पेट में अल्सर होने के कारण और लक्षण

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पेट का अल्सर क्या है?

पेट के अल्सर को पेप्टिक अल्सर भी कहा जाता है, इसमें पेट के आंतरिक परत में घाव होने लगते हैं। भोजन को पचाने के लिए, पेट एक मजबूत एसिड पैदा करता है। पेट में म्यूकस की एक मोटी परत बनती है जो इस एसिड को पेट के ऊतक को प्रभावित करने से रोकने का काम करती है। जब म्यूकस की परत प्रभावी ढंग से काम नहीं करती, तो एसिड की वजह से पेट में घाव बनने शुरू हो जाते हैं। इन्ही खुले घावों को अल्सर कहा जाता है।

 

कारण

लम्बे समय से पेट में मौजूद अत्यधिक एसिड को ही अल्सर का प्राथमिक कारण माना जाता था। लेकिन अब, इस विषय पर अधिक रिसर्च करने के बाद, विशेषज्ञों ने इसके कुछ अन्य कारण भी बताये हैं।

 

1.एच. पाइलोरी (H. pylori):

पेट की म्यूकस लाइनिंग में बैक्टीरिया होते हैं जिन्हे हेलिकोबैक्टर पिलोरी कहते हैं। सामान्य परिस्थितियों में यह बैक्टीरिया कोई समस्या पैदा नहीं करते हैं और आंत में शांतिपूर्वक रहते हैं। लेकिन स्थिति के बिगड़ने पर ये पेट में मौजूद एसिड की मात्रा को बढ़ा देते हैं जिससे आंतरिक सूजन होती है और अल्सर का गठन होता है।

 

2.दर्द की दवाईयाँ:

नोन्सटेरॉइडल रोग प्रतिरोधक ड्रग्स (एनएसएआईडी) के अंदर आने वाली दर्द की दवाइयों के लगातार सेवन से भी पेट में अल्सर के होने का खतरा बढ़ता है। ये दवाईयाँ आंतरिक लाइनिंग को उत्तेजित करती हैं जिनसे सूजन होती है और परिणामस्वरूप दर्द होता है।

 

3.अन्य दवाएं:

दर्द की दवाईयों को जब दूसरी दवाईयों, जैसे लो डोज़ एस्पिरिन, स्टेरॉयड, एंटीकोगुल्टेंट इत्यादि के साथ लिया जाता है तब पेट में अल्सर के होने की संभावना बढ़ जाती है। पेट के अल्सर के कुछ अन्य ज्ञात कारणों में अतिसंवेदनशीलता और ज़ोलिंगर-एलिसन सिंड्रोम जैसी बीमारियां शामिल हैं जो पेट में अत्यधिक एसिड उत्पन्न करती हैं।

 

जोखिम

बढ़ती उम्र के लोग ज्यादातर दर्द की दवाईयों का सेवन करते हैं इसलिए उनमे अल्सर के होने का खतरा बढ़ जाता है। युवा पीढ़ी भी अगर लगातार दर्द निवारक दवाईयों का सहारा लेते हैं तो उन्हें भी इस समस्या का सामना करना पड़ सकता है। अन्य जोखिम कारकों में शामिल हैं-

  • अनुवांशिकता
  • धूम्रपान
  • मसालेदार भोजन
  • तनाव
  • स्टेरॉयड का अधिक उपयोग
  • शराब का अत्यधिक उपयोग
  • हाइपरक्लेसेमिया या कैल्शियम का अधिक उत्पादन

पेट में अल्सर बच्चों में असामान्य है, हालांकि उनके माता-पिता के धूम्रपान करने से इसका प्रभाव बच्चों पर पड़ सकता है।

उपर्युक्त कारक अल्सर का कारण नहीं बनते, लेकिन वे उसके लक्षणों को ठीक होने नहीं देते। पेट के अल्सर के ठीक नहीं होने का सबसे प्राथमिक कारण है धूम्रपान।

 

लक्षण

पेट के अल्सर से पीड़ित लगभग 75 प्रतिशत लोगों को इसके लक्षण समझ नहीं आते। पर इसके लक्षण कुछ इस प्रकार हो सकते हैं-

  • पेट में दर्द या जलन। रात के वक़्त जब पेट खाली रहता है तब ये समस्या और बढ़ सकती है।
  • पेट का भरा हुआ महसूस होना
  • सूजन होना
  • नाखुश रहना
  • मन मचलना
  • अनपच होना
  • तले हुए और रिच फ़ूड का न पचना

 

अल्सर का इलाज नहीं करने पर इसके लक्षण और गंभीर हो सकते हैं। ये गंभीर लक्षण कुछ इस प्रकार हैं:

  • छाती में दर्द
  • मल में खून
  • भूख में बदलाव
  • सांस लेने में कठिनाई
  • अचानक से घटता हुआ वजन
  • खून की उल्टी
  • पेट में दर्द
  • चक्कर आना

 

कभी-कभी, कुछ अल्सर इतने छोटे होते हैं की उनके कोई भी लक्षण नहीं दिखते। इनसे खून बहने के बाद ही इनका निदान किया जाता है। कुछ अल्सर इतने मजबूत होते हैं कि वे पेट में एक छिद्र पैदा कर देते हैं।

हालांकि पेट के अल्सर का इलाज करना आसान होता है, पर अगर इनका इलाज नहीं किया जाता, तो वे आंतरिक रक्तस्राव जैसी गंभीर समस्याओं का कारण बन सकते हैं जिससे भारी रक्तचाप, छिद्रण, गंभीर संक्रमण और बाधा उत्पन्न होती है, जो पाचन तंत्र के माध्यम से भोजन के मार्ग को बाधित करती है।

 

चित्र स्रोत: Wiki commons, Pxhere and Pixabay

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