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स्त्रियाँ क्या न करें मासिक धर्म के दौरान ?

Kavita Uprety | सितम्बर 17, 2018

स्त्रियाँ क्या न करें मासिक धर्म के दौरान ?

मासिक धर्म या या आम बोलचाल की भाषा में पीरियड्स स्त्रियों के जीवन का एक ऐसा हिस्सा है जो पूरी तरह से प्राकृतिक प्रक्रिया होते हुए भी हमेशा से एक ऐसा विषय रहा है जिस के बारे में स्त्री को कभी भी व्यक्तिगत स्वतन्त्रता नहीं मिली। न केवल स्वास्थ्य की दृष्टि से बल्कि धार्मिक और सामाजिक दृष्टि से भी स्त्रियॉं के लिए मासिक धर्म एक कठिन समय रहा है और इस दौरान उन के लिए कई तरह के सामाजिक बंधन भी लगाए जाते थे। समय के साथ हालांकि अब स्थिति बदल गयी है लेकिन अगर हम इसे केवल महिलाओं के स्वास्थ्य की दृष्टि से देखें तो क्यूंकि इस दौरान शरीर हर महीने कुछ बदलावों से गुज़रता है इसलिए चिकित्सक इस बीच कई सारी चीजों को न करने की सलाह देते हैं। इसमें खाने पीने की आदतों से ले कर शारीरिक कार्य तक शामिल हैं।

आइये आपको बताते हैं क्या हैं वो चीज़ें जो आपको इस दौरान नहीं करनी चाहिए-

1. अधिक नमक से बचें

फ्रेंच फ्राइज़ आप का पसंदीदा नाश्ता हो सकता है लेकिन ये या इस जैसा कोई भी नमकीन स्नैक्स इस समय में आपकी परेशानी को और बढ़ा सकता है। चिकित्सक कहते हैं कि “नमकीन खाना शरीर में पानी को रोकता है तथा ब्लोटिंग जैसी परेशानी को बढ़ाता है जोकि महिलाएं इस दौरान महसूस करती हैं। पेट के निचले हिस्से में होने वाले क्रेम्प्स या ऐंठन भी नमकीन खाद्य पदार्थ खाने से बढ़ सकते हैं।

 

2. भारी व्यायाम न करें

इस दौरान कई महिलाओं को पेट के निचले हिस्से में दर्द और ऐंठन या पीठ दर्द हो सकता है । ऐसी स्थिति में आप को भारी व्यायाम नहीं करने चाहिए जैसे कि दौड़ना या जिम इत्यादि। हालांकि कुछ विशिष्ट योगासन किए जा सकते हैं जोकि इस समय की शारीरक स्थिति के अनुकूल हों लेकिन भारी कसरत और शारीरिक कार्य से दूर ही रहना चाहिए।

 

3. दूध का कम प्रयोग

what to avoid during periouds - milk products-hindi

चाहे आप दूध या डेयरी प्रोडक्टस की कितनी भी बडी फैन हों आप को इन सबका प्रयोग कम से कम या न के बराबर करना चाहिए। इस दौरान शरीर में होर्मोंस का उतार चढ़ाव बहुत अधिक रहता है और दूध का प्रयोग इसको और अधिक उत्तेजित कर सकता है जिसका सीधा सा परिणाम होगा चिड़चिड़ापन, मूड स्विंग्स और पेट या पाचन से संबन्धित परेशानियां।

 

4. सिगरेट या कैफीन से बचें

what to avoid during periouds - coffee-hindi

कैफीनयुक्त पेय पदार्थ जैसे कि कॉफी मासिक के दौरान स्तनों की कोमलता को और बढ़ा सकते हैं जो वैसे ही काफी संवेदनशील होते हैं। । इसके अलावा कैफीन मस्तिष्क के जीएबीए (“डाउनर” न्यूरोट्रांसमीटर) को अवरुद्ध करता है और परिणामस्वरूप रक्त वाहिकाओं के प्रवाह में बाधा आती है जो मासिक धर्म के दौरान होने वाली ऐंठन को और ज्यादा बढ़ा सकता है। इससे चिंता और हृदय गति में भी वृद्धि होती है, जिससे पीएमएस के लक्षण बढ़ते हैं। साथ ही सिगरेट का इस्तेमाल भी इस दौरान होने वाले दर्द को बढ़ाने की संभावना रखता है।

 

5. पैड या टेंपून को बदलते रहें

खासतौर पर कामकाजी महिलाओं के लिए अपनी रोजमर्रा की गतिविधियों में व्यस्त हो जाना आम है पर इस के बीच पूरे दिन एक ही पैड या टेंपून पर न रहें। नियमित रूप से अपने पैड या टेंपून को बदलना आपके हाईजीन का एक ज़रूरी हिस्सा है इसलिए आपको दुर्गंध और बैक्टीरियल संक्रमण से बचने के लिए हर तीन से चार घंटों में इसे बदलते रहना चाहिए।

 

6. वेजाइनल डूश (douche) से बचें

अगर आप वेजाइनल डूश करती हैं तो इस दौरान ना करें क्यूंकि यह हानिकारक हो सकता है। इस प्रक्रिया के लिए बाज़ार में मिलने वाले खुशबूदार लीक्विड्स योनि की सामान्य स्थिति और प्राकृतिक बैक्टीरिया को खत्म कर सकती हैं जिससे योनि में जलन और संक्रमण हो जाता है। ज़रूरत पड़ने पर साधारण पानी का डूश एक विकल्प है लेकिन यह करना भी आवश्यक नहीं है।

 

7. सेफ सेक्स

यह एक एक मिथ है कि मासिक के दौरान गर्भधारण नहीं हो सकता। गर्भवती होने की संभावना इस समय भी उतनी ही है। साथ ही रक्त के माध्यम से वायरस और अन्य जीवाणु आप के पार्टनर तक जा सकते हैं और इसलिए इस अवधि के दौरान एचआईवी जैसा संक्रमण भी हो सकता है। इसके अलावा, गर्भाशय के डायलेटेड होने के कारण महिला की योनि में कीटाणुओं का अंदर जाना ज्यादा आसान हो जाता है। इसलिए किसी भी संक्रमण से बचने के लिए संभोग से बचना ही बेहतर विकल्प है।

हम उम्मीद करते हैं कि इन सब बातों को जानने के बाद आप पीरियड्स के दौरान फिट और स्वस्थ रहने के लिए इन सब बातों पर ज़रूर गौर करेंगी।

चित्र स्त्रोत: www. Public Domain Pictures.net, www.pixabay.com, www.wikipedia.org, www.maxpixel.net, www.naturalon.com