहले आपके पास अपने करीबी लोगो के फ़ोन नंबर होने चाहिए, जीपीएस ट्रैकर हमेशा ऑन रखें, पुलिस हेल्प लाइन को हमेशा स्पीड डायल में रखें, सुरक्षा सम्बन्धी एप्प्स डाउनलोड करें और उनके जरूरी निर्देश समझे, अपने आप को ऐसी वेबसाइट पर रजिस्टर करें ताकि आप कभी अकेले ना हो |

 

3.थोड़ा गंभीर दिखे

ये सुनने में थोड़ा अजीब लगेगा लेकिन आपके चेहरे के हाव-भाव बहुत कुछ बयान करते हैं | आजकल लोग मुस्कराहट का भी कुछ अलग ही मतलब निकाल लेते हैं तो आपके चेहरे की वो गंभीर अभिव्यक्ति उत्पीड़क को बिना शब्दों के ये बताती है कि आप अपने काम से मतलब रखने वाले हैं |

 

4.बर्दाश्त करने की भी एक हद होती है

वैसे तो ऐसे उत्पीड़कों को नज़रअंदाज़ करने में ही भलाई है लेकिन अगर आप अपनी आवाज उठाती हैं तो ज़रा बुलंद आवाज हो | उन्हें दिखाए कि आपके अंदर एक आत्मविश्वास है और आप किसी से डरने वाली नहीं | चेहरे पर सयम हो डर नहीं | पर ये ध्यान रहे कि ऐसा करते हुए आप किसी सुनसान जगह ना हो जहा आपको सुरक्षा मिलना मुश्किल हो |

 

5.क्या ना करें

ना भूले कि अपनी सुरक्षा सबसे पहले चाहे उत्पीड़क कितना भी हिसंक क्यों ना हो, अगर आप अकेले हैं और किसी सुनसान जगह पर हैं जहा सहायता नहीं मिल सकती, चुप रहने में ही भलाई है | बस अपने आप को ऐसी स्तिथि से बाहर निकाले |

 

6.गुस्सा या उत्तेजित ना हो

अगर आप गुस्से या अपशब्द से काम लेंगे तो ये उत्पीड़क को और ज्यादा उत्तेजित कर देगा | अगर जवाब देना जरूरी है तो शान्ति और दृढ़ता से काम लें |

 

7.अपनी बात कहने के बाद वहां ना रुके

अपने अपनी बात बहुत आत्मविशवास के साथ कह दी लेकिन हो सकता है कि उत्पीड़क इसके जवाब में 4 बातें और बोलने लगे | इन सब बातों पर ध्यान देने या फिर जवाब देने से अच्छा वहां से चली जाएं |

 

8.एक और एक ग्यारह होते हैं

छेड़छाड़ से बचने का सबसे आसान तरीका है दूसरों का साथ | उत्पीड़क भी कुछ कहने से डरते हैं जब उन्हें लगता हैं कि आपके आस-पास और लोग हैं |

 

चित्र स्त्रोत – youtube,city of portales, video blocks,feminist,DNA India,Pinterest,Today show, steemit

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *