Home / Nutrition in Hindi (पोषण) / खाने की चीज़े जो आपके फेफड़ों की सेहत के लिए लाभदायक हैं
फेफड़े हमारे शरीर का श्वसन अंग हैं । इन्हीं के द्वारा हम सांस लेने में समर्थ होते हैं। ये वायुमंडल से ऑक्सीजन को खींचकर हमारे खून में संचालित करते हैं इसलिए यह बहुत आवश्यक हैं की हम अपने फेफड़ों के स्वास्थ्य का ध्यान रखें। हैल्थी डाइट को अपनी ज़िन्दगी का हिस्सा बनाकर हम अपने आगे के जीवन को और बेहतर बना सकते हैं । खाने के कुछ ऐसे पदार्थ हैं जिनके सेवन से फेफड़े स्वस्थ रहते है, इसी कारण हम आपके साथ इन खानों की लिस्ट शेयर कर रहे हैं –
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नुट्रिशन एक्सपर्ट्स के अनुसार लहसुन के सेवन से इन्फ्लेम्शन की परेशानियों और फेफड़ों की परेशानियों को रोका जा सकता है क्योंकि लहसुन में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण मौजूद हैं । रिसर्च के द्वारा यह साबित हुआ है की अस्थमा पेशेंट्स और लंग कैंसर से पीड़ित पेशेंट्स को लहसुन के सेवन से आराम मिला है और उनकी अवस्था में सुधार आया है ।
नोट – अगर आपको लहसुन से एलर्जी है तब आप इसे खाने के पहले अपने डॉक्टर की राय ज़रूर लें ।
ओमेगा 3 फैटी एसिड्स और मैग्नीशियम दो अति आवश्यक पोषक तत्वों में से हैं जो फेफड़ों को स्वस्थ रखते हैं । अलसी के बीज का सेवन करने से हमें ये प्राकृतिक रूप से मिल जाते हैं और महंगे आर्टिफीसियल सप्लीमेंट्स को लेने की कोई ज़रुरत नहीं पड़ती । मात्र 10 ग्राम अलसी के बीज खाने से 39.2 mg मैग्नीशियम और 2.21 gm ओमेगा 3 हमारे शरीर को मिल जाता है जो की पूरे दिन की पोषण आवश्यकता को पूरा कर देता है l इन पोषक तत्वों से अस्थमा पेशेंट्स को सांस लेने की दिक्कतों से भी रहत मिलती है ।
सेब में कई तरह के विटामिन्स, फ्लेवोनोइड्स और खेलिन मौजूद हैं जिनके कारण हमारा श्वसन अंग स्वस्थ रहता है और कई तरह की फेफड़ों की बिमारियों से बचा रहता है । हाल ही में की गए रिसर्च से यह प्रमाणित हुआ है की विटामिन C, E, बीटा-कैरोटीन और सेब के सेवन से हमारे फेफड़े स्वस्थ रहते हैं और अस्थमा होने की शरीर की क्षमता को 32 % से घटा देते हैं ।
पालक में एक अत्यंत प्रभावशाली एंटी-ऑक्सीडेंट ‘कैम्प्फेरोल’ मौजूद है जो की फेफडों की सूजन के प्रभाव को घटाता है । यह बीटा-कैरोटीन का एक अच्छा प्राकृतिक स्त्रोत है जो की एक अन्य आवश्यक एंटी-ऑक्सीडेंट है जिसके प्रभाव से हमारे फेफड़ों के स्वास्थ की रक्षा होती है ।
अदरक के सेवन से सांस लेने की परेशानियों में राहत मिलती है क्योंकि इसमें सूजन रोकने के गुण पाए जाते हैं । अदरक एक व्यापक रूप से इस्तेमाल होने वाली जड़ी-बूटी है इसलिए आप इसका इस्तेमाल रोज़ के खाने में आसानी से कर सकते हैं और इसे कच्चा खाने की ज़रुरत नहीं रहती । अदरक और नीम्बू डालकर बनी हुई चाय के सेवन से सांस लेने की परेशानियों से राहत मिलती है क्यूंकि यह श्वसन तंत्र से टॉक्सिन्स को निकालने में समर्थ रहती है ।
अखरोट विटामन E का एक अच्छा स्त्रोत है क्योंकि इसमें गामा-टोकोफ़ेरॉल और ओमेगा 3 फैटी एसिड्स मौजूद हैं । यह विशेष विटामिन लंग कैंसर के बचाव में उपयुक्त पाया गया है । यह फेफड़ों की परत की रक्षा करता है और अस्थमा से बचाव करता है । रिसर्च से यह साबित हुआ है की अखरोट के नियमित सेवन से अस्थमा और सांस लेने की परेशानियों से राहत मिलती है।
ब्रॉकोली और इसके जैसी अन्य क्रुसिफेरस सब्ज़ियों में सल्फोराफेन नाम का एक कंपाउंड पाया जाता है जो कैंसर सेल्स की बढ़ोतरी को रोकता है । ब्रॉकोली एक ऐसी हरी सब्ज़ी है जिसमें भारी मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट्स पाए जाते हैं और फेफड़ों को सुरक्षित रखने के लिए इसका सेवन अत्यंत लाभदायक माना जाता है, खासकर ‘क्रोनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिस्फंशन’ के मरोज़ों को तो यह अपने डाइट में नियमित ही अपना लेना चाहिए ।
चित्र स्त्रोत: Pixabay, organic facts, medical news today
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