मल्टीग्रेन्स को अपनी डाइट में शामिल करने के अनोखे तरीके

Spread the love

स्वस्थ रहने की दौड़ का मूल मंत्र है स्वास्थ्यवर्धक आहार। जिसमें पहला नंबर आता है बहुत सारे अनाजों का प्रयोग। साबुत अनाज फाइबर, लौह, कार्बोहाइड्रेट अन्य विटामिन और खनिजों का भंडार होते हैं। जब इनका छिलका उतार के इस्तेमाल किया जाता है तो छिलके के साथ ज़रूरी पोषक तत्व जैसे कि फाइबर, विटामिन और खनिज पदार्थ निकल जाते हैं इसलिए ज़रूरी है कि आप अनाज को इस तरह अपने भोजन में प्रयोग करें कि उसके सभी तीन खाद्य भाग जैसे की छिलका, बीज और अन्तर्बीज यानि कि एंडोस्पर्म उनके मूल रूप उपस्थित रहें। अब आप पूछेंगे कि ऐसा क्या खाएं कि हमारे खाने में नियमित रूप से मल्टीग्रेन्स का प्रयोग होता रहे। इसके लिए हमारे पास हैं कुछ टेस्टी टिप्स और आसान से सुझाव।

 

1.मल्टीग्रेन आटा, रोटी या ब्रेड –

मल्टीग्रेन यानि मिले जुले अनाजों का आटा सेहत के लिए बहुत फायदेमंद होता है। इसमें गेहूं के साथ चना, ज्वार, बाजरा, मक्का, जौ, सोयाबीन, इत्यादि को एक साथ पीसकर आटा तैयार किया जाता है। इस आटे से बनी रोटी है मल्टीग्रेन्स खाने का सबसे आसान तरीका। साथ ही इसी आटे से बनी ब्रेड भी इस्तेमाल करें ताकि नाश्ते में भी आपको इसका फायदा मिले। इसके अलावा बदल बदल कर केवल बाजरा, रागी और मक्के की रोटी को भी अपने खाने में शामिल करें।

 

2.दलिया, रागी और सत्तू –

साबुत गेंहू से बना दलिया एक आसान और पौष्टिक नाश्ता है जिसे बड़े और बच्चे दोनों ही पसंद करते हैं । इस के साथ साथ रागी को भिगा के और फिर पीस के बनाया जाने वाला दलिया जो कि दक्षिण भारत के लगभग सभी घरों में बनता है छोटे बच्चों के लिए एक आदर्श आहार है जबकि बढ़ते बच्चों के लिए रागी के लड्डू भी एक स्वादिष्ट नाश्ता है। सत्तू जो कि जौ या चने के साबुत अनाज़ से बनता है बहुत ताकतवर माना जाता है। इसे रोटी, पूरी या कचौरी बना के खाया जा सकता है। अगर आप को बढ़ते हुए वज़न की चिंता है तो इसे नींबू के साथ पानी में घोलकर शिकंजी की तरह पियें।

 

3.स्प्राउट –

साबुत दालों और मेवों को अंकुरित कर के खाये जाने वाले स्प्राउट्स में गज़ब की ताकत होती है और पानी में भीगने से इसमें स्‍टार्च की मात्रा कम होने की वजह से शरीर में फैट नहीं बढ़ता है। कई सारे विटामिन्स और मिनरल्स का भंडार माना जाने वाले स्प्राउट्स को सलाद के रूप में खाएं। इसके साथ साथ इसका चीला भी बहुत स्वादिष्ट होता है। इसे पराँठे की स्टफिंग के रूप में भी इस्तेमाल किया जा सकता है और चावल या रोटी के साथ इसकी दाल भी बनाई जा सकती है।

 

4.ओट्स, कुट्टू और राजगीरा –

ओट्स, कुट्टू और राजगीरा ऐसे अनाज हैं जो हर रसोई में मिलते हैं। ओट्स को दूध के साथ पका के खीर तो हर घर में बनती है। साथ ही ओट्स में सब्जियाँ डाल के या मूंग दाल और मसालों के साथ खिचड़ी भी बनाई जा सकती है। मिक्सी में ओट्स का पाउडर बना लें और फिर  उसके चीले बनाएँ जो कि एक स्वादिष्ट नाश्ता है। इसी तरह कुट्टू और राजगीरा के आटे के चीले भी एक अच्छा विकल्प हैं। राजगीरा की खीर या हलवा और लड्डू या चिक्की एक ऐसा नाश्ता है जो देर तक आपका पेट भरा होने का एहसास दिलाता है और सेहत से भरपूर है।

 

5.होल व्हीट पास्ता या नूडल्स –

अगर आप विदेशी भोजन के शौकीन हैं तो मैदे से बने पास्ता के बजाय गेंहू या ब्राउन राइस से बने पास्ता और नूडल्स का इस्तेमाल करें। यह स्वाद के साथ साथ सेहत भी देगा। इस के साथ ही साथ चावल या साबुत आटे के जवें या सेवियाँ एक ऐसी चीज़ है जो सेहत और स्वाद का लाजवाब मिश्रण है । इसे खीर की तरह मीठा या नमकीन उपमा दोनों तरह से बनाया जा सकता है।

 

6.कॉर्न और पौपकोर्न –

कॉर्न स्वास्थ्य के लिहाज़ से काफी हेल्‍दी माना जाता है। पौपकोर्न के रूप में इसे हल्के तेल में भूनकर या सादे ही खाएं तो बेहतर है। कच्चे कॉर्न को उबालकर चाट बनाइये या दरदरा पीसकर मसालों के साथ टिक्की बनाकर बच्चों को नाश्ते में दें। साथ ही मक्खन से साथ रोस्ट करे हुए बेबी कॉर्न एक झटपट बनने वाला पौष्टिक और जायकेदार नाश्ता है। ब्रेड के शौकीन कॉर्न ब्रेड के रूप में भी इस का मज़ा ले सकते हैं।

अब क्या आप सोच रही हैं कि इतनी सारी चीजों में से कल क्या बनाऊँ? तो एक आखिरी सलाह – इन सब से बनाइये एक वीकली मेन्यू और हर दिन खाइये और खिलाइये मल्टीग्रेन खाना।

चित्र स्त्रोत: www.flickr.com, www.maxpixel.com , www.wikimedia.org, www.wikipedia.org, www.youtube.com, www.nilons.com  

 

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *