Benefits of Sugarcane Juice in Hindi: हर एक मौसम अपने साथ नए-नए तोहफ़े लेकर आता है। गर्मियों की अगर बात की जाए तो गर्मी के मौसम (summer season) का शायद ऐसा ही एक नायाब तोहफा है गन्ने का जूस (Sugarcane Juice)। ठंडे-ठंडे गन्ने के जूस का एक ग्लास ही हमारी प्यास बुझाने, शरीर को ठंडक पंहुचाने और हमें दिनभर तरोताजा रखने के लिए काफी होता है। पर क्या आप जानते हैं कि हमें तरोताजा करने और प्यास बुझाने के अलावा हमारे शरीर को पोषण और औषधीय दृष्टि से भी गन्ने के जूस के फायदे (Benefits of Sugarcane Juice in Hindi) होते हैं?

इस आर्टिकल में हम जानेंगे गन्ने के जूस के पौष्टिक तत्व और गन्ने के जूस के फायदों के बारे में। आइये जानते हैं विस्तार से!
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गन्ने का रस (sugarcane juice) हर तरह से बहुत उपयोगी होता है। गन्ने के रस का उपयोग गुड़(Jaggery), चीनी व सिरका जैसे महत्वपूर्ण खाद्य पदार्थ बनाने के लिए किया जाता है और अगर हम गन्ने के रस का सेवन इसके मूल रूप में ही करते हैं तो भी इसके ढेरों लाभ होते हैं। गन्ने के जूस में प्रोटीन (Protein), कार्बोहाइड्रेट, कैल्शियम, फॉस्फोरस, पोटैशियम, आयरन, मैंगनीज (Manganese) व विटामिन ए (Vitamin A) व विटामिन बी (Vitamin B) जैसे पौष्टिक तत्व प्रचुर मात्रा में मौजूद होते हैं। गन्ने के रस की तासीर ठंडी होती है और इसके सेवन से कई औषधीय लाभ (medicinal benefits) भी होते हैं। इस आर्टिकल में आगे हम जानेंगे गन्ने के रस के प्रमुख फायदे (benefits of sugarcane juice in Hindi)। आइये जानते हैं विस्तार से।
गर्मियों के मौसम (summer season) में हमारे शरीर की ऊर्जा (energy) जल्दी-जल्दी खत्म होती है और कई बार हम डिहाइड्रेशन का शिकार भी हो जाते हैं। ऐसी स्थिति में गन्ने का रस तत्काल ऊर्जा पाने और स्वयं को तरोताजा महसूस करवाने का अच्छा साधन है। गन्ने के रस में विभिन्न प्रकार के पौष्टिक तत्व (nutrients) पर्याप्त मात्रा में मौजूद होते हैं जो शरीर में अवशोषित होने पर हमें ऊर्जा (energy) प्रदान करते हैं। नींबू, नमक व पुदीना मिलाकर तैयार किये गए गन्ने के रस का खट्टा-मीठा स्वाद हमें तुरंत ताज़गी पहुंचाता है, और हम पहले से अधिक सक्रिय महसूस करने लगते हैं।
हमारे शरीर को तरोताज़ा करने के अलावा गन्ने का जूस हमारे शरीर से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने का काम भली-भांति करता है। विभिन्न शोधों के अनुसार गन्ने के रस के नियमित सेवन से गुर्दे की पथरी (kidney stone) की समस्या में लाभ होता है। गन्ने का रस शरीर के डिटॉक्सीफिकेशन में लाभदायक होता है, तथा शरीर को स्वच्छ करने वाली कोशिकाओं को सुचारू रूप से चलाता है।
गर्मियों के मौसम में त्वचा संबंधी बीमारियां (skin diseases) भी सामान्य से अधिक होती हैं। गन्ने का रस त्वचा संबंधी अनेक समस्याओं और खासतौर पर मुहांसे (acne) से लड़ने में काफ़ी कारगर सिद्ध होता है। गन्ने के रस की तासीर ठंडी होती है और इसके नियमित सेवन से शरीर में शीतलता का संचार होता है, जिससे मुँहासे नही होते।
गन्ने के रस के सेवन के अलावा, गन्ने के जूस से बना फेसपैक भी चेहरे पर लगाकर मुहांसे से निजात पाई जा सकती है। मुहांसे को दूर करने के लिए ताज़े गन्ने के रस में मुल्तानी मिट्टी मिलाकर चेहरे पर लगाएं और कुछ समय रखने के बाद चेहरे को गीले नर्म तौलिये से साफ कर लें। गन्ने के रस में अल्फा हाइड्रॉक्सी एसिड त्वचा में मौजूद मृत कोशिकाओं को बाहर निकालने का काम करता है, जिससे चेहरा साफ होकर चमकने लगता है।
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गन्ने के रस के नियमित सेवन से हमारे शरीर में विभिन्न एंटी-ऑक्सीडेंट्स की आपूर्ति भी होती है, जिससे त्वचा कोमल (soft skin), चमकदार व लंबे समय तक जवान बनी रहती है।
रक्तचाप आजकल कई लोगों के लिए एक गंभीर समस्या बन चुका है। ऊपर-नीचे होते रक्तचाप की वजह से लोगों को कई अन्य गंभीर समस्याओं जैसे स्ट्रोक व दिल के दौरे का सामना भी करना पड़ सकता है। कई शोधों में ये बात सामने निकलकर आई है कि गन्ने के जूस का नियमित रूप से सेवन, रक्तचाप को नियंत्रित (blood pressure control) करने में सहायक हो सकता है। गन्ने के रस में मौजूद पोटैशियम नामक खनिज धमनियों और शिराओं में रक्त का प्रवाह सुचारू रखता है, तथा रक्त वाहिकाओं पर दबाव नहीं पड़ने देता। इस तरह से रक्तचाप नियंत्रित रहता है।
गन्ने के जूस में जो पौष्टिक तत्व प्रचुर मात्रा में मौजूद होते हैं, उनमें से एक है कैल्शियम। गन्ने के जूस का नियमित रूप से सेवन करने से हमारे शरीर में कैल्शियम का उचित स्तर बना रहता है। कैल्शियम हमारी हड्डियों और दांतों की मजबूती के लिए एक अनिवार्य पोषक तत्व है, और शरीर में कैल्शियम की आपूर्ति होने से हड्डी व दंत संबंधी समस्याएं कम हो जाती हैं।
नियमित रूप से गन्ना चबाने से भी दांत मजबूत होते हैं। बढ़ते बच्चों के शारीरिक व मानसिक विकास के लिए गर्मी के मौसम में गन्ने के रस का सेवन अच्छा माना जाता है। गन्ने के रस का सेवन करने या गन्ने के रस को नाखूनों पर लगाने से नाखून भी मजबूत और चमकदार बनते हैं।
पीलिया (Jaundice) एक गंभीर रोग है जो सीधा हमारे लीवर पर प्रहार करता है, और अगर इसका इलाज समय रहते न किया जाए तो यह जानलेवा भी हो सकता है। पीलिया के निवारण के लिए गन्ने का रस एक रामबाण औषधि है।
पीलिया अथवा लीवर सम्बंधी अन्य रोगों के चलते हमारा लीवर कमजोर होने लगता है, ऐसे में दिन में दो बार गन्ने के रस में नींबू डालकर पीना लाभदायक होता है। पीलिया के दौरान हमारा शरीर भोजन को अच्छे से पचा नहीं पाता और इस दौरान गन्ने के रस का सेवन शरीर में ग्लूकोज की मात्रा बनाए रखता है।
अगर किसी भी कारण से आपका पाचन तंत्र (Digestive System) ठीक तरह से काम नहीं कर रहा है तो अपने दैनिक आहार में गन्ने का रस शामिल करना लाभदायक हो सकता है। गन्ने के रस में मौजूद पोटेशियम, हमारे पाचन रसों को बढ़ाने में मददगार होता है।
गन्ने का रस पीने से हमारा मानसिक तनाव भी कम होता है, जिससे भूख खुलकर लगती है। एसिडीटी होने या गैस बनने पर गन्ने के रस के सेवन से लाभ होता है। कब्ज होने पर नियमित रूप से गन्ने के रस का सेवन लाभ पहुंचाता है।
अगर आप सोच रहे हैं कि गन्ने के रस में कितनी कैलोरी होती है और क्या इससे आपका वजन बढ़ सकता है, तो आपको बात दें कि लगभग 100 मिली गन्ने के रस में 269 कैलोरी होती है। इससे आपका वजन नहीं बढ़ता। हालांकि गन्ने के रस में मौजूद फाइबर हमारे शरीर में मौजूद अतिरिक्त कोलेस्ट्रोल को हटाकर वजन कम (weight loss) करने में सहायक अवश्य होते हैं।
कई बार हमारे भीतर यह उलझन होती है कि क्या मधुमेह/शुगर (Diabetes) में गन्ने का रस पीया जा सकता है, तो आपको बता दें कि मधुमेह से पीड़ित होने पर सीमित मात्रा में गन्ने के रस का सेवन किया जा सकता है। मधुमेह के दौरान गन्ने के रस का सेवन करने से कोई नुकसान नहीं होता बल्कि गन्ने के रस में मौजूद सुक्रोज रक्त में शर्करा का स्तर नियंत्रित करने में सहायक होता है।
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उपरोक्त फायदों के अतिरिक्त गन्ने के रस का सेवन रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने, बुखार (fever) का नाश करने, सांस की बदबू मिटाने, कैंसर की रोकथाम करने, गले का संक्रमण दूर करने, घावों को जल्दी भरने, मांसपेशियों को मजबूत बनाने तथा गर्भवती महिलाओं में पोषण की आपूर्ति करने में लाभदायक होता है।
गन्ने के रस की तासीर ठंडी होती है, इसलिए गन्ने का रस पीने का सही समय गर्मियों (summer) का होता है। मुख्य भोजन से पहले ख़ाली पेट (empty stomach) गन्ने का रस पीने के फायदे (benefits of sugarcane juice in Hindi) सबसे अधिक माने जाते हैं। सेवन से पहले गन्ने के रस में नींबू, पुदीना, काला नमक व अदरक मिलाना और भी अधिक स्वादिष्ट व प्रभावी गन्ने का रस बनाने की विधि है।
गन्ने के रस की खीर बनाने की विधि यहाँ से देखें। गन्ने के रस के फायदे अनंत हैं, पर इस बात का ध्यान रखें कि किसी भी अस्वच्छ स्थान पर गन्ने का रस नहीं पिएं और न ही 15 मिनट से अधिक समय से रखे हुए गन्ने के रस का सेवन करें, अन्यथा स्वास्थ्य पर इसके प्रतिकूल प्रभाव भी हो सकते हैं।
इस आर्टिकल में हमने आपसे गन्ने के जूस के फायदे साझा किए। कैसा लगा आपको हमारा ये आर्टिकल, हमें बताइए, साथ ही इसे साझा कीजिए अपने दोस्तों और परिवारजनों के साथ। ऐसी ही महत्वपूर्ण जानकारी और नई-नई फ़ूड रेसिपीज़ (Food Recipes) के लिए जुड़े रहिए BetterButter के साथ!
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हिमांशु एक लेखक हैं और उन्हें खान-पान, आयुर्वेद, अध्यात्म एवं राजनीति से सम्बंधित विषयों पर लिखने का अनुभव है। इसके अलावा हिमांशु को घूमना, कविताएँ लिखना-पढ़ना और क्रिकेट देखना व खेलना पसंद है।
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