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ऑस्टियोपोरोसिस  (हड्डियॉं का कमजोर होना ) के कारण, लक्षण और इलाज

Parul Sachdeva | जुलाई 4, 2018

विशेषज्ञों के अनुसार केवल भारत में लगभग 2.5 करोड़ लोग ऑस्टियोपोरोसिस से पीड़ित हैं | ज्यादातर वयस्क, मध्यम आयु वर्ग या बुजुर्ग महिलाएं ही इससे ग्रसित होती हैं | यह एक ऐसी स्तिथि है जिसमे हड्डियाँ इतनी कमजोर हो जाती हैं कि जरा से झटके या गिरने पर हड्डी टूटने तक की संभावना होती है | और सबसे ज्यादा खतरा होता है रीढ़ की हड्डी, कलाही और कूल्हों को | ऑस्टियोपोरोसिस का परीक्षण कूल्हों पर ड्यूल -एनर्जी एक्स-रे अवशोषणमापी द्वारा किया जाता हैं |

बहुत से ऐसे कारण हैं जो ऑस्टियोपोरोसिस को अंजाम देते हैं –

 

1)एस्ट्रोजन में कमी-

एंडोक्रिनोलोजिस्ट का मानना है कि औरतों की हड्डियाँ कमजोर होने का कारण है मेनोपौज़ क्योंकि इसी स्तिथि में बुजुर्ग महिलाओं के शरीर में एस्ट्रोजन की कमी हो जाती है और धीरे-धीरे बुजुर्ग महिलाओं में ऑस्टियोपोरोसिस का खतरा बढ़ता चला जाता है |  सर्जन जनरल की लेटेस्ट रिपोर्ट “बोन हेल्थ एंड ऑस्टियोपोरोसिस” में तो ये तक बताया गया है कि युवा महिलाएं जैसे कोई दुबली पतली एथलीट या लड़की जिसका मासिक धर्म होना बंद हो गया है वो भी ऑस्टियोपोरोसिस का आसानी से शिकार बन जाती है | एक और रिपोर्ट के मुताबिक़ बाइलेटरल ऊफॉरेक्टमी सर्जरी (दोनों ओवरीज़ का हट जाना) भी महिलाओं में ऑस्टियोपोरोसिस होने का रिस्क 54 % बढ़ा देता है | सिर्फ औरतों को ही नहीं पुरूषों को भी अपनी हड्डियों को स्वस्थ्य रखने के लिए एस्ट्रोजन की जरुरत होती है | लेकिन पुरूषों के शरीर में एस्ट्रोजन सीधे रूप से नहीं बनता बल्कि टेस्टोस्टेरोन ही एस्ट्रोजन में परिवर्तित हो जाता है | इसका मतलब है जिन पुरूषों में टेस्टोस्टेरोन की कमी होती है वो भी ऑस्टियोपोरोसिस के जोखिम से जूझते हैं |

 

2)बाकी हार्मोन्स का असंतुलित होना

आपकी हड्डियों का घनत्व बनाये रखने में विभिन्न हार्मोन्स का बहुत बड़ा योगदान होता है जैसे पैराथाइरॉइड और ग्रोथ (वृद्धि) हॉर्मोन | यही वो हार्मोन होते हैं जो हड्डियों को रास्ता दिखाते हैं कि कैल्शियम का प्रयोग कैसे किया जाए | पर पैराथाइरॉइड हार्मोन की मात्रा ज्यादा होना मतलब ह्यपरपारथीरोइडिस्म -जिससे कैल्शियम पेशाब के रास्ते शरीर से बाहर निकलने लगता है और जो हड्डियों को कमजोर बनाता है | कम कैल्शियम का मतलब है कमजोर हड्डियाँ | और जैसे जैसे हमारी आयु बढ़ती है हमारा शरीर ग्रोथ हार्मोन बनाना कम कर देता है जो हड्डियों को मजबूत रखने के लिए आवश्यक है |

 

3)कैल्शियम की कमी

सबसे बहुमूल्य मिनरल होता है कैल्शियम जो नयी हड्डियों को बनाने और हड्डियों को मजबूत रखने में सहायक होता है | हड्डियाँ 2 मिनरलों से बनी होती हैं – कैल्शियम और फॉस्फोरस | हमारे अंग जैसे हृदय, तंत्रिकाओं और मांसपेशियों का सही कार्य करने का एक जरिया होता है कैल्शियम | और जब इन अंगो में कैल्शियम की मात्रा कम होती है तो ये अंग हड्डियों से अपना कैल्शियम लेते हैं और धीरे-धीरे हड्डियों में कैल्शियम कम होता जाता है | इसके चलते हड्डियाँ पतली तथा कमजोर हो जाती हैं |

 

4)विटामिन D की कमी

जब शरीर में विटामिन D की कमी होती है तो इसका पूरा असर हड्डियों पर जाता है | विटामिन D से मिलने वाला कैल्सिट्रिओल शरीर में कैल्शियम का सही उपयोग करने में सहायक होता है | विटामिन D की कमी मतलब कमजोर हड्डियाँ |

 

लक्षण-

बिना किसी लक्षण के भी आप सालो-साल ऑस्टियोपोरोसिस झेल रहे होते हैं | इसका पता तब तक नहीं चलता जब कोई फ्रैक्चर (हड्डी टूटना) नहीं होता | सबसे मुख्य लक्षण है गंभीर दर्द जो फ्रैक्चर के स्थान पर निर्भर करता है | महिलाओं और पुरूषों, दोनों में ही ऑस्टियोपोरोसिस के लक्षण सामान हैं जैसे कमर दर्द, जल्दी थक जाना,रीढ़ की हड्डी मुड़ जाना या स्ट्रेस फ्रैक्चर |

 

उपचार –

 

1)सही पोषण

बचपन से ही अपने आहार में कैल्शियम की एक सही मात्रा लेने से हड्डियों का ठीक ढंग से विकास होता है| सिर्फ अपने खाने में कैल्शियम लेना या फिर कैल्शियम सप्लीमेंट लेना ऑस्टियोपोरोसिस का इलाज नहीं है | हड्डियों के स्वास्थय को बनाये रखने के लिए हरी सब्जियाँ खाना भी उतना ही जरुरी है क्योंकि ये पोषक तत्वों से भरपूर होती हैं | बीन्स, फ्लेक्ससीड्स, ओमेगा-3 से प्रचुर खाद्य पदार्थ जैसे फिश और कॉड-लिवर में भी हड्डियों को मजबूत बनाने की क्षमता होती है |

 

2)हॉर्मोन रिप्लेसमेंट  थेरेपी (HRT)

हॉर्मोन रिप्लेसमेंट  थेरेपी (HRT) और एस्ट्रोजन रिप्लेसमेंट थेरेपी(ERT) का प्रयोग शुरू में मेनोपॉज़ के लक्षणों के इलाज के लिए किया जाता था लेकिन अब इन उपचारो को ऑस्टियोपोरोसिस से बचने और इसका इलाज करने की स्वीकृति मिल गयी हैं | ऐसा इसीलिए होता है क्योंकि एस्ट्रोजन के स्तर में कमी हड्डियों के घनत्व को कम करती हैं |  HRT और ERT के द्वारा एस्ट्रोजन की कमी को पूरा करने से मिनरल का नुक्सान रुक जाता है और इस समस्या से आराम मिलता है |

 

चित्र स्त्रोत -Wikimedia, Health.mil, Piaxabay, Public Domain Pictures.

 

Parul Sachdeva

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