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बॉलीवुड की सबसे लोकप्रिय ऑन-स्क्रीन माँ

Team BetterButter | सितम्बर 6, 2018

एक माँ, अपने बच्चों की ज़िन्दगी का बहुत ही अहम हिस्सा होती है-चाहे वह फिल्मों में हो या फिर असल ज़िन्दगी में हो। चाहे माँ एक सहायक किरदार ही क्यों ना हो, हर बॉलीवुड फिल्म में एक माँ ज़रूर होती है। आज हम आपको बताएँगे कुछ अभिनेत्रियों के बारे में जो बनी ऑन-स्क्रीन माँ, और सबकों बहुत ही पसंद आयी!

 

1.निरुपा रॉय

निरुपा रॉय, जो की ‘क्वीन ऑफ़ मिसरी’ के नाम से भी जानी जाती हैं, ने अभिनेताओं अमिताभ बच्चन और शशि कपूर की माँ का किरदार निभाया है। निरुपाजी का ये किरदार इतना प्रतिष्ठित था की 1970s में वह एक गरीब और पीड़ित माँ का प्रतीक बन गयी थी। अमिताभ बच्चन की फिल्म ‘दीवार’ में निरुपाजी ने एक यादगार संवाद कहा था-“मुझे खरीदने की कोशिश मत करना।”

 

2.फ़रीदा जलाल

फ़रीदा जलाल, फिल्म ‘दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे’ में सिमरन की माँ का किरदार निभाने के लिए जानी जाती है। उनका किरदार एक ऐसी माँ का था जो अपनी बेटी के सपनों का और अपनी बेटी के प्यार का समर्थन करती है, ने उन्हें बॉलीवुड की सबसे लोकप्रिय माँ का खिताब दिलाया था।

 

3.रीमा लागू

स्वर्गीय रीमा लागू और सलमान खान, बॉलीवुड के सबसे पसन्दीदा माँ-बेटे जोड़ी में गिने जाते हैं। सूरज बरजात्या की फिल्म ‘हम साथ साथ हैं’ में रीमाजी ने एक ख्याल रखनेवाली पत्नी और तीन बेटों और एक बेटी की माँ का किरदार निभाया था। उनका यह किरदार, फिल्मी जगत का सबसे यादगार किरदार है।

 

4.जया बच्चन

कौन भूल सकता है करण जोहर की सुपर हिट फिल्म ‘कभी ख़ुशी कभी ग़म’, में जया बच्चन का किरदार-नंदिनी रायचंद? इस फिल्म में जयाजी के पति का किरदार उनके असली पति अमिताभ बच्चन ने निभाया था। नंदिनी रायचंद का किरदार एक ऐसी पत्नी का था जो अपने पति के आगे कुछ नहीं बोल पाती थी। जयाजी ने यह किरदार बहुत ही अच्छी तरह से निभाया था। नंदिनी रायचंद का किरदार एक ऐसा किरदार भी था जो की अपने बेटे (शाहरुख़ खान) से दूर हो जाती है क्योंकि उनके पति को यह बिलकुल भी स्वीकार नहीं होता की उनका बेटा एक मिडिल-क्लास लड़की (काजोल) को उनके घर की बहु बना देता है। इस किरदार के लिए, जयाजी ने करण को कहा था की वह इस फिल्म के किसी भी भावुक सीन में ग्लिसरीन का इस्तिमाल नहीं करेंगी। जब भी नंदिनी रायचंद का किरदार रोते हुए दिखाया जाता था-चाहे वह ख़ुशी के आँसू हो जब दिवाली पर उनका बेटा घर आता है या फिर तब जब एक माँ अपने बेटा से दस साल बाद मिलती है-उन सभी सीन्स में जया जी असल में रोयीं थी । उनके आँसू असली आँसू थे, नकली आँसू नहीं।

 

5.किरण खेर

एक और ऑन-स्क्रीन माँ जो हमे बेहद पसंद आयी थी, वह थी किरण खेर, फिल्म ‘दोस्ताना’ में। किरणजी ने एक पंजाबी माँ का किरदार निभाया था जिनका दिल टूट जाता है जब उन्हें पता चलता है की उनका एकलौता बेटा, जिसका किरदार अभिषेक बच्चन ने निभाया था, गे है। इस फिल्म में किरण पर आधारित एक गाना भी है, ‘माँ दा लाडला’, जो दिखाता है की किरण की किरदार को कितना दुःख होता है यह जानकर की उनके बेटे को लड़के पसंद है!

 

6.रत्ना पाठक शाह

रत्ना पाठक शाह ने फिल्म ‘खूबसूरत’ में निर्मला सिंह राठौर का किरदार निभाया था। ये किरदार उनके टीवी शो ‘साराभाई वेर्सुस साराभाई’ के  किरदार माया साराभाई की तरह था। फिल्म में रत्नाजी, समभलगढ़ की रानी है। अपने महल कम होटल का वह ध्यान रखती है। वह अपने बच्चों की ज़िन्दगी भी कंट्रोल करती है। इस फिल्म के साथ एक दिलचस्प बात भी जुड़ी है। जिस तरह रत्नाजी ने इस फिल्म में फवाद खान की माँ का किरदार निभाया है, उसी तरह रत्नाजी की माँ डीना पाठकजी ने राकेश रोशन की माँ का किरदार पुरानी  ‘खूबसूरत’ फिल्म में निभाया था। पुरानी ‘खूबसूरत’ में रेखाजी ने मुख्या भूमिका निभाई थी और इस नयी वाली ‘खूबसूरत’ में सोनम ने यह किरदार निभाया था।

 

7.शेफाली शाह

ज़ोया अख्तर की फिल्म ‘दिल धड़कने दो’ में, शेफाली शाह ने नीलम मेहरा का किरदार निभाया था। नीलम मेहरा एक हाई सोसाइटी माँ थी, जो अपने बेटे कबीर (रणवीर सिंह) से बहुत प्यार करती थी। वह अपने बेटे की हर इच्छा को पूरी करती थी, चाहे उन्हें इसके लिए कुछ भी करना पड़े। अभिनेता अनिल कपूर ने शेफाली के पति का किरदार निभाया था। माँ के साथ-साथ, शेफाली का किरदार एक पत्नी का भी था जो अपने पति की बेवफ़ाई को अनदेखा करने का नाटक करती थी। जब फिल्म में नीलम देखती है की उनके शादी की सालगिरह पर उनका पति एक दूसरी औरत के साथ फ़्लर्ट कर रहा है, तो नीलम अपने पति को कुछ भी नहीं कह पाती और ना ही कुछ कर पाती है। अपनी उदासी और दुःख को छुपाने के लिए, नीलम का किरदार बहुत सारी चॉकलेट खाते हुए दिखाया जाता है। इस सीन को शूट करना और इस सीन से जुड़ी भावनाओं का प्रदर्शन करना बहुत ही मुश्किल था लेकिन शेफालीजी ने यह सीन बहुत ही सुंदरता के साथ शूट किया। इस सीन के लिए, शेफालीजी को बहुत प्रशंसा भी मिली।

 

सूत्र: BollySpice.com, iDiva, InUth.com, Mid-day.com, ScoopWhoop, Talk Film Society, The Hindu The Indian Express, T2 Online, Yash Raj Films.

 

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