कोलन कैंसर (पेट के कैंसर) होने के कारण और लक्षण

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कोलन कैंसर बड़ी आंत (कोलन) में होने वाली कैंसर है, जो आपके पाचन तंत्र का अंतिम भाग है। कोलन कैंसर के ज्यादातर मामले एडेनोमेटस पॉलीप्स नामक कोशिकाओं के छोटे समूहों से शुरू होते हैं। समय के साथ इनमें से कुछ पॉलीप्स कोलोन कैंसर बन सकते हैं। इसके ईलाज में डॉक्टर कैंसर की पहचान करने से पहले पॉलीप को पहचानने और उसे बढ़ने से रोकने के लिए नियमित जांच परीक्षणों की सलाह देते हैं। कोलन कैंसर होने के मुख्य कारण निम्नलिखित हैं:

1. बढ़ती उम्र-

कोलन कैंसर से पीड़ित 90% से अधिक लोगों की उम्र 50 वर्ष से ज्यादा होती है। पर आजकल 15- 39 वर्ष के लोगों के बीच ये बिमारी काफी तेजी से फ़ैल रही है। विशेषज्ञ भी इसके पीछे छिपे कारण को अब तक जान नहीं पाए।

2. मोटापा-

कोलन कैंसर होने की एक मुख्य वजह मोटापा है। मोटे लोगों में कोलन कैंसर होने का खतरा सामान्य वजन के लोगों की तुलना में 30 प्रतिशत अधिक होता है। पर नियमित रूप से व्यायाम करने से कोलन कैंसर के विकास को रोका जा सकता है।

3. मधुमेह-

मधुमेह से ग्रसित लोगों में कोलन कैंसर होने का खतरा ज्यादा होता है।

 

4. विकिरण-

पेट, श्रोणि या रीढ़ पर पड़ने वाले विकिरण पेट के कैंसर के जोखिम को बढ़ाते हैं। शोध से यह भी पता चला है कि जिन लोगों ने प्रोस्टेट और टेस्टिकुलर कैंसर के ईलाज के लिए विकिरण चिकित्सा का सहारा लिया, उनमे कोलन कैंसर होने का खतरा अधिक होता है।

 

5. अनुवांशिकता-

शोध से पता चला है कि पेट के कैंसर के एक चौथाई मामले अनुवांशिकता की वजह से होते हैं। इसलिए यदि आपके परिवार का कोई सदस्य (भाई, बहन, पिता, माता, बच्चा) कोलन कैंसर या पॉलीप्स से ग्रसित है तो आपके शरीर में इसके आने की सम्भावना बढ़ जाती है। इस प्रकार होने वाले कोलन कैंसर के सबसे आम रूप है पारिवारिक एडिनोमेटस पॉलीपोसिस सिंड्रोम (FAP) और वंशानुगत नॉनपोलिपोसिस कोलोरेक्टल कैंसर सिंड्रोम (HNPCC)।

 

6. पहले से कॉलोनिक पॉलीप्स की समस्या रहना-

एडिनोमेटस पॉलीप्स होने से पेट के कैंसर के विकास का खतरा बढ़ जाता है। पोलिप जितना बड़ा होता है
उतना ही ज्यादा खतरनाक भी होता है।

 

7. धूम्रपान-

कभी-कभी धूम्रपान करने वालों में कोलन कैंसर विकसित होने की संभावना दूसरे लोगों की तुलना में 18 प्रतिशत अधिक होती है। पर, जैसे ही कोई व्यक्ति धूम्रपान छोड़ता है, उनके पेट के कैंसर का जोखिम भी घटने लगता है।

 

इससे निपटने के लिए इसके लक्षणों के बारे में जानना बहुत ही आवश्यक है। कोलन कैंसर के लक्षण कुछ इस प्रकार हैं-

  • पेट में दर्द होना।
  • मल में खून आना।
  • पेट का फूलना।
  • अचानक से वजन का घटना।
  • एनीमिया से पीड़ित होना।
  • चक्कर आना।
  • उल्टी होना।

ऊपर दिए गए किसी भी लक्षण के लम्बे समय तक होने पर डॉक्टर से अवश्य सलाह लें।

चित्र श्रोत: Pixabay, NCI visuals online, wikimedia commons, The blue diamond

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