अगर आपके बच्चों का दिमागी विकास (Brain Development in Children) है आपके लिए चिंता का विषय तो क्या आपने ट्राई किए ये बेहतरीन बच्चों का दिमाग तेज करने के घरेलू उपाय?
कोई भी माता-पिता अपने बच्चों का भविष्य उज्जवल देखना चाहते हैं, और एक सुखद भविष्य निर्माण में बच्चों के दिमागी विकास का महत्वपूर्ण योगदान होता है। एक्स्पर्ट्स कहते हैं कि बच्चों के मस्तिष्क का विकास होने की शुरुआती प्रक्रिया घर से प्रारम्भ होती है, जिसे बच्चे का आहार और उसके आस-पास का वातावरण मुख्य रूप से प्रभावित करते हैं। ज़ाहिर तौर पर बच्चों का मानसिक विकास होने की प्रक्रिया में माता-पिता का मुख्य योगदान होता है। माता-पिता अपने बच्चों का व्यक्तित्व निखारने के लिए उन्हें अच्छे से अच्छे स्कूल में पढ़ाते हैं और सारी सुख-सुविधाएँ देते हैं, पर उसके मानसिक विकास के लिए आप क्या कर सकते हैं? इस आर्टिकल Brain Development in Children में हम जानेंगे बच्चों का दिमाग तेज करने के घरेलू उपाय। आइए जानते हैं विस्तार से।
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घर में बच्चे का जन्म होते ही माता-पिता की जिम्मेदारी दोगुनी होती है। माता व पिता दोनों ही प्रयास करते हैं कि वे अपने बच्चे को सर्वश्रेष्ठ पोषण, सर्वोत्तम शिक्षा और अन्य संसाधन उपलब्ध करवाएँ। पर अगर सारी सुख-सुविधाएँ मिलने के बावजूद भी बच्चे का मानसिक विकास ठीक से नही हो तो वो आगे जाकर पिछड़ सकता है। चूँकि आज का युग प्रतिस्पर्धा का युग है, और कोई भी माँ-बाप अपने बच्चे को पिछड़ता हुआ नही देखना चाहते, ऐसे में आवश्यक है कि उचित पोषण और शिक्षा के साथ-साथ बच्चों को मानसिक रूप से मज़बूत और दिमागी रूप से तेज बनाने के प्रयास भी किए जाएँ।
विज्ञान के अनुसार उम्र के शुरुआती पड़ाव में हमारे दिमाग का विकास सबसे तेज़ गति से होता है, ऐसे में बच्चे के मस्तिष्क का विकास (Brain Developments in Children) करने के लिए घर पर ही प्रयास किए जाने आवश्यक हैं। शुरुआती उम्र में बच्चे का मानसिक विकास मुख्य रूप से उसके पोषण, खेल-खेल में मिले अनुभवों, व आस-पास के वातावरण पर निर्भर करता है। आइए जानते हैं बच्चों का दिमाग तेज करने के घरेलू उपाय-:
किसी भी बच्चे के शारीरिक और मानसिक विकास में पौष्टिक आहार का महत्वपूर्ण योगदान होता है। एक ऐसे समय में जब जंक फूड एवं फ़ास्ट फूड के कई आसान विकल्प उपलब्ध हैं, तो आप कोशिश करें कि बच्चों को घर पर बना स्वच्छ और पौष्टिक खाना ही खिलाएँ। अलग-अलग तरह के व्यंजन बनाकर बच्चों को अनाज और सब्ज़ियों का सेवन करवाएँ। स्नैक्स के रूप में बच्चों को फल अथवा सूखे मेवे खिलाएँ। हेल्दी और पौष्टिक खाना खाने से दिमाग और शरीर स्वस्थ रहते हैं। बच्चे के पैदा होने के बाद उसे स्तनपान अवश्य करवाएँ। शोधकर्ताओं के अनुसार माँ के दूध में बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास के लिए आवश्यक महत्वपूर्ण पोषक तत्व होते हैं। स्तनपान करने वाले शिशु मानसिक और शारीरिक रूप से अधिक मजबूत होते हैं।
जब आप ये सुनिश्चित कर लें कि बच्चे को आवश्यक पोषण पर्याप्त रूप से मिल रहा है, उसके बाद आती है कसरत की बारी। जैसे शारीरिक रूप से मज़बूत बनने के लिए हमें उचित पोषण के बाद जिम जाने व व्यायाम करने की आवश्यकता होती है, उसी तरह बच्चों के दिमाग़ को मजबूत करने के लिए उनके दिमाग की कसरत करवाएँ। इसके लिए अपने बच्चे को ज्यादा से ज्यादा दिमाग लगाने वाले गेम्स जैसे मेज़, पज़ल, क्रॉसवर्ड खेलने दें और जब वो बोर होने लगें तो उनके उत्साह को बढ़ाने के लिए खुद भी उनके साथ खेलने लगें।
संगीत एक महत्वपूर्ण कला है और बच्चे को सम्पूर्ण रूप से विकसित करने के लिए कला की और उसका रुझान बढ़ाना अनिवार्य है। कई शोधों के अनुसार म्यूज़िक इंटेलिजेंस को बढ़ाने में मदद करता है इसलिए अपने बच्चे को किसी म्यूजिक क्लास में भेजें और कोई भी म्यूजिकल इंस्ट्रुमेंट जैसे गिटार, हर्मोनीयम, या प्यानो बजाना बजाना सिखाएं। अगर आप म्यूज़िक क्लास भेजने में असमर्थ हैं तो बच्चे को घर पर ही संगीत से परिचित करवा सकते हैं। संगीत के अलावा बच्चे की रचनात्मकता को बढ़ाने के लिए आप उसे चित्रकारी करने, कहानी पढ़ने अथवा कुछ भी लिखने के लिए भी प्रेरित कर सकती हैं।
बच्चों को वीडियो गेम्स खेलना काफी पसंद होता है, पर माता-पिता को लगता है कि इससे बच्चे का समय ख़राब होगा और आँखें भी कमज़ोर जो जाएँगी।हालाँकि कई शोधों में ये बात सामने निकलकर आयी है कि हफ़्ते में कुछ घंटे वीडियो गेम खेलने के बच्चों के मन पर सकारात्मक प्रभाव हो सकते हैं। इसके लिए सप्ताह में कुछ घंटों के लिए अपने बच्चों को वीडियो गेम खेलने दें। गेम आप खुद पसंद करें और खेलने का वक़्त भी खुद ही तय करें। कुछ अच्छे गेम्स आपके बच्चे के दिमाग को तेज करने में मदद करेंगे। शोधों के अनुसार वीडियो गेम खेलना बच्चों की प्रॉब्लम सॉल्विंग स्किल को बढ़ाता है।
किताबें हर उम्र में इंसान की सबसे अच्छे दोस्त होती हैं और यही बात बालपन में भी लागू होती है। इसके लिए छोटी उम्र से ही अपने बच्चे के लिए किताबें पढ़ें जिससे बड़े होने पर उनमे पढ़ने की रूचि आएगी। किताबें पढ़ने से बच्चे के दिमाग में बहुत सारे सवाल आएंगे और बहुत सी चीज़ें सिखने को भी मिलेंगी। बच्चों के लिए किताबें आप अपनी पसंद से भी चुन सकती हैं जैसे कहानियों की किताबें, पौराणिक कथाएँ और जानवरों की कहानियाँ। याद रखें कि बच्चों को कहानियाँ पढ़कर सुनाने का उद्देश्य उन्हें कहानियाँ याद करवाना नही, बल्कि उनमें पढ़ने की रुचि विकसित करना और सवाल पूछने के लिए प्रेरित करना हैं।
आजकल हमारे आस-पास ढेर सारी मशीने हैं। वॉशिंग मशीन, टोस्टर, मिक्सर, टीवी, फ़्रिज इत्यादि। ऐसे में बच्चों के मन में प्रश्न तो ज़रूर आते होंगे कि इतनी सारी चीज़ें कैसे चलती हैं। तो बस आप थोड़ी बहुत जानकारी जुटाकर बच्चे को बताये कि अलग-अलग तरह की मशीनें कैसे काम करती हैं और उनके अंदर चीज़ों को जानने कि चाहत को बढ़ाएं। जब बच्चे सवाल करें तो उन्हें धीरे-धीरे और समझदारी के साथ जवाब दें। इससे आपका ज्ञान भी बढ़ेगा और साथ-साथ ही साथ बड़े होने पर बच्चे इन मशीनों को सहज रूप से इस्तेमाल करना सीख जाएँगे।
बच्चों के दिमागी विकास के लिए आप छोटे-छोटे अभ्यास करें। इसके लिए उसे रंगों और आकृतियों की पहचान अवश्य करवाएँ। आजकल बाज़ार में ढेर सारे ऐसे गेम्स मौजूद होते हैं जिनसे बच्चे आसानी से रंग और आकृतियाँ पहचानना सीख जाते हैं। इसके लिए समय-समय पर उनसे प्रश्न भी करते रहें, जैसे कि बाज़ार जाते समय किसी बोर्ड का रंग पूछकर, या फिर गेंद की आकृति पूछकर।
बच्चों का मानसिक विकास उनके आस-पास के वातावरण पर निर्भर करता है। माँ हर बच्चे की पहली शिक्षिका होती है, और बच्चे जितना माँ से सीखते हैं उतना शायद ही किसी और से सीखें। आपने महसूस किया होगा कि कई बार बच्चे आपको कॉपी करने की कोशिश करते हैं, इसका कारण यही है कि वे आपकी परछाईं होते हैं। बच्चे बड़ों से बहुत सारी चीज़ें सीखते हैं इसलिए उनके सामने एक अच्छी रोल मॉडल बनें। जैसे हमेशा हेल्दी खाना खाएं और काउच पर बैठे रहने कि बजाय टहलें। बच्चे के सामने किताबें पढ़ें ताकि आपको देख कर वो भी ऐसा करने कि कोशिश करें।
कई बार माँ-बाप अपनी स्ट्रेस भरी ज़िन्दगी का ग़ुस्सा बच्चों पर निकाल देते हैं या फिर उनकी बातों को बेकार का समझकर नज़रंदाज़ कर देते हैं। इससे बच्चे हीन भावना का शिकार हो जाते हैं। इस बात को समझे कि अगर कोई चीज़ आपके लिए महत्वपूर्ण नहीं है, तो बालमन के लिए वो महत्वपूर्ण हो सकती है। इसलिए बच्चे से बड़ों की तरह बातें करें और ये जताते हुए कि वो महत्वपूर्ण हैं, उन्हें ध्यान से सुनें। अगर आपके बच्चे किसी चीज़ के बारे में जानना चाहते हैं तो उन्हें समझदारी के साथ जवाब दें।
बच्चों के मस्तिष्क का विकास इसकी क्रियाशीलता पर भी निर्भर करता है। यूँ तो आमतौर पर बच्चे ढेर सारे प्रश्न पूछते हैं, पर बच्चों का दिमाग़ तेज़ करने के लिए आप भी उनसे किसी भी समय प्रश्न पूछ सकते हैं। ये प्रश्न किसी भी तरीके के हो सकते हैं, जैसे कोई कहानी से जो आपने उसे पढ़कर सुनायी, या फिर उसे वर्णमाला बोलने को कहें। इससे बच्चे का दिमाग क्रियाशील रहेगा। हालाँकि कोशिश करें कि बच्चों से ऐसे प्रश्न पूछें जो उन्हें आते हो। मुश्किल प्रश्न पूछने से उनका आत्मविश्वास कम होगा व सीखने में रुचि घटेगी।
उपरोक्त तरीक़ों के अलावा एक स्वस्थ दिनचर्या का पालन करवाकर, भरपूर प्रेम देकर और उन्हें समय-समय पर अच्छी बातें सिखाकर आप बच्चों का सर्वोत्तम मानसिक विकास (Brain Development in Children) कर सकती हैं।
बच्चों का मानसिक विकास (Brain Development in Children) उनके सम्पूर्ण विकास और सुखद भविष्य के लिए बेहद ज़रूरी है। इस आर्टिकल में हमने आपसे बच्चों का दिमाग तेज करने के घरेलू उपाय साझा किए। कैसा लगा आपको हमारा ये आर्टिकल, हमें बताइए, साथ ही इसे साझा कीजिए अपने दोस्तों और परिवारजनों के साथ। ऐसी ही अनमोल जानकारी, और नई-नई रेसिपीज़ के लिए जुड़े रहिए BetterButter के साथ।
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